मुंबई के गोरेगांव पूर्व इलाके में स्थित राम मंदिर के नजदीक एक सार्वजनिक शौचालय के भीतर रहस्यमयी और अत्यधिक जहरीली रासायनिक गंध फैलने की वजह से दो नौजवानों की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम उठाए हैं। इस মর্মান্তिक दुर्घटना के तुरंत बाद सोमवार के दिन बीएमसी का भारी अमला पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचा और इलाके में ताबड़तोड़ अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू कर दिया। भारी बुलडोजर की मदद से अवैध रूप से बनाई गई झोपड़ियों और अन्य अनधिकृत ढांचों को नेस्तनाबूद किया जा रहा है ताकि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कायम रहे।
दर्दनाक हादसे का विवरण और पीड़ितों की पहचान
यह पूरी कार्रवाई उस सनसनीखेज घटना के ठीक एक दिन बाद शुरू की गई है, जब सार्वजनिक शौचालय के अंदर खतरनाक रासायनिक धुएं और गंध के कारण दो लोगों ने दम तोड़ दिया था। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान 24 वर्षीय प्रभाकर धनिवार और 18 वर्षीय भाविन देसाई के रूप में की गई है। घटना की जानकारी मिलते ही आनन-फानन में दोनों पीड़ितों को गंभीर हालत में इलाज के लिए नजदीकी ट्रॉमा केयर अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार यह पूरा मामला रविवार 27 सितंबर की सुबह प्रकाश में आया, जब स्थानीय निवासियों ने मृणालताई पुल के निकट पारसी पंचायत गेट के सामने बने सार्वजनिक शौचालय से अत्यधिक तेज और दमघोटू रासायनिक गंध आने की सूचना अधिकारियों को दी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
विभिन्न प्रशासनिक एजेंसियों की संयुक्त जांच और निरीक्षण
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुंबई फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस, 108 एम्बुलेंस सेवा और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण यानी MPCB की तमाम टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और राहत तथा जांच कार्य शुरू किया गया। इसके साथ ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी के संबंधित वार्ड के अधिकारी और कर्मचारी भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। इन सभी तकनीकी और प्रशासनिक टीमों ने बारीकी से पूरे परिसर का मुआयना किया ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर उस सार्वजनिक शौचालय के भीतर इतनी खतरनाक रासायनिक गंध का मुख्य स्रोत क्या था। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया जा सका है कि शौचालय के अंदर वास्तव में कौन सा जहरीला केमिकल मौजूद था और वह खतरनाक पदार्थ वहां तक किस प्रकार पहुंचा। जांच एजेंसियां इस बात का भी गहराई से अध्ययन कर रही हैं कि उस रसायन की प्रकृति क्या थी और उसके रिसाव के पीछे की असली वजह क्या रही होगी।
अवैध इकाइयों और अतिक्रमण पर बीएमसी की बड़ी कार्रवाई
घटना के बाद जब इलाके की सघन छानबीन की गई तो यह तथ्य सामने आया कि उस सार्वजनिक शौचालय के बिल्कुल आसपास साई इलेक्ट्रोप्लेट नाम की एक औद्योगिक इकाई संचालित हो रही थी, जहां विभिन्न प्रकार के रासायनिक पदार्थों का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाता था। इसके अलावा यह बात भी सामने आई कि जिस गाला के भीतर यह गतिविधि चल रही थी और उसके आसपास बनी कई अन्य झोपड़ियां पूरी तरह से अवैध और अनधिकृत थीं। इन्हीं गंभीर अनियमितताओं और मौतों के प्रभाव को देखते हुए बीएमसी ने सोमवार को बुलडोजर के जरिए अवैध निर्माणों को गिराने की सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासन के इस कदम को सीधे तौर पर एक दिन पहले हुई दो युवकों की अकाल मौत से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसके बाद अनधिकृत निर्माणों पर शिकंजा कसा गया है।
वनराई पुलिस की गिरफ्तारी और आगे की कानूनी प्रक्रिया
इस पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए वनराई पुलिस ने साई इलेक्ट्रोप्लेट से जुड़े गाला के मालिक नवीनभाई चावड़ा को हिरासत में लेते हुए गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय कानूनों के तहत सुसंगत धाराओं में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अब इस बात की भी कड़ियां जोड़ने में जुटी है कि आखिर वह रासायनिक पदार्थ या उसकी जानलेवा गंध किस रास्ते से सार्वजनिक शौचालय तक पहुंची और इस पूरे लापरवाही भरे हादसे के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसकी जिम्मेदारी तय होती है।
हादसे के बाद उठ रहे गंभीर सवाल और आगे की जाँच
दो युवकों की असमय मौत के बाद सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यही बना हुआ है कि आखिर सार्वजनिक शौचालय जैसी सार्वजनिक जगह के भीतर इतना तीव्र रासायनिक प्रभाव कैसे और किन परिस्थितियों में पहुंच गया। इसके अलावा उस घातक रासायनिक पदार्थ के मूल स्रोत का पता लगाना और क्या इसका संबंध आसपास चल रही व्यावसायिक गतिविधियों से था, यह भी पुलिस और प्रशासन के लिए मुख्य जांच का विषय बना हुआ है। फिलहाल बीएमसी, पुलिस, दमकल विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अलग-अलग टीमें संयुक्त रूप से इस पूरे प्रकरण की तह तक जाने का प्रयास कर रही हैं। रासायनिक पदार्थ की सटीक पहचान और घटनास्थल से जुड़े सभी फोरेंसिक तथ्यों की विस्तृत रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस दर्दनाक हादसे की असल वजह पूरी तरह साफ हो पाएगी, जबकि इस बीच बीएमसी का बुलडोजर एक्शन और पुलिस की पूछताछ लगातार जारी है।



















