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देवेंद्र फडणवीस का राहुल गांधी पर तीखा हमला, कहा- दिमाग चोरी हो गया हैमहाराष्ट्र
27 सित॰ 2026, 2:58 pm (15 मिनट पहले)· 0

देवेंद्र फडणवीस का राहुल गांधी पर तीखा हमला, कहा- दिमाग चोरी हो गया है

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एसआईआर विवाद को लेकर राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि कोई वोट चोरी नहीं हुई है, बल्कि राहुल गांधी का दिमाग चोरी हो गया है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एसआईआर को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। सीएम फडणवीस ने एक तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान जिन निर्वाचन क्षेत्रों में एसआईआर की वजह से मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट आई, उनमें से कम से कम 15 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी ने जीत हासिल की। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यदि एसआईआर के माध्यम से भाजपा विरोधी मतों को ही हटाया गया था, तो फिर उन्हीं क्षेत्रों में टीएमसी कैसे विजयी होकर सामने आई। एसआईआर की पूरी प्रक्रिया में प्रत्येक राजनीतिक दल को अपने बूथ स्तर के एजेंट नियुक्त करने की पूरी छूट और अधिकार मिलता है तथा बीएलए को किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराने का कानूनी अधिकार प्राप्त होता है।

मतदाता सूची में आपत्ति दर्ज कराने का पूरा मौका

मुख्यमंत्री ने आगे विस्तार से बताया कि कोई भी व्यक्ति मतदाता सूची के प्रत्येक पन्ने और हर एक नाम की गहनता से जांच करके आपत्ति दर्ज करा सकता है। यदि किसी वैध और पात्र मतदाता का नाम गलती से सूची से बाहर हो जाता है, तो निर्धारित प्रावधानों के तहत आपत्ति दर्ज करने का अवसर हमेशा खुला रहता है। इसी तरह यदि किसी अन्य व्यक्ति का नाम भी सूची में नहीं जुड़ पाया है, तो उसके लिए भी आपत्ति उठाई जा सकती है। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में विपक्षी दल शामिल नहीं होते हैं, जबकि उन्हें अच्छी तरह मालूम होता है कि यह प्रशासनिक प्रक्रिया लगातार चल रही है। यदि इस लंबी प्रक्रिया के दौरान पांच से दस प्रतिशत तक की कोई छोटी-मोटी त्रुटि हो भी जाए और किसी मतदाता का नाम छूट जाए, तो वह व्यक्ति बाद में प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है।

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केवल हंगामा खड़ा करना चाहती है कांग्रेस

देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया कि विपक्ष को इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग नहीं लेना है, बल्कि उनका एकमात्र उद्देश्य केवल राजनीतिक हंगामा खड़ा करना है। उन्हें यह बात अच्छी तरह पता चल चुकी है कि जनता उन्हें स्वीकार नहीं कर रही है और उनके पास उठाने के लिए कोई ठोस मुद्दे भी नहीं बचे हैं, जिसके कारण इस प्रकार के मनगढ़ंत विवाद पैदा किए जा रहे हैं। उन्होंने बहुत स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की कोई वोट चोरी नहीं हुई है, बल्कि राहुल गांधी का अपना दिमाग ही चोरी हो चुका है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनोखे अंदाज में यह निवेदन भी किया कि एक ऐसी विशेष समिति का गठन किया जाना चाहिए जो उनका दिमाग ढूंढकर उन्हें वापस लौटा सके, ताकि वे देशहित में सही, सच्ची और सार्थक बातें कर सकें।

संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की सोची-समझी रणनीति

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे इस बात को पहले से लगातार कहते आ रहे हैं कि राहुल गांधी भले ही अपने हाथों में संविधान की प्रति लेकर घूम रहे हों, लेकिन उनकी असली योजना और रणनीति कुछ और ही है। संविधान को मंच पर आगे रखकर देश की तमाम प्रमुख संवैधानिक संस्थाओं को लगातार बदनाम करना, उनके कामकाज के प्रति आम नागरिकों के मन में अनगिनत सवाल खड़े करना और लोगों का इन संस्थाओं से पूरी तरह विश्वास डिगा देना ही उनका मुख्य उद्देश्य है। इस तरह की परिस्थितियां पैदा करके वे देश के भीतर अराजकता और एनार्की की स्थिति लाना चाहते हैं।

कम्युनिस्ट व्यवस्था की तरफ देश को ले जाने का प्रयास

देवेंद्र फडणवीस ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि राहुल गांधी देशवासियों के मन में यह गहरी भावना भरना चाहते हैं कि हमारे संविधान के जरिए बनाई गई लोकतांत्रिक प्रणाली हमें कभी न्याय नहीं दिला सकती है और इसके बाद वे इस पूरी व्यवस्था को उखाड़कर एक साम्यवादी या कम्युनिस्ट व्यवस्था की तरफ धकेलना चाहते हैं। उनका यह मानना है कि राहुल गांधी ने एक इसी प्रकार का नापाक डिजाइन तैयार किया है और इसी डिजाइन को वे इन तमाम हथकंडों के माध्यम से देश में लागू करना चाहते हैं। चाहे चुनाव आयोग हो, सर्वोच्च न्यायालय हो, भारतीय रिजर्व बैंक हो या फिर सीएजी हो, वे हर एक संवैधानिक संस्थान पर बेवजह सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं।

बाबासाहेब के संविधान की मजबूती पर भरोसा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा निर्मित यह महान संविधान इतना कमजोर है कि इसकी संवैधानिक संस्थाएं इतनी आसानी से समाप्त हो गई हैं या समाप्त की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें राहुल गांधी का यह पूरा षड्यंत्र बहुत साफ नजर आ रहा है जो देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं। इसी सुनियोजित साजिश के तहत कोई भी अखबार ऐसी खबरें छाप देता है जिनका ना तो कोई आधार होता है और ना ही कोई सबूत होता है। लेकिन जब देश के तीनों चुनाव आयुक्तों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, उसके बाद इनका पूरा झूठ जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो गया।

चुनाव आयुक्तों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस से खुला सच

मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस बात पर जोर दिया कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने देश के सामने यह स्पष्ट कर दिया कि जितने भी फैसले लिए गए हैं, वे सभी आपसी सहमति से लिए गए हैं। सभी निर्णय पूर्ण सर्वसम्मति से हुए हैं और हर एक एजेंडे पर लंबी चर्चा करने के बाद ही मुहर लगाई गई है। तीनों आयुक्तों ने यह भी साफ किया कि एसआईआर का निर्णय भी एक साझा निर्णय था और इस मामले में किसी की भी कोई अलग राय नहीं थी तथा फाइल पर भी कोई असहमति दर्ज नहीं की गई थी। कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र के बारे में भी यह स्पष्ट कर दिया गया कि वह कोई नीतिगत विषय से जुड़ा पत्र नहीं था, बल्कि वह प्रतिनियुक्ति पर की गई एक नियुक्ति और उससे जुड़े कुछ असमंजस से संबंधित पत्राचार था। इसलिए नीतिगत मामलों को लेकर ना तो कभी कोई चर्चा हुई और ना ही कोई विवाद है।

नैरेटिव गढ़कर अदालत में माफी मांगना पुरानी आदत

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी जानबूझकर देश की आम जनता के मन में संदेह के बीज बोना चाहते हैं और उनकी यह सोची-समझी रणनीति जनता को लगातार भ्रमित करने की है। वे देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्थाओं को लेकर भ्रम फैला रहे हैं और इसी के जरिए अराजकता फैलाना चाहते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि ये वही राहुल गांधी हैं जिन्होंने चौकीदार चोर है का झूठा नैरेटिव देश में खड़ा किया था और बाद में सर्वोच्च न्यायालय में जाकर माफी मांगनी पड़ी थी। इसके अलावा वे देश के वीर जवानों का मनोबल गिराने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते हैं।

सर्जिकल स्ट्राइक और जवानों पर उठाए गए सवाल

मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि जब भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक को सफलता पूर्वक अंजाम दिया था, तब भी उन्होंने उस पर सवाल उठाए थे और जब एयरस्ट्राइक हुई तब भी उन्होंने अपनी बयानबाजी बंद नहीं की थी। यहाँ तक कि माइनस 40 डिग्री सेल्सियस के कड़ाके की ठंड में चीन की सीमाओं पर डटकर मुकाबला करने वाले और हमारे जवानों की सुरक्षा करने वाले सैनिकों के बारे में यह कहना कि चीनी सैनिक उन्हें पीट रहे हैं, सीधे तौर पर उनके मनोबल को तोड़ने का काम है। वे लगातार झूठ का सहारा लेते हैं और बाद में अदालत के सामने माफी मांगते हैं। उनकी इस राजनीति में उन्हें किसी का भी समर्थन नहीं मिलने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कांग्रेस और विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा है कि वे हर उस साजिश का हिस्सा हैं जिससे हमारे लोकतंत्र को नुकसान पहुंचे।

सवाल-जवाब

देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी पर क्या मुख्य आरोप लगाया?
सीएम फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं और अराजकता फैलाना चाहते हैं।
पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर फडणवीस ने क्या तर्क दिया?
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में एसआईआर के कारण वोट कम हुए, वहां टीएमसी ने जीत हासिल की, जिससे साबित होता है कि कोई वोट चोरी नहीं हुई।
चुनाव आयुक्तों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या स्पष्ट किया गया?
चुनाव आयुक्तों ने स्पष्ट किया कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और एसआईआर का निर्णय भी एक साझा निर्णय था।
मतदाता सूची में नाम छूटने पर क्या किया जा सकता है?
यदि किसी पात्र मतदाता का नाम छूट जाता है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·5 मिनट पहले

राजनीति में इस तरह की बयानबाजी अब आम बात हो गई है, लेकिन क्या चुनाव आयोग को इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं देना चाहिए? जनता के मन में जो भ्रम फैल रहा है, उसे दूर करने की जिम्मेदारी किसकी है?

Rohan Verma@rohan-verma·4 मिनट पहले

करण भाई, चुनाव आयोग को हर बात पर सफाई क्यों देनी चाहिए? जब विपक्ष खुद प्रक्रिया में शामिल ही नहीं होता, तो शक का फायदा उन्हें क्यों दें?

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