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गोकुल पर महाराष्ट्र सरकार का नया अध्यादेश लागू, चार सरकारी संचालकों को मिला वोटिंग का अधिकारमहाराष्ट्र
7 नव॰ 2026, 12:13 am (3 घंटे पहले)· 0

गोकुल पर महाराष्ट्र सरकार का नया अध्यादेश लागू, चार सरकारी संचालकों को मिला वोटिंग का अधिकार

महाराष्ट्र सरकार ने कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ (गोकुल) को लेकर एक नया अध्यादेश जारी किया है, जिसके तहत चार सरकारी संचालकों को वोटिंग का अधिकार मिल गया है।

महाराष्ट्र सरकार ने कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ यानी गोकुल को लेकर एक अहम कदम उठाते हुए नया अध्यादेश लागू कर दिया है। इस नए आदेश के दायरे में आने वाली संस्थाओं में सरकार चार नए शासन नियुक्त संचालकों की नियुक्ति करने जा रही है, जिन्हें संघ के फैसलों और कामकाज में मतदान करने का पूरा अधिकार भी सौंपा गया है.

नया अध्यादेश और इसके नियम

अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार शुक्रवार को महाराष्ट्र सहकारी समितियां (संशोधन) अध्यादेश, 2026 जारी किया गया है। इसके जरिए महाराष्ट्र सहकारी समितियां अधिनियम, 1960 की धारा 73AAA में संशोधन किया गया है और यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। यह नया प्रावधान उन सभी संघीय सहकारी समितियों पर लागू होगा, जिनमें जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को शामिल नहीं किया गया है, बशर्ते उनका सालाना कारोबार 500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो और उन्हें राज्य सरकार से शेयर पूंजी, लोन, गारंटी, अनुदान, जमीन या किसी अन्य वित्तीय अथवा गैर-वित्तीय रूप में मदद मिली हो.

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कैबिनेट के फैसले के बाद राजनीतिक सरगर्मी

इस पूरी प्रक्रिया से तीन दिन पहले ही महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में इस बारे में आधिकारिक फैसला ले लिया गया था, जिस पर अब अध्यादेश आने के बाद औपचारिक मुहर लग गई है। सरकार के इस कदम के बाद से कोल्हापुर की स्थानीय राजनीति में हलचल काफी तेज हो गई है और इसका विरोध भी शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता सतेज (बंटी) पाटिल ने सोशल मीडिया पर इस फैसले पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब यह देखना अहम होगा कि इस बदलाव का असर गोकुल के मौजूदा संचालक मंडल और आगामी अध्यक्ष पद के चुनावों पर किस तरह से पड़ता है.

सवाल-जवाब

गोकुल को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने कौन सा नया कदम उठाया है?
महाराष्ट्र सरकार ने एक नया अध्यादेश जारी किया है जिसके तहत गोकुल में चार नए शासन नियुक्त संचालक जोड़े जाएंगे और उन्हें वोटिंग का अधिकार दिया जाएगा।
यह अध्यादेश किस कानून में संशोधन करके लाया गया है?
यह अध्यादेश 'महाराष्ट्र सहकारी समितियां (संशोधन) अध्यादेश, 2026' है जिसके जरिए 'महाराष्ट्र सहकारी समितियां अधिनियम, 1960' की धारा 73AAA में संशोधन किया गया है।
यह नया प्रावधान किन संस्थाओं पर लागू होगा?
यह प्रावधान उन संघीय सहकारी समितियों पर लागू होगा जिनका वार्षिक कारोबार 500 करोड़ रुपये से अधिक है और जिन्हें राज्य सरकार से वित्तीय या गैर-वित्तीय सहायता मिलती है।
इस फैसले के बाद कोल्हापुर में क्या प्रतिक्रिया देखने को मिली है?
फैसले के बाद कोल्हापुर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और कांग्रेस नेता सतेज पाटिल ने इस निर्णय पर सवाल उठाए हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Riya Menon@riya-menon·1 घंटे पहले

गोकुल का दूध हम रोज पीते हैं, पर राजनीति इसमें क्यों घुस रही है? समझ नहीं आ रहा इससे मलाई बढ़ेगी या पानी।

Ravikash Gupta@ravikash·2 घंटे पहले

अरे सतेज पाटिल यूं ही नहीं भड़क रहे, गोकुल डेयरी पर सियासी पकड़ बनाने का ये गेम ही कुछ ऐसा है। चुनाव से ठीक पहले चार सरकारी वोट जोड़ना मतलब खेल तो बड़ा है!

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·2 घंटे पहले

रवि जी, पाकिस्तान में भी सरकारी दखल वाले ऐसे ही बोर्ड चुनाव से ठीक पहले खेल पलट देते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 घंटे पहले

पाँच सौ करोड़ टर्नओवर वाली सहकारी संस्थाओं में सीधे चार सरकारी नुमाइंद्रे बैठाना राजनीति गरमाने के लिए काफ़ी है।

Rohan Verma@rohan-verma·2 घंटे पहले

करण, आप सही कह रहे हैं, राजनीति तो गरमेगी ही। लेकिन क्या चुनाव से ठीक पहले ऐसा अध्यादेश लाना कानूनी रूप से टिक पाएगा?

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