महाराष्ट्र के जलगांव शहर में रक्षाबंधन के पावन पर्व की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब दशरथ नगर इलाके के एक 18 वर्षीय युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान रोहित साहेब राव धनगर के रूप में हुई है। इस दुखद घटना से ठीक पहले रोहित ने सोशल मीडिया पर अपनी बहन के नाम एक बेहद भावुक स्टेटस पोस्ट किया था, जिसमें उसने लिखा था कि "दीदी, अब सब कुछ तुम संभाल लेना। मम्मी-पापा को अकेला मत छोड़ना, मैं जा रहा हूं।" इसके साथ ही उसने "हैप्पी रक्षा बंधन ताई" का संदेश भी साझा किया था। जिस हाथ पर सुबह बहन ने प्यार से राखी बांधी थी, दोपहर में उसी हाथ के साथ युवक का शव अस्पताल पहुंचा तो परिजनों का कलेजा फट पड़ा।
त्योहार की सुबह और परिजनों की आवाजाही
प्राप्त जानकारी के अनुसार रोहित धनगर अपने माता-पिता और अपनी छोटी बहन के साथ असोदा रोड स्थित दशरथ नगर में निवास करता था। शुक्रवार, 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर सुबह रोहित ने अपनी छोटी बहन से बड़े प्रेम भाव के साथ राखी बंधवाई थी। इसके पश्चात वह अपनी बहन को मामा के गांव भेजने के लिए नए बस स्टेशन तक छोड़ने गया। त्योहार के कारण परिवार के अन्य सदस्य भी अलग-अलग स्थानों पर गए हुए थे। रोहित की मां अपने भाई को राखी बांधने के लिए चोपडा तालुका स्थित असोडा गांव गई हुई थीं। वहीं दोपहर के समय रोहित अपने पिता के साथ मेहरून इलाके में रहने वाली अपनी मौसी के घर रक्षाबंधन की रस्म और भोजन के लिए गया था।
नौकरी का बहाना बनाकर अकेला लौटा था घर
मेहरून में मौसी के घर रुकने के दौरान दोपहर करीब 2 बजे रोहित ने अपने पिता से कहा कि उसे काम के सिलसिले में एक जगह नौकरी मिल रही है और वह थोड़ी देर में वापस आ जाएगा। यह बात कहकर वह मेहरून से निकलकर सीधे दशरथ नगर स्थित अपने घर आ गया। उस समय घर पर कोई भी मौजूद नहीं था। खाली घर का फायदा उठाकर रोहित ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। कुछ समय बाद जब पड़ोसियों और रिश्तेदारों को घटना की भनक लगी, तो वे तुरंत उसे लेकर सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंचे। हालांकि वहां तैनात डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद रोहित को मृत घोषित कर दिया।
कलाई पर बंधी राखी देख रो पड़े रिश्तेदार
जब अस्पताल परिसर में परिजन पहुंचे और उन्होंने रोहित के बेजान शरीर को देखा, तो उसकी कलाई पर वही राखी बंधी हुई थी जो उसकी बहन ने सुबह बड़े प्यार से बांधी थी। यह दृश्य देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। रोहित एमआईडीसी क्षेत्र के सिद्धि विनायक विद्यालय में पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता एमआईडीसी इलाके में ही मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। रक्षाबंधन जैसे खुशी के दिन अचानक घटी इस अप्रत्याशित त्रासदी से पूरा दशरथ नगर इलाका गहरे सदमे में है। पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।



















