हरियाणा के गुरुग्राम स्थित आईएमटी मानेसर की एक क्रिकेट अकादमी में शुक्रवार दोपहर एक अत्यंत दुखद दुर्घटना घटी। परिसर में खेल रहे बच्चों से अनजाने में हुई एक चूक के कारण 8 साल के मासूम बच्चे की जान चली गई। क्रिकेट पिच को समतल करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले लगभग 750 किलोग्राम वजनी भारी रोलर के नीचे दबने से बालक गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
खेल-खेल में अचानक शुरू हो गई भारी मशीनरी
मृतक बच्चे की पहचान 8 वर्षीय आकाश कुमार के रूप में की गई है। आकाश मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का निवासी था और वर्तमान में अपने परिवार के साथ गुरुग्राम में रह रहा था। घटना शुक्रवार दोपहर लगभग 1 बजे की है, जब आकाश अपने बड़े चचेरे भाई नील और दो अन्य साथियों के साथ क्रिकेट अकादमी परिसर में मौजूद था।
खेलने के दौरान बच्चे मैदान में रखे उस भारी motorized रोलर पर चढ़ गए, जिसका प्रयोग पिच और आउटफील्ड को समतल बनाने के लिए किया जाता है। मशीन पर खेलते समय अचानक एक बच्चे का हाथ उसमें लगे मिनिएचर सर्किट ब्रेकर (MCB) के स्विच पर लग गया और स्विच ऑन हो गया। स्विच चालू होते ही 750 किलो वजनी रोलर अनियंत्रित होकर आगे-पीछे चलने लगा।
हादसे का घटनाक्रम और अस्पताल में डॉक्टरों की घोषणा
जैसे ही भारी रोलर अचानक आगे-पीछे हिलने-डुलने लगा, उस पर मौजूद आकाश अपना संतुलन खो बैठा और सीधे चलती हुई भारी मशीन के सामने गिर पड़ा। इससे पहले कि कोई समझ पाता, रोलर बच्चे के ऊपर से निकल गया और वह गंभीर रूप से कुचल गया। इस अचानक हुए हादसे से घबराकर बाकी बच्चे डर के मारे मौके से भाग निकले।
घटना के कुछ समय बाद जब अभ्यास के लिए क्रिकेट खिलाड़ी अकादमी परिसर पहुंचे, तो उन्होंने आकाश को पिच के पास अत्यंत गंभीर स्थिति में पड़ा देखा। खिलाड़ियों ने बिना समय गंवाए उसे नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बालक को मृत घोषित कर दिया।
परिजन का बयान और पुलिस की वैधानिक कार्रवाई
आकाश के मामा विकास कुमार ने बताया कि घटना की प्रारंभिक सूचना उसके चचेरे भाई नील के माध्यम से परिवार को मिली थी। शुरुआत में स्वजन को केवल यही बताया गया था कि आकाश चोटिल हो गया है। परिवार को दुर्घटना की गंभीरता और बच्चे की मृत्यु की दुखद खबर घटना के लगभग एक घंटे बाद मिल सकी।
शोकसंतप्त परिवार ने मामले में किसी भी प्रकार की साजिश या किसी व्यक्ति विशेष की लापरवाही की आशंका से इनकार किया है। स्वजन ने इस संदर्भ में किसी भी तरह की कानूनी शिकायत दर्ज कराने से मना कर दिया है। गुरुग्राम पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी संदीप तुरान के अनुसार, परिवार के दर्ज बयानों के आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत वैधानिक प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।


















