जापानी येन की मजबूती से बदल रही एशिया-प्रशांत क्षेत्र की विदेशी मुद्रा बाजार की दिशानगालैंड डियर लॉटरी रिजल्ट घोषित: 1 करोड़ रुपये के पहले इनाम के लिए ऐसे चेक करें विजेता सूचीमुजफ्फरपुर में बिजली के स्मार्ट मीटर छिपाकर ले जाई जा रही थी शराब, 48 पेटी बीयर समेत तीन गिरफ्तारकच्चे तेल की कीमतों में उछाल से यूरोपीयन सेंट्रल बैंक पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव, वैश्विक बाजारों में हलचलजयपुर की एक अनोखी गैलरी, जहां एक ही छत के नीचे सिमटी है दुनिया भर की दुर्लभ एंटिक चीजेंबोकारो में शुरू करें पेपर प्लेट का बिजनेस, ₹40000 लगाकर हर महीने होगी शानदार कमाईजीतू जोसेफ की मूल कहानी से लेकर अजय देवगन की दृश्यम 3 तक, जानिए इस क्राइम थ्रिलर फ्रैंचाइजी की पूरी यात्रासेना के जवान ने मरणोपरांत दिया जीवनदान, 16 मिनट में हिंडन एयरपोर्ट से फोर्टिस अस्पताल नोएडा पहुंचा दिलमध्य प्रदेश के मुरैना में घरेलू कलश से परेशान होकर महिला ने कुंवारी नदी में लगाई छलांग, पुलिस और गोताखोरों ने बचाई जानमध्य प्रदेश के छतरपुर में बड़ा हादसा, जर्जर कच्चा मकान गिरने से दो मासूम बहनों की मौत और मां गंभीर रूप से घायल
मुंबई में फर्जी पीएमओ कार्ड मामला: आरोपी रोहन पारेख के पिता ने मीडिया पर निकाला गुस्सा, क्राइम ब्रांच की पूछताछ जारीमहाराष्ट्र
10 सित॰ 2026, 12:01 pm (2 घंटे पहले)· 2

मुंबई में फर्जी पीएमओ कार्ड मामला: आरोपी रोहन पारेख के पिता ने मीडिया पर निकाला गुस्सा, क्राइम ब्रांच की पूछताछ जारी

मुंबई में फर्जी पीएमओ कार्ड के साथ पकड़े गए रोहन पारेख के मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक रोहन को कोई ईमेल नहीं मिला था और उसके पिता ने पूछताछ के बाद मीडिया के कैमरे पर हाथ मार दिया।

मुंबई में फर्जी पीएमओ पहचान पत्र का इस्तेमाल करने और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल के नजदीक घूमने से जुड़े प्रकरण में एक नया मोड़ आ गया है। मुंबई पुलिस के सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आई है कि प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से रोहन पारेख को किसी भी तरह का कोई मेल नहीं भेजा गया था। प्रधानमंत्री कार्यालय से ईमेल आने का रोहन पारेख का दावा पूरी तरह से निराधार और झूठा साबित हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच आरोपी के परिवार का एक अलग ही आक्रामक रुख भी सामने आया है।

क्राइम ब्रांच की पूछताछ और पिता का गुस्सा

जांच के सिलसिले में क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी रोहन पारेख के पिता प्रेमल पारेख से लंबी पूछताछ की। पूछताछ के बाद जब मीडियाकर्मियों ने उनसे सवाल पूछने की कोशिश की, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बिना कैमरे के सामान्य बातचीत के दौरान ही वे काफी आक्रामक हो गए और उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार करते हुए मीडिया के कैमरे पर हाथ मार दिया। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रोहन पारेख का परिवार अपनी लग्जरी गाड़ी में सवार होकर वहां से चला गया।

ये भी पढ़ें

अदालत ने बढ़ाई पुलिस हिरासत

इस हाई-प्रफाइल मामले में बीते 8 सितंबर को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोनों आरोपियों को 11 सितंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इन पर गंभीर आरोप हैं कि ये दोनों एक हथियार और प्रधानमंत्री कार्यालय का फर्जी पहचान पत्र लेकर बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स इलाके के एक पॉश लग्जरी शॉपिंग मॉल में जबरन दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे।

जियो वर्ल्ड प्लाजा में क्या हुई थी घटना

यह पूरी घटना 24 साल के रोहन पारेख और 49 साल के दिलीप कुंडे से जुड़ी है। दोनों की गिरफ्तारी बीते सोमवार की शाम जियो वर्ल्ड प्लाजा में हुई गतिविधि के बाद हुई थी। मॉल के सुरक्षा गार्डों ने जब दोनों को अंदर जाने से रोका, क्योंकि दिलीप कुंडे के पास हथियार मौजूद था, तो वहां तीखी बहस शुरू हो गई। इसी गहमागहमी के दौरान एक आरोपी ने अपने स्मार्टफोन में एक डिजिटल पहचान पत्र दिखाया और दावा किया कि वह प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकृत अधिकारी है।

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से सीधा संबंध नहीं

इस गिरफ्तारी के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था। मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया था कि बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्धारित कार्यक्रम से कुछ ही घंटे पहले इस संदिग्ध शख्स और उसके हथियारबंद साथी को हिरासत में लिया गया था। हालांकि, बाद में पुलिस ने स्थिति साफ करते हुए बताया कि इस घटना का प्रधानमंत्री के ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के उद्घाटन समारोह से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था।

सवाल-जवाब

रोहन पारेख को किन आरोपों में गिरफ्तार किया गया है?
रोहन पारेख और दिलीप कुंडे को हथियार रखने और पीएमओ का फर्जी पहचान पत्र दिखाकर जियो वर्ल्ड प्लाजा में जबरन घुसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
क्या रोहन पारेख को पीएमओ से कोई ईमेल मिला था?
नहीं, मुंबई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक रोहन पारेख को प्रधानमंत्री कार्यालय से किसी भी तरह का कोई ईमेल नहीं मिला था और उनका दावा झूठा था।
आरोपियों को अदालत से कितने दिन की हिरासत मिली है?
मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोनों आरोपियों को 11 सितंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
रोहन पारेख के पिता ने मीडिया के साथ कैसा व्यवहार किया?
क्राइम ब्रांच की पूछताछ के बाद रोहन के पिता प्रेमल पारेख ने मीडियाकर्मियों के सवाल पूछने पर आक्रामक होते हुए कैमरे पर हाथ मार दिया।
क्या इस घटना का प्रधानमंत्री के किसी कार्यक्रम से संबंध था?
मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस घटना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम या ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 से कोई संबंध नहीं था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR