एशिया-प्रशांत क्षेत्र में विदेशी मुद्रा बाजार की चाल अब काफी हद तक जापानी येन की स्थिति पर निर्भर करती नजर आ रही है। बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलन के विश्लेषक जेफ यू के अनुसार, येन के मजबूत होने से क्षेत्रीय मुद्राओं पर प्रभावी विनिमय दरों का दबाव कम हुआ है और उन्हें नाममात्र के आधार पर ऊपर बढ़ने का अवसर मिला है। जब तक चालू खाते का समर्थन बना रहता है, तब तक येन को लेकर बाजार का रुख सकारात्मक रहने की उम्मीद है। हालांकि, यदि आने वाले समय में तेल के दामों में कोई बड़ा झटका लगता है, तो येन की ये बढ़त धुल सकती है और पूरे एशिया में आरक्षित संपत्तियों को बेचने का दबाव फिर से पैदा हो सकता है।
व्यापारिक बास्केट और अमेरिकी मुद्रा का प्रभाव
डॉलर और येन के मुकाबले अन्य क्षेत्रीय मुद्राओं के रिश्ते को देखें तो येन की अहमियत को अक्सर केवल डॉलर और येन के आपसी कारोबार तक सीमित मान लिया जाता है, जबकि ऐसा नहीं है। अमेरिका का ध्यान भले ही मुख्य रूप से डॉलर और येन के विनिमय मूल्य पर केंद्रित रहता है, लेकिन येन खुद भी इस क्षेत्र की कई अन्य अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बड़ा कारोबारी साझेदार और प्रतियोगी बना हुआ है। येन की चाल और डॉलर में नरमी बरतने को लेकर अमेरिकी रुख ने क्षेत्र के बाकी देशों को अपनी स्थानीय मुद्राओं के मूल्य में नाममात्र की बढ़ोतरी करने की खुली छूट दे दी है। एक मजबूत येन डॉलर की तरफ मिलने वाले फायदों को संतुलित कर देता है, जबकि अमेरिका में उच्च मुद्रास्फीति वास्तविक रूप से डॉलर में अत्यधिक कमजोरी आने से रोकती है।
अन्य प्रमुख मुद्राओं और वस्तुओं की बाजार स्थिति
गुरुवार को एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7200 के स्तर से ऊपर समेकन के दौर से गुजरता दिखाई दिया। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं के चलते यह मुद्रा गत 14 मई के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर के करीब बनी हुई है। हालांकि, फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख की उम्मीदों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अमेरिकी डॉलर को कुछ हद तक सहारा दिया है, जिससे व्यापारी अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं और मुद्रा जोड़ी सीमित दायरे में है।
दूसरी ओर, अमेरिकी सत्र के दौरान जापानी येन 153.50 के स्तर से ऊपर स्थिर बना हुआ है, हालांकि यह इस सप्ताह की शुरुआत में छूए गए सात महीने के सबसे निचले स्तर के पास ही मंडरा रहा है। बैंक ऑफ जापान की नीतियों में बदलाव की उम्मीदों से जापानी येन को लगातार समर्थन मिल रहा है। इसके साथ ही, सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की बढ़ती अटकलों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अमेरिकी डॉलर की बिकवाली का दबाव कम हुआ है, जिससे मुद्रा जोड़े को महत्वपूर्ण सहारा मिला है।
सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का हाल
कीमती धातु सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है और यह intraday आधार पर 4,400 डॉलर से नीचे गिरने के बाद फिर से संभल गया है। यह पिछले दिन छूए गए एक सप्ताह के निचले स्तर से थोड़ा ऊपर कारोबार कर रहा है। हालांकि, अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी होने से पहले सतर्कता बरतते हुए खरीदार अभी भी 4,450 डॉलर के महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर से नीचे ही बने हुए हैं। आज बाद में अमेरिका का उत्पादक मूल्य सूचकांक जारी होने वाला है, जबकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक शुक्रवार को सामने आएगा।
क्रिप्टोकरेंसी और विकेंद्रीकृत बाजारों में, Raydium ने अपनी मजबूत तेजी का सिलसिला जारी रखा है और इसमें लगभग नौ प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। यह रविवार से अब तक कुल 41 प्रतिशत की छलांग लगा चुका है। सोलाना पर आधारित इस Decentralized Exchange पर नए टोकन लॉन्च होने के कारण नेटवर्क गतिविधियों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। तकनीकी संकेतकों के अनुसार, यदि बाजार का रुझान ऐसा ही बना रहता है, तो Raydium में 1.50 डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।
यूरोपीय केंद्रीय बैंक का नीतिगत निर्णय
यूरोपीय क्षेत्र की बात करें तो यूरोपीय केंद्रीय बैंक द्वारा मुख्य रिफाइनिंग ऑपरेशंस और डिपॉजिट फैसिलिटी पर ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी किए जाने की पूरी उम्मीद है, जिससे ये क्रमशः 2.65 प्रतिशत और 2.50 प्रतिशत हो जाएंगे। यूरोपीय केंद्रीय बैंक इस संबंध में अपने फैसले की घोषणा गुरुवार को 12:15 GMT पर करेगा। बाजार के विश्लेषक इस घोषणा पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं ताकि वैश्विक मौद्रिक नीतियों की अगली दिशा का अंदाजा लगाया जा सके।


















