जयपुर अपनी कला, संस्कृति और समृद्ध विरासत के लिए दुनिया भर में अपनी एक अलग पहचान रखता है। यहां न केवल भव्य ऐतिहासिक इमारतें और राजकीय संग्रहालय मौजूद हैं, बल्कि शहर के अलग-अलग कोनों में सजी आर्ट गैलरियां भी लोगों को अपनी ओर खींचती हैं, जहां इतिहास के पन्ने आज भी जीवित नजर आते हैं। ऐसी ही एक अनोखी जगह गुलाबी शहर के चारदीवारी बाजार के सुभाष चौक क्षेत्र में स्थित है। पानियों का दरिबा गली में बनी एक पुरानी हवेलीनुमा इमारत में चलने वाली इंडियन आर्ट हाउस गैलरी किसी भव्य संग्रहालय से कम नहीं है। यह कला प्रेमियों और देश-विदेश से जयपुर की सैर पर आने वाले पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जहां कदम रखते ही लोग पुरानी दुनिया की सैर पर निकल जाते हैं।
एक सदी पुराना इतिहास और कला का अद्भुत संगम
इस अनूठी गैलरी की स्थापना साल 1956 में की गई थी, जो तब से लेकर आज तक इतिहास के अनमोल अवशेषों को संजोए हुए है। इस गैलरी के मालिक सरवण कुमार ने शुरुआती दौर में हस्तशिल्प और पेंटिंग के क्षेत्र में काम करना शुरू किया था। समय के साथ उनकी यह रुचि दुनिया भर से दुर्लभ और प्राचीन वस्तुओं को जुटाने के शौक में बदल गई। उन्होंने कला के हर रूप को सहेजना शुरू किया, जिसमें चित्रकला, मूर्तिकला, हस्तकला और शिल्पकला जैसी विधाएं शामिल थीं। आज स्थिति यह है कि इस विशाल संग्रह को पूरी बारीकी और गहराई से देखने के लिए लोगों को महीनों का समय लग जाता है, क्योंकि यहां रखी हर एक वस्तु अपने आप में एक अलग कहानी बयां करती है।
हजारों साल पुरानी दुर्लभ वस्तुएं और राजा-महाराजाओं की यादें
गैलरी के संचालक सरवण कुमार का कहना है कि उनके पास मौजूद यह बेशकीमती संग्रह उनके शौक का नतीजा है, इसलिए वे इन्हें बेचने के बजाय संजोकर रखते हैं। इस संग्रह में 100 से 150 साल पुराने सिक्के, शाही बैज, पुराने टिन के डिब्बे, ऐतिहासिक बर्तन, हाथ से लिखी पांडुलिपियां, पुरानी तस्वीरें, लालटेन, प्राचीन छतरियां, पारंपरिक बेडशीट, बैग, शॉल, स्कार्फ, कठपुतलियां, टेंट, पुराने हथियार और सजावटी सामान शामिल हैं। इसके अलावा यहां राजा-महाराजाओं से लेकर देश-दुनिया के प्रसिद्ध कलाकारों की दुर्लभ तस्वीरें भी देखने को मिलती हैं। सरवण कुमार का दावा है कि उनकी इस गैलरी में ऐसी कई अनूठी चीजें मौजूद हैं, जो शायद देश के किसी अन्य संग्रहालय में भी देखने को न मिलें। इनमें राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से जुड़े वे सभी पारंपरिक सामान शामिल हैं, जिनका उपयोग सदियों से होता आ रहा है।
पर्यटकों और कला प्रेमियों के लिए खास ठिकाना
यह आर्ट गैलरी उन लोगों को सबसे ज्यादा आकर्षित करती है जो इतिहास और प्राचीन कलाओं से गहरा लगाव रखते हैं। जयपुर आने वाले पर्यटक यहां भारी संख्या में पहुंचते हैं क्योंकि उन्हें एक ही छत के नीचे वो तमाम चीजें देखने को मिल जाती हैं जो आधुनिक दौर में पूरी तरह गायब हो चुकी हैं। बदलते वक्त और तकनीक ने सब कुछ अपडेट कर दिया है, लेकिन उस जमाने के कलाकारों ने अपनी कल्पना और हुनर से जो कृतियां गढ़ी थीं, वे आज एंटिक के रूप में लोगों का मन मोह लेती हैं। सुबास चौक के पानियों का दरिबा में स्थित यह इंडियन आर्ट हाउस गैलरी पर्यटकों के लिए सप्ताह के सातों दिन यानी सोमवार से रविवार तक सुबह 9:30 बजे से रात 8:00 बजे तक खुली रहती है, जहां कोई भी आकर इस अनमोल धरोहर का दीदार कर सकता है।



















