मुंबई के बहुचर्चित युवा प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की गाड़ी के सामने निडरता से खड़े होकर सुर्खियां बटोरने वाली मॉडल रिया अहीर एक बार फिर प्रशासनिक गलियारों में पहुंची हैं। बृहस्पतिवार को मुंबई यूथ कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचीं रिया अहीर ने संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) मनोज शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन के सिलसिले में अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की मांग रखी। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया मंचों पर मिल रही लगातार धमकियों, भद्दे संदेशों और मानसिक उत्पीड़न के खिलाफ पुलिस प्रशासन से सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की। मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त मनोज शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि इंटरनेट पर रिया को अपशब्द भेजने और डराने-धमकाने वाले सोशल मीडिया खातों की गहराई से जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
साइबर सेल में शिकायत और सोशल मीडिया पर उत्पीड़न
पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखते हुए रिया अहीर ने खुलासा किया कि प्रदर्शन में शामिल होने के बाद से ही उन्हें लगातार ऑनलाइन मंचों पर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे पूर्व में भी पुलिस में गुहार लगा चुकी थीं, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आ पाया। रिया के अनुसार, उन्होंने 27 जुलाई को साइबर अपराध शाखा के समक्ष एक ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद महाराष्ट्र पुलिस साइबर सेल ने उनसे संपर्क स्थापित किया था। उस दौरान वे स्वयं अधिकारियों के सामने उपस्थित हुई थीं और साक्ष्य सौंपे थे। रिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोग उनके विचारों या विरोध के तरीकों से असहमत हो सकते हैं, परंतु किसी को भी किसी महिला का चरित्र हनन करने, उसे नीचा दिखाने या सार्वजनिक रूप से हमला करने का अधिकार नहीं है। अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि वह प्रदर्शन किसी भी राजनीतिक दल, धार्मिक संगठन या व्यक्तिगत लाभ से प्रेरित नहीं था, बल्कि वह आम युवाओं की आवाज उठाने वाला एक सामूहिक आंदोलन था।
युवा कांग्रेस का सवाल और विद्यार्थियों पर दर्ज मुकदमे
प्रतिनिधिमंडल में शामिल मुंबई यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष जीनत सबरीन और यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हरगुन सिंह ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। युवा नेताओं ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जब प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने से संबंधित सरकारी अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है, तो फिर अब तक रिया अहीर और अन्य युवाओं के नाम एफआईआर से क्यों नहीं हटाए गए। जीनत सबरीन ने पुरजोर मांग की कि विरोध प्रदर्शनों में अपनी बात रखने वाली युवतियों को सोशल मीडिया पर प्रताड़ित करने वाले संदिग्ध खातों को चिन्हित कर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि केवल अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने के कारण युवतियों को निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है। बातचीत के दौरान रिया अहीर ने 19 वर्षीय मुस्कान का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। मुस्कान भी उस प्रदर्शन का हिस्सा रही थीं और रिया की ही तरह उन्हें भी इंटरनेट पर अपशब्दों और गंभीर धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रे हुडी और एक हाथ से पुलिस वैन रोकने का वायरल दौर
गौरतलब है कि रिया अहीर का नाम उस समय देश भर में चर्चा का विषय बना था जब मुंबई में आयोजित आंदोलन के दौरान एक विशेष तस्वीर इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हुई थी। प्रदर्शनकारियों को ले जा रही पुलिस की वैन के सामने ग्रे रंग की हुडी पहने रिया अहीर निडर होकर खड़ी हो गई थीं और उन्होंने केवल एक हाथ के सहारे उस वाहन को आगे बढ़ने से रोक दिया था। उनके इस साहसिक कदम की युवाओं के बीच जबरदस्त सराहना हुई थी और कई प्रमुख हस्तियों तथा सेलिब्रिटीज ने भी उनके हौसले की तारीफ की थी। इसके बाद दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान भी रिया अहीर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं, जिसके बाद वे युवा आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरी थीं। हालांकि, इस व्यापक लोकप्रियता के साथ ही उन्हें सोशल मीडिया पर तीखे विरोध और उत्पीड़न का भी सामना करना पड़ा, जिसके समाधान के लिए अब वे कानूनी शरण में पहुंची हैं।



















