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कुरैशी नगर में निर्माण कार्य के दौरान पलटी एमएमआरडीए की भारी क्रेन, रेलवे ओवरहेड लाइन और झोपड़ियों पर गिरीमहाराष्ट्र
21 अग॰ 2026, 9:56 am (1 घंटे पहले)· 0

कुरैशी नगर में निर्माण कार्य के दौरान पलटी एमएमआरडीए की भारी क्रेन, रेलवे ओवरहेड लाइन और झोपड़ियों पर गिरी

मुंबई के कुर्ला स्थित कुरैशी नगर में शुक्रवार सुबह एमएमआरडीए की एक विशाल क्रेन रेलवे ओवरहेड बिजली लाइन और आसपास के रिहायशी मकानों पर गिर गई, जिससे कई लोग घायल हो गए।

मुंबई के व्यस्त कुर्ला इलाके में शुक्रवार की सुबह एक बेहद गंभीर दुर्घटना घटी, जब निर्माण कार्य में तैनात मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) की एक विशालकाय क्रेन अचानक अनियंत्रित होकर गिर पड़ी। यह दर्दनाक हादसा कुर्ला के कुरैशी नगर इलाके में उस समय हुआ, जब पास में स्थित एक पुरानी इमारत को हटाने का काम चल रहा था। भारी भरकम क्रेन अचानक पलट गई और सीधे रेलवे की ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर के साथ-साथ पास बनी कई रिहायशी झोपड़ियों पर जा गिरी। इस अचानक हुए हादसे से क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। दुर्घटना की चपेट में आने से कई स्थानीय निवासी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत पास के चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया गया।

रेल संचालन और ओवरहेड वायर पर असर

दुर्घटना के संबंध में जानकारी देते हुए सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि क्रेन एमएमआरडीए के कार्यस्थल पर तैनात थी और अचानक संतुलन बिगड़ने से कुर्ला और ट्रॉम्बे के बीच बिछी ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन पर आ गिरी। हालांकि, गनीमत यह रही कि इस घटना का मुख्य रेल यातायात पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। जिस लाइन पर यह हादसा हुआ, वह एक सिंगल ट्रैक है जिसका उपयोग मुख्य रूप से मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए किया जाता है। बिजली के तारों को हुए नुकसान के बाद तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया गया। घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए गए।

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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया दुर्घटना का कारण

घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वहां म्हाडा की ओर से एक पुरानी इमारत को गिराने और स्थल को साफ करने का काम शुरू किया जाना था। इस कार्य के लिए एक भारी पोकलेन मशीन को इमारत के ऊपरी हिस्से तक पहुंचाना आवश्यक था। पोकलेन मशीन को ऊपर उठाने के उद्देश्य से ही इस विशाल क्रेन का उपयोग किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही क्रेन ने मशीन को ऊपर की ओर उठाना शुरू किया, अचानक उसका संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया। किसी को संभलने या भागने का अवसर मिलता, उससे पहले ही क्रेन का बड़ा ढांचा भरभराकर नीचे बनी झोपड़ियों पर गिर गया। इसके झटके से आसपास की बस्तियां हिल गईं और चारों तरफ धूल का गुबार छा गया।

बीएमसी की रिपोर्ट और घायलों का विवरण

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने इस दुर्घटना पर एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति की जानकारी दी। बीएमसी के अनुसार, एल वार्ड के जूनियर इंजीनियर से मिली रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि दुर्घटना म्हाडा के डिमोलिशन कार्य के दौरान पोकलेन मशीन को क्रेन की मदद से सेट करते समय हुई। राहत कार्य के तहत कुल छह घायलों को तुरंत सायन अस्पताल ले जाया गया, जबकि दो अन्य घायल व्यक्तियों को इलाज के लिए कुर्ला भाभा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासनिक अधिकारी और इंजीनियर मौके पर मौजूद रहकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति न दबा हो। घायलों की आधिकारिक पहचान की प्रक्रिया जारी है।

मुंबई में निर्माण क्रेन हादसों का बढ़ता सिलसिला

यह दुर्घटना मुंबई में तेजी से चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर फिर से सवाल खड़े करती है। इससे पूर्व जुलाई के महीने में भी मुंबई के मीरा रोड इलाके में स्थित जेपी नॉर्थ सोसाइटी परिसर में ऐसा ही बड़ा हादसा हुआ था। उस समय निर्माण स्थल पर काम कर रही एक भारी क्रेन अचानक ढह गई थी और रिहायशी सोसाइटी के अंदर जा गिरी थी। जुलाई के उस हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई थी और पार्किंग में खड़े कई वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। कुर्ला की इस नई घटना ने एक बार फिर घनी आबादी वाले इलाकों में भारी मशीनों के उपयोग के समय सख्त सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को उजागर किया है।

सवाल-जवाब

यह दुर्घटना मुंबई में कहां और कब हुई?
यह हादसा शुक्रवार की सुबह मुंबई के कुर्ला इलाके में स्थित कुरैशी नगर में हुआ, जहां एमएमआरडीए का निर्माण कार्य चल रहा था।
क्रेन किस काम के लिए लगाई गई थी और यह कैसे पलटी?
म्हाडा द्वारा एक पुरानी इमारत को गिराने के लिए पोकलेन मशीन को इमारत की छत पर चढ़ाया जा रहा था। इसी दौरान भारी क्रेन असंतुलित होकर पलट गई।
क्या इस हादसे से ट्रेन सेवाओं पर कोई असर पड़ा?
क्रेन कुर्ला और ट्रॉम्बे के बीच ओवरहेड बिजली लाइन पर गिरी, लेकिन रेल यातायात प्रभावित नहीं हुआ क्योंकि यह सिंगल लाइन केवल मालगाड़ियों के संचालन के लिए इस्तेमाल होती है।
हादसे में कितने लोग घायल हुए और उन्हें कहां भर्ती कराया गया?
हादसे के बाद छह घायलों को सायन अस्पताल और दो घायलों को कुर्ला भाभा अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
क्या मुंबई में क्रेन गिरने की ऐसी कोई घटना पहले भी हुई है?
हां, जुलाई महीने में मीरा रोड स्थित जेपी नॉर्थ सोसाइटी परिसर में एक बड़ी निर्माण क्रेन गिर गई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·46 मिनट पहले

यह घटना घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भारी मशीनरी के संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी को उजागर करती है। रेलवे लाइन और रिहायशी बस्तियों के इतने करीब बिना एहतियात के भारी क्रेन से पोकलेन उठाने जैसी जोखिम भरी गतिविधि आपराधिक लापरवाही के दायरे में आ सकती है। जांच में यह देखना होगा कि अनुमति और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ था या नहीं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·45 मिनट पहले

यह हादसा शहरी बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों के दौरान सुरक्षा ऑडिट की पोल खोलता है। घनी आबादी और रेलवे ट्रैक के पास क्रेन संचालन के लिए जो अनुमति ली गई थी, उसकी गहन समीक्षा होनी चाहिए। यदि एमएमआरडीए और म्हाडा के बीच समन्वय की कमी या सुरक्षा मानकों में लापरवाही साबित होती है, तो दोषियों पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई तय की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी चूक न हो।

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