महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में दोनों गुटों की एनसीपी के बीच एक बार फिर से विलय की चर्चाओं को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बारे में अभी तक उनके साथ किसी भी तरह की कोई बात नहीं की गई है और वे दोनों स्वतंत्र राजनीतिक दल हैं।
एनसीपी के विलय की अटकलों पर क्या बोले देवेंद्र फडणवीस
देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि दोनों एनसीपी स्वतंत्र पार्टियां हैं और उनके सारे निर्णय उनके नेता मिलकर लेंगे। उन्होंने बताया कि शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता और सुनील तटकरे, प्रफुल भाई तथा पार्थ पवार जैसे नाम उस संगठन का हिस्सा हैं। इसलिए इस मसले पर बाहर से कोई फैसला लेना या अनावश्यक बयानबाजी करना उचित नहीं है। उन्होंने आगे जोड़ा कि यदि ऐसा कोई कदम उठाया जाना होगा या इस दिशा में कोई चर्चा चल रही होगी, तो वे एनडीए गठबंधन के बड़े साझीदार होने के नाते निश्चित रूप से सलाह-मशविरा करेंगे। हालांकि अभी तक दोनों पक्षों में से किसी ने भी इस संबंध में उन्हें आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है।
सूखे और किसानों के संकट पर सरकार का रुख
राज्य में इस साल पड़े गंभीर सूखे और किसानों के सामने खड़े हुए विकट संकट पर भी मुख्यमंत्री ने विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति बहुत चुनौतीपूर्ण है और किसानों का मनोबल बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार की तरफ से लगातार हरसंभव राहत और प्रशासनिक सहायता पहुंचाई जा रही है और भविष्य में भी हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
गांवों में किसानों के साथ मनेगी दिवाली
किसानों की समस्याओं को करीब से जानने और उनका हौसला बढ़ाने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने एक अहम फैसला लिया है। देवेंद्र फडणवीस ने जानकारी दी कि इस बार सभी मंत्री मिलकर अपनी दीपावली गांवों में किसानों के बीच जाकर मनाएंगे। इस दौरान वे अन्नदाताओं से सीधे संवाद करेंगे, उनके साथ समय बिताएंगे और उन्हें यह अहसास कराएंगे कि इस मुश्किल वक्त में सरकार पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है।



















