महाराष्ट्र के थाणे जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां पसंदीदा इंजीनियरिंग संस्थान में दाखिला न मिलने से टूटे एक नाबालिग छात्र ने अपनी जान दे दी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस छात्र ने 12वीं की साइंस परीक्षा में 95.7 प्रतिशत अंक हासिल किए थे, फिर भी वह मनचाहे कॉलेज में सीट पक्की नहीं कर सका।
कौन था यह छात्र
पुलिस ने सोमवार को इस घटना का खुलासा किया। बताया गया कि मृतक छात्र नाबालिग था और थाणे के घोड़बंदर रोड पर स्थित हीरानंदानी एस्टेट परिसर में अपने परिवार के साथ रहता था। पुलिस के मुताबिक 12वीं पास करने के बाद वह इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी, शिबपुर से पढ़ाई करने का सपना देख रहा था। वहां वह बीएस-एमएस की डबल डिग्री हासिल करना चाहता था, जो एक प्रतिष्ठित पांच साल का इंटीग्रेटेड कोर्स माना जाता है।
एडमिशन की दौड़ में क्यों पिछड़ गया छात्र
दाखिले के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा में शानदार 12वीं के अंकों के बावजूद छात्र को केवल 10,474वीं रैंक मिली। इतनी रैंक पर उसे उस विशेष संस्थान में सीट नहीं मिल सकी, जिसका सपना उसने संजोया था। पुलिस के अनुसार यही नाकामी उसे भीतर तक तोड़ गई और वह लगातार निराशा में डूबता चला गया। परिवार और आसपास के लोगों के लिए यह खबर किसी सदमे से कम नहीं है, क्योंकि 95.7 प्रतिशत जैसे शानदार नंबर लाने वाला छात्र सिर्फ रैंक के फासले की वजह से इतना हताश हो गया।
जांच अभी जारी
पुलिस ने फिलहाल इतनी ही जानकारी सार्वजनिक की है और मामले में आगे की जांच जारी बताई जा रही है। घटना से जुड़े और तथ्य सामने आने पर स्थिति और साफ हो सकेगी। इलाके में इस हादसे को लेकर हड़कंप मचा हुआ है और लोग एडमिशन की होड़ में बच्चों पर बढ़ते दबाव को लेकर चिंता जता रहे हैं।
मदद के लिए हेल्पलाइन मौजूद
अगर किसी को मानसिक तनाव या निराशा महसूस हो रही हो, तो प्रशिक्षित और मान्यता प्राप्त मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाताओं से बात करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 या 1800-891-4416 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा TISS Icall के नंबर 022-25521111 पर सोमवार से शनिवार, सुबह 8 बजे से रात 10 बजे के बीच भी सहायता ली जा सकती है। अगर आप या आपका कोई परिचित ऐसे किसी तनाव से गुजर रहा है, तो कृपया नजदीकी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से जरूर संपर्क करें।





















