मणिपुर सरकार ने तमेंगलोंग जिले के टोलेन गांव में एक दंपत्ति की जघन्य हत्या की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपने का निर्णय लिया है। इस घटना के बाद पैदा हुए भारी जन आक्रोश और कुकी-ज़ो नागरिक समाज संगठनों द्वारा दी गई कड़ी चेतावनी के बाद राज्य प्रशासन ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
राज्य अधिकारियों और संयुक्त कार्रवाई समिति के बीच छह-सूत्रीय समझौता
मामले को आधिकारिक रूप देते हुए राज्य सरकार और मृतकों के परिजनों के न्याय के लिए गठित संयुक्त कार्रवाई समिति (JAC) के बीच छह-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व तमेंगलोंग के पुलिस अधीक्षक और तोउसेम के उप-विभागीय अधिकारी ने किया। यह समिति सेइखोनेह सिंग्सिट और लहिंगजांगई सिंग्सिट की हत्या के खिलाफ संघर्ष कर रही थी।
हमले में दंपत्ति की मौत, चार मासूम बच्चे हुए अनाथ
यह दर्दनाक हादसा 13 सितंबर को टोलेन गांव में हुआ, जब हथियारों से लैस हमलावरों ने दंपत्ति की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। इस हमले से उनके चार छोटे बच्चे अनाथ हो गए, जिनकी उम्र 12 वर्ष, 10 वर्ष, 7 वर्ष और 4 वर्ष है। हमले के दौरान चार साल का सबसे छोटा बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
समझौता ज्ञापन की मुख्य शर्तें और सरकारी मदद का वादा
समझौता ज्ञापन की शर्तों के अनुसार सरकार ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच तत्काल प्रभाव से NIA को सौंप दी जाएगी। इसके साथ ही घायल चार वर्षीय बच्चे के पूरी तरह स्वस्थ होने तक उसका सर्वश्रेष्ठ संभव चिकित्सकीय इलाज कराने की जिम्मेदारी प्रशासन ने उठाई है।
सरकार ने पीड़ित परिवार को तत्काल अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) देने और चारों अनाथ भाई-बहनों के समुचित पुनर्वास की गारंटी दी है। इसके अलावा, चारों बच्चों के बालिग होने तक उनकी शिक्षा और देखभाल के लिए निरंतर सरकारी सहायता जारी रखने का वादा भी किया गया है।
सुरक्षा बलों की तैनाती और 30 दिनों की समय-सीमा
क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से टोलेन, कैमाई और थिंगतुहबंग-कुलबंग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात करने का फैसला लिया गया है। दोनों पक्षों ने सहमति व्यक्त की कि समझौता ज्ञापन में शामिल सभी छह बिंदुओं को 30 दिनों के भीतर लागू किया जाएगा। यदि निर्धारित अवधि के भीतर इन प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया जाता है, तो भविष्य में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना के लिए सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
तमेंगलोंग जिले में बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि
यह समझौता टोलेन और लोंगपी में हुए हमलों के बाद बने तनावपूर्ण माहौल के बीच हुआ है, जिनमें कुल चार नागरिकों की जान चली गई थी। कुकी इनपी जिरीबाम, तमेंगलोंग और नोने (Kuki Inpi JTN) सहित अन्य कुकी-ज़ो नागरिक समाज संगठनों ने राज्य सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया था, जिसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कुकी-ज़ो बस्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई थी।

















