मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम ने तामेंगलोंग और नोनी जिलों में हुई हालिया हिंसक वारदातों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इन हमलों में चार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। गृह मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राज्य में शांति व्यवस्था और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए किए जा रहे प्रशासनिक प्रयासों में किसी भी प्रकार की उग्रवादी या हिंसक गतिविधि को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
तामेंगलोंग और नोनी जिलों में हुई हिंसक घटनाएं
यह दुखद घटना तब सामने आई जब संदिग्ध उग्रवादियों ने इन दोनों जिलों के अलग-अलग ग्रामीण इलाकों को निशाना बनाकर हिंसक हमले शुरू कर दिए। इस अचानक हुए हमले में दो महिलाओं समेत कुल चार लोगों की मौत हो गई। गौरतलब है कि यह हिंसक वारदातें उस समय हुईं जब कुकी समुदाय द्वारा हर साल 13 सितंबर को मनाया जाने वाला "साहिनित नी" यानी "ब्लैक डे" का अवसर था। यह दिन विशेष रूप से 1990 के दशक में मणिपुर में हुए कुकी-नागा जातीय संघर्ष के दौरान मारे गए लोगों की याद में मनाया जाता है। इस संवेदनशील मौके पर हुई हिंसा ने पूरे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।
आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
घटना पर गहरा शोक और आक्रोश व्यक्त करते हुए गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि टोलेन कुकी गांव में हुआ हमला बेहद निराशाजनक और पीड़ादायक है। इस हमले में लिंगजांगई सिंगसित नामक महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति और मासूम बेटे को गोलियां लगने से गंभीर चोटें आईं। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्दोष नागरिकों के खिलाफ ऐसी कायरतापूर्ण हिंसा को किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने संबंधित सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे मामले की गहनता से जांच करें, अपराधियों की पहचान करें और बिना किसी भय या पक्षपात के कानून सम्मत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
नेशनल हाईवे 37 के पास सुरक्षा की संवेदनशीलता
मृतक महिला लिंगजांगई सिंगसित पर यह हमला उनके टोलेन कुकी गांव स्थित आवास पर ही किया गया था। यह गांव नेशनल हाईवे 37 के काफी करीब स्थित है, जो राजधानी इंफाल को जिरीबाम से जोड़ने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मार्ग है। इस हमले में गंभीर रूप से घायल उनके पति सेइनेह सिंगसित ने भी बाद में दम तोड़ दिया। गोलीबारी में घायल होने के कारण उन्हें तत्काल पड़ोसी राज्य असम के सिलचर स्थित अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। गृह मंत्री ने अपने बयान में दोहराया कि शांति प्रयासों को भंग करने की हर साजिश को नाकाम किया जाएगा और न्याय की रक्षा के लिए कानून का राज हर हाल में कायम रहेगा।



















