मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को इंफाल स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में लोकतक विकास प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया और वॉटरबर्ड जनगणना रिपोर्ट जारी की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोकतक झील और उसके आसपास मौजूद आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण तथा टिकाऊ प्रबंधन को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से आम नागरिकों को प्राधिकरण की गतिविधियों और पर्यावरणीय पहलों की पूरी जानकारी डिजिटल माध्यम से आसानी से उपलब्ध कराई जाएगी।
डिजिटल पहुंच और पर्यावरण जागरूकता में सुधार
नई वेबसाइट के माध्यम से जनता अब लोकतक विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यों की स्थिति आसानी से देख सकेगी। सरकार का मानना है कि इस डिजिटल मंच से लोकतक झील के संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ेगी। यह वेबसाइट शोधकर्ताओं, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय निवासियों को झील से जुड़े जरूरी आंकड़े और जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगी, जिससे इस प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता पैदा होगी।
पारदर्शिता और सामुदायिक जुड़ाव पर जोर
मुख्यमंत्री ने लोकतक झील के संरक्षण और सतत विकास पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों को सशक्त बनाकर जनता के साथ संवाद को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। 15 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री ने X पर लिखा कि प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च करना और वॉटरबर्ड सेंसर रिपोर्ट जारी करना सचिवालय के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने उल्लेख किया कि यह कार्यक्रम प्राधिकरण के कार्यों तक डिजिटल पहुंच को मजबूत करने का एक बड़ा कदम है।
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख गणमान्य व्यक्ति
सचिवालय में आयोजित इस आधिकारिक कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति मंत्री ख. लोकेन सिंह, विधायक थ. शांति सिंह, विधायक के. रोबिंद्रो सिंह और विधायक आई. नलिनी देवी उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रशासनिक पक्ष से अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग बाजपेयी, लोकतक विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष ए.के. सिन्हा और परियोजना निदेशक एच. बालकृष्ण सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



















