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2 लाख करोड़ रुपये की संस्थागत बोलियों के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर से खुलेगाबाज़ार
20 अक्तू॰ 2026, 6:40 am (1 घंटे पहले)· 0

2 लाख करोड़ रुपये की संस्थागत बोलियों के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर से खुलेगा

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 से 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। इसकी एंकर बुक 20 गुना से ज्यादा भरी है और कुल संस्थागत मांग 2 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को छू गई है।

मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की तकनीकी और दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ के साथ शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह निर्गम बुधवार, 21 अक्टूबर को बोली लगाने के लिए खुलेगा और शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंद होगा। प्राथमिक बाजार में इस पेशकश को लेकर जबरदस्त सुगबुगाहट है, जहां खुदरा निवेशकों के साथ दुनिया भर के बड़े संस्थागत निवेशक भी अपनी पूंजी लगाने के लिए पूरी तरह सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।

संस्थागत निवेशकों की अभूतपूर्व दिलचस्पी और एंकर बुक का गणित

जियो प्लेटफॉर्म्स के इस पब्लिक इश्यू को लेकर वित्तीय संस्थानों की ओर से ऐतिहासिक स्तर की मांग दर्ज की गई है। संस्थागत बोलीदाताओं की कुल मांग का आकार लगभग 2,00,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। भारतीय शेयर बाजार में यह पहला अवसर है जब किसी आईपीओ के लिए संस्थागत श्रेणी में इतनी विशाल धनराशि का प्रस्ताव आया हो। इसके साथ ही 8,110 करोड़ रुपये के आकार वाली एंकर बुक को 20 गुना से अधिक बोलियां प्राप्त हुई हैं। यह अत्यधिक मांग इस बात का प्रमाण है कि लंबी अवधि का नजरिया रखने वाले बड़े फंड हाउस कंपनी के व्यावसायिक मॉडल और भविष्य की संभावनाओं पर अटूट भरोसा कर रहे हैं।

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वैश्विक एसेट मैनेजर और संप्रभु संपदा कोषों की कतार

इस पेशकश की एंकर बुक में विश्वस्तरीय वित्तीय दिग्गजों की सीधी भागीदारी देखने को मिली है। विदेशी परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों में ब्लैक रॉक, फिडेलिटी, कैपिटल ग्रुप, टी. रो प्राइस, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, श्रोडर्स, इनवेस्को और जानूस हेंडरसन जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा कई देशों के प्रमुख सॉवरेन वेल्थ फंड्स ने भी बड़े आवंटन हासिल करने में रुचि दिखाई है। इनमें अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA), सिंगापुर का GIC, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA) और नॉर्जेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट प्रमुख हैं। सॉवरेन वेल्थ फंड्स और लंबी अवधि वाले फंडों की यह भारी हिस्सेदारी शेयर की कीमतों को स्थिरता देने में सहायक सिद्ध होगी।

घरेलू म्यूचुअल फंडों और बीमा कंपनियों का मजबूत दांव

अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ ही घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी इस निर्गम में आक्रामक रुख अपनाया है। देश के शीर्ष 10 म्यूचुअल फंड घरानों ने एंकर बुक के लिए अपनी बोलियां सौंपी हैं। इनमें एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड और आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्यूचुअल फंड शामिल हैं। म्यूचुअल फंडों के अतिरिक्त देश की बड़ी बीमा कंपनियों और पेंशन ट्रस्टों ने भी इस इश्यू में पूंजी लगाने का फैसला किया है। सरकारी क्षेत्र के सबसे बड़े जीवन बीमाकर्ता भारतीय जीवन बीमा निगम के साथ एचडीएफसी लाइफ, एसबीआई लाइफ और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल जैसी निजी बीमा कंपनियों ने अपना समर्थन दिया है। वहीं भविष्य निधि और सेवानिवृत्ति कोषों में एसबीआई पेंशन और एचडीएफसी पेंशन ने भी एंकर आवंटन में हिस्सा लिया है।

लिस्टिंग और सेकेंडरी मार्केट के लिए संकेत

संस्थागत निवेशकों द्वारा दिखाई गई इस रिकॉर्ड दिलचस्पी से मुख्य पब्लिक इश्यू को भी व्यापक गति मिलने का अनुमान है। विदेशी लॉन्ग-ओनली फंड्स, संप्रभु कोष और पेंशन फंड्स अमूमन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से दूर रहकर लंबी अवधि के लिए निवेश बनाए रखते हैं। इनकी मौजूदगी से लिस्टिंग के दिन शेयर को बेहतर सहारा मिलने और निवेशकों को अच्छा मुनाफा हासिल होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। बाजार जानकारों का मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स की इतनी मजबूत एंकर बुक न केवल इस इश्यू की सफलता सुनिश्चित करेगी, बल्कि पूरे भारतीय इक्विटी बाजार में नई लिक्विडिटी और सकारात्मक माहौल का संचार भी करेगी।

सवाल-जवाब

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ किस तारीख को खुलेगा और कब बंद होगा?
यह आईपीओ बुधवार, 21 अक्टूबर को खुलेगा और शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंद होगा।
इस आईपीओ के लिए कुल संस्थागत मांग कितनी दर्ज की गई है?
संस्थागत निवेशकों की कुल मांग लगभग 2,00,000 करोड़ रुपये दर्ज की गई है, जो किसी भारतीय आईपीओ के लिए एक नया रिकॉर्ड है।
कंपनी की एंकर बुक का आकार कितना था और इसे कितना सब्सक्रिप्शन मिला?
एंकर बुक का कुल आकार 8,110 करोड़ रुपये था, जिसके मुकाबले 20 गुना से अधिक की मांग प्राप्त हुई।
किन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और घरेलू संस्थाओं ने एंकर बुक में हिस्सा लिया है?
इसमें ब्लैक रॉक, फिडेलिटी, GIC, ADIA, एलआईसी और भारत के शीर्ष 10 म्यूचुअल फंड्स जैसे एसबीआई और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड शामिल हैं।
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टिप्पणियाँ 2

Michael Anderson@michael-anderson·53 मिनट पहले

दो लाख करोड़ रुपये की संस्थागत बोली का आंकड़ा सचमुच हैरान करने वाला है। ऐसा पहले कभी नहीं देखा।

Ravikash Gupta@ravikash·52 मिनट पहले

माइकल, बिल्कुल सही कहा। क्या इतनी बड़ी मांग के बाद खुदरा निवेशकों को कुछ शेयर मिल भी पाएंगे?

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