कनाडा के नवीनतम मुद्रास्फीति आंकड़ों ने विदेशी मुद्रा बाजार में कनाडाई डॉलर की तेजी की संभावनाओं को सीमित कर दिया है। सितंबर के दौरान उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में आई सुस्ती के चलते निवेशकों का ध्यान अब बैंक ऑफ कनाडा की अगली ब्याज दर नीति पर केंद्रित हो गया है। हालांकि बैंक ऑफ कनाडा के गवर्नर टिफ मैकलम के हालिया बयानों से नीतिगत सख्ती के संकेत मिले थे, लेकिन कमजोर आर्थिक आंकड़ों ने बाजार की उम्मीदों को थोड़ा ठंडा कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा आर्थिक परिदृश्य में कनाडाई डॉलर के लिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लंबी बढ़त बनाए रखना काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
कनाडा में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़े और उसका असर
सितंबर महीने की मुद्रास्फीति रिपोर्ट से पता चलता है कि कनाडा का वार्षिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 3.1 प्रतिशत दर्ज किया गया। यह आंकड़ा अगस्त महीने के मुकाबले 0.1 प्रतिशत अंक अधिक है। मासिक आधार पर कीमतों में 0.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिसे अगर बिना पूर्णांक के देखा जाए तो यह 0.118 प्रतिशत बैठती है। यह वृद्धि बाजार के जानकारों और विश्लेषकों के 3.2 प्रतिशत के आम अनुमान से 0.1 प्रतिशत अंक कम रही।
मुद्रास्फीति की गहराई और व्यापकता को दर्शाने वाले मुख्य संकेतकों में भी नरमी देखी गई है। सीपीआई-ट्रिम और सीपीआई-मीडियन दोनों में 0.1 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई, जिसके बाद ये क्रमशः 1.8 प्रतिशत और 1.9 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गए। बाजार आम सहमति में इनके 1.9 प्रतिशत और 2.0 प्रतिशत रहने की उम्मीद कर रहा था। इन दोनों प्रमुख पैमानों में गिरावट इस बात का संकेत है कि कनाडा में मूल्य वृद्धि का दायरा अब व्यापक नहीं रह गया है, जो केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों के मामले में आक्रामक कदम उठाने से रोक सकता है।
केंद्रीय बैंक का रुख और विदेशी मुद्रा जोड़े का विश्लेषण
विदेशी मुद्रा बाजार में यूएसडी/सीएडी ने अपने पुराने नुकसान की भरपाई करते हुए सुधार दिखाया है। सप्ताहांत में दिए गए एक साक्षात्कार में बैंक ऑफ कनाडा के शीर्ष नेतृत्व ने सख्त मौद्रिक नीति का संदेश दिया था, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कनाडाई मुद्रा को थोड़ी ताकत मिली थी। इसके बावजूद टीडी सिक्योरिटीज के रणनीतिकारों का मानना है कि बैंक ऑफ कनाडा की तरफ से ब्याज दरों में अगली बढ़ोतरी अगले साल की पहली तिमाही या वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ही देखने को मिल सकती है।
बाजार के मौजूदा परिदृश्य में सबसे बड़ा तात्कालिक जोखिम वर्ष 2026 के लिए लगाई जा रही मौद्रिक सख्ती की उम्मीदों का पुनर्मूल्यांकन है। विश्लेषकों के अनुसार वर्तमान मुद्रास्फीति और आर्थिक विकास दर को देखते हुए वर्ष 2026 में आक्रामक दरों की उम्मीद करना पूरी तरह तर्कसंगत नहीं दिखता। यूएसडी/सीएडी ने 1.43 के स्तर पर एक ऊपरी सीमा बना ली है और साल के अंत तक इस स्तर से ऊपर मजबूती से टिके रहना कठिन लगता है। इस माहौल में रणनीतिकार सीएडी/एमएक्सएन जैसे मुद्रा जोड़ों के माध्यम से कनाडाई डॉलर की तेजी में बिकवाली करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन की स्थिति
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख जोड़ों में सोमवार को उल्लेखनीय हलचल दर्ज की गई। एशियाई व्यापार सत्र के दौरान एयूडी/यूएसडी में लगातार दूसरे दिन लिवाली देखी गई, जिससे यह जोड़ी पिछले सप्ताह के सुधार को आगे बढ़ाते हुए 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ती नजर आई। इस तेजी को चीन के तीसरी तिमाही के मजबूत जीडीपी आंकड़ों और सितंबर महीने के बेहतर आर्थिक गतिविधि आंकड़ों से बड़ा समर्थन मिला। इसके अतिरिक्त रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के सहायक गवर्नर क्रिस केंट की सख्त टिप्पणियों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा दिया।
दूसरी ओर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हालिया गिरावट के चलते यूएसडी/जेपीवाई एशियाई सत्र में 158.00 के आसपास रक्षात्मक रुख अपनाए रहा। अमेरिकी डॉलर दो सप्ताह के निचले स्तर के करीब दबाव में दिखा। बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा के सख्त बयानों और जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित बाजार हस्तक्षेप के जोखिम ने जापानी येन को मजबूती प्रदान की। हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि की संभावनाओं और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण अमेरिकी डॉलर का कुल नुकसान सीमित रहने की उम्मीद है।
अमेरिकी मुद्रास्फीति, फेडरल रिजर्व की नीतियां, सोना और क्रिप्टोकरेंसी
अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के आंकड़े उम्मीद से अधिक मजबूत सामने आए हैं। इन आंकड़ों ने बाजार में दिसंबर महीने के भीतर ब्याज दर में बढ़ोतरी की संभावनाओं को एक बार फिर से हवा दे दी है। यद्यपि फेडरल रिजर्व के पूर्व गवर्नर केविन वार्श जैसे विशेषज्ञों के विचारों और केंद्रीय बैंक के रुख से यह संकेत मिलता है कि 28 अक्टूबर की आगामी बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखा जा सकता है, लेकिन 9 दिसंबर की बैठक में नीतिगत दरों में वृद्धि का दबाव बढ़ रहा है।
ब्याज दरों के इस अनिश्चित माहौल का असर सोने के भाव पर भी देखने को मिला। एक्सएयू/यूएसडी हफ्ते की मजबूत शुरुआत के बाद बढ़त बनाए रखने के लिए संघर्ष करता दिखा, क्योंकि अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल और डॉलर ने अपनी गिरावट के बाद फिर से स्थिरता हासिल कर ली है। डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में बिटकॉइन 82,000 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार करते हुए मजबूत ढांचागत समर्थन बना रहा है, भले ही पिछले सप्ताह एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स से लगभग 229 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी देखी गई थी। वहीं तकनीकी संकेतकों में मामूली सुधार के सहारे एथेरियम भी 2,400 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर वापसी करने में सफल रहा है।

















