अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की बढ़ती ताकत के चलते ब्रिटिश पाउंड में लगातार सुस्ती देखी जा रही है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान पाउंड पर बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे यह 1.3322 के निचले स्तर तक फिसल गया। मुद्रा बाजार के जानकारों के अनुसार पाउंड में नीचे की ओर दबाव का यह रुख धीरे-धीरे बन रहा है। हालांकि, मौजूदा रुझान को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि पाउंड 1.3315 तक लुढ़क सकता है, जिसके बाद इसमें फिर से संभलने की संभावना बन सकती है। फिलहाल 1.3300 का मजबूत सपोर्ट स्तर मौजूदा बिकवाली की सीधी पहुंच से कुछ दूरी पर नजर आ रहा है। यदि पाउंड को अपनी मौजूदा गिरावट के दबाव को जारी रखना है, तो उसे 1.3370 के नीचे बने रहना होगा, जबकि ऊपर की तरफ 1.3360 पर हल्का अवरोध मौजूद है।
पाउंड के लिए मध्यम अवधि के तकनीकी संकेत
विदेशी मुद्रा बाजार में बीते हफ्ते 18 सितंबर को जब पाउंड 1.3360 के आसपास कारोबार कर रहा था, तब से ही इसके नीचे जाने का जोखिम बना हुआ था। हालांकि, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि पाउंड के पास 1.3300 के आंकड़े को तोड़ने के लिए पर्याप्त गति है या नहीं। हालिया सत्र में 1.3322 तक लुढ़कने और 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1.3342 पर बंद होने के बावजूद नकारात्मक गति में कोई खास अतिरिक्त इजाफा नहीं हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले एक से तीन हफ्तों के दौरान जब तक पाउंड 1.3390 के मजबूत रेसिस्टेंस स्तर को ऊपर की तरफ नहीं तोड़ता, तब तक पिछले हफ्ते से शुरू हुआ यह दबाव बना रह सकता है। 1.3390 का यह स्तर पहले 1.3435 पर आंका गया था, और यदि यह स्तर पार होता है तो इसे पाउंड में स्थिरता का मजबूत संकेत माना जाएगा।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दोहरी मार और पीएमआई आंकड़े
एशियाई सत्र में केवल पाउंड ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी तेज दबाव में दिखा। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 0.7100 के मनोवैज्ञानिक स्तर का परीक्षण कर रही है। ऑस्ट्रेलिया के ताजा फ्लैश पीएमआई आंकड़ों ने अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेत दिए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक विनिर्माण क्षेत्र संकुचन यानी गिरावट के दायरे में चला गया है, जबकि सेवा क्षेत्र में लगातार दूसरे महीने बेहद धीमी गति से विस्तार देखा गया है। आर्थिक गतिविधियों की इस सुस्ती के बीच अमेरिकी डॉलर की तेजी ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के लिए मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत पूरी होने की घटना को भी मुद्रा व्यापारियों ने पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है।
येन पर बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसले का असर
जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर 157.00 के मध्य स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जो पिछले शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब है। बैंक ऑफ जापान ने अपने नीतिगत रुख को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है। नीति निर्धारण समिति में यह फैसला 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो काफी हद तक बाजार की पुरानी उम्मीदों के अनुकूल ही रहा। हालांकि, केंद्रीय बैंक के इस फैसले में आक्रामकता की कमी के कारण जापानी येन को कोई खास सहारा नहीं मिल सका। दूसरी ओर, फेडरल रिजर्व के सख्त और आक्रामक नीतिगत रुख के कारण अमेरिकी डॉलर को निरंतर मजबूती मिल रही है, जिससे डॉलर-येन जोड़ी को लगातार समर्थन मिल रहा है। हालांकि, बाजार में जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित मुद्रा हस्तक्षेप का डर अभी भी ऊपरी स्तरों पर डॉलर की तेजी को सीमित कर रहा है।
सोने में सुस्ती और डॉलर का नया शिखर
कमोडिटी बाजार में सोने के भाव पिछले कारोबारी दिन 4,300 डॉलर से नीचे के स्तर से सुधरे थे, लेकिन एशियाई सत्र में आई नई बिकवाली के कारण सोना उस तेजी को बरकरार नहीं रख सका। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 30 जुलाई के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर को छूने का सिलसिला जारी रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक नीतिगत दृष्टिकोण के चलते डॉलर में आई यह तेजी सीधे तौर पर बिना ब्याज देने वाले सर्राफा यानी सोने की मांग पर भारी पड़ रही है। निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं, जिसके चलते पीली धातु में ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली देखने को मिल रही है।
क्रिप्टो बाजार में कार्डानो की शानदार छलांग
पारंपरिक मुद्रा बाजारों में सुस्ती के उलट डिजिटल एसेट स्पेस में सकारात्मक हलचल देखने को मिली। कार्डानो के टोकन एडीए में बढ़त का सिलसिला जारी रहा और यह 0.262 डॉलर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इस हफ्ते अब तक इस टोकन में 14 प्रतिशत से अधिक की जोरदार तेजी दर्ज की जा चुकी है। डेरिवेटिव्स बाजार में ओपन इंटरेस्ट में भारी बढ़ोतरी, सकारात्मक फंडिंग दरें और बड़े निवेशकों यानी व्हेल्स द्वारा की जा रही खरीदारी इस रैली को गति दे रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि खरीदारी का यह सिलसिला आगे भी बना रहता है, तो कार्डानो आने वाले दिनों में नए तकनीकी स्तरों को हासिल कर सकता है।
वाशिंगटन शिखर बैठक पर वैश्विक वित्तीय बाजारों की निगाहें
वैश्विक वित्तीय बाजारों के प्रतिभागी अब वाशिंगटन में गुरुवार को होने वाली शीर्ष स्तरीय राजनयिक बैठक का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच यह महत्वपूर्ण शिखर वार्ता होने जा रही है। पिछले कई महीनों से दोनों आर्थिक महाशक्तियों के बीच व्यापारिक तनाव कुछ हद तक थमा हुआ था। ऐसे में यह द्विपक्षीय मुलाकात तय करेगी कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं अपने मौजूदा व्यापार समझौते को आगे बढ़ाएंगी या फिर वैश्विक बाजार दोबारा अनिश्चितता और भारी उतार-चढ़ाव के एक नए दौर में प्रवेश करेंगे।
















