अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक के बाद वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर का दबदबा देखने को मिल रहा है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के हालिया सख्त रुख के चलते सिंगापुर डॉलर पर लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। वित्तीय रणनीतिकार क्रिस्टोफर वोंग के अनुसार, सिंगापुर डॉलर काफी हद तक अमेरिकी डॉलर की व्यापक चाल से संचालित होता है क्योंकि यह अमेरिकी मुद्रा में होने वाले बदलावों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। अगर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) और अल्पकालिक अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान तेजी जारी रहती है, तो सिंगापुर डॉलर पर सतर्क रुख बनाए रखना उचित होगा। हालांकि, आने वाले समय में यदि अमेरिकी आर्थिक गतिविधि, श्रम बाजार या मुद्रास्फीति के आंकड़ों में नरमी आती है, तो USD/SGD मुद्रा जोड़ी में दोबारा गिरावट का रुख लौट सकता है।
बाजार के मौजूदा परिदृश्य पर नजर डालें तो फेडरल रिजर्व का आक्रामक रुख अल्पावधि में USD/SGD को अस्थाई समर्थन दे सकता है। इसके बावजूद व्यापक संवेदनशीलता अमेरिकी वृहद आर्थिक आंकड़ों पर ही निर्भर करेगी। फेडरल रिजर्व ने अपनी बैठक में सर्वसम्मति से फेड फंड्स टारगेट रेंज को 25 आधार अंक बढ़ाकर 3.75%-4.00% कर दिया है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि इस नीतिगत कदम से महंगाई को समय पर उसके 2% के लक्ष्य तक वापस लाने में जरूरी मदद मिलेगी। जब तक अमेरिकी आंकड़े मजबूत बने रहेंगे और ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को पीछे धकेला जाएगा, तब तक डॉलर मजबूत स्थिति में बना रहेगा। लेकिन जैसे ही आंकड़ों में कमजोरी के संकेत दिखाई देंगे, सिंगापुर डॉलर को अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने का मौका मिल सकता है।
तकनीकी संकेत: हैंगिंग मैन पैटर्न और संभावित डेथ क्रॉस
दैनिक चार्ट पर तकनीकी संकेतकों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि दैनिक मोमेंटम भले ही तेज नजर आ रहा हो, लेकिन रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग ओवरबॉट स्थिति के करीब पहुंच चुका है। लाइव बाजार आंकड़ों के मुताबिक USD/SGD का भाव 1.28 के स्तर पर बना हुआ है, जो पिछले बंद भाव 1.28 से 0.02% की मामूली गिरावट दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 1.26 से 1.31 के बीच रहा है और कारोबारी वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के 1.00 गुना के बराबर है। दैनिक चार्ट पर 14-दिवसीय RSI 55 के स्तर पर स्थित है। मूल्य चाल एक संभावित हैंगिंग मैन कैंडलस्टिक पैटर्न की ओर इशारा कर रही है, जो आमतौर पर तेजी के बाद ट्रेंड रिवर्सल का प्रारंभिक संकेत माना जाता है।
इसके साथ ही चार्ट पर डेथ क्रॉस के निर्माण की संभावना भी बन रही है, जहां 50-दिवसीय मूविंग एवरेज (50 DMA) नीचे की तरफ 200-दिवसीय मूविंग एवरेज (200 DMA) को पार कर सकता है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के तहत 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20) 1.27 पर है, जबकि EMA50 और EMA200 दोनों 1.28 के स्तर पर हैं। 50-दिवसीय और 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA50 और SMA200) भी 1.28 पर टिके हैं, जिससे दीर्घकालिक रुझान में मंदी और EMA50 के EMA200 से नीचे जाने का डेथ क्रॉस संकेत दिख रहा है। बोलिंजर बैंड्स (20,2) का दायरा 1.26 से 1.28 के बीच है, जिसमें मध्य रेखा 1.27 पर स्थित है और भाव बैंड के अंदर ही बना हुआ है। 14-दिवसीय एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) 32 पर है जो एक मजबूत ट्रेंड की पुष्टि करता है, जबकि स्टोकेस्टिक संकेतक में फास्ट लाइन 81 और सिग्नल लाइन 87 पर चल रही है। 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज (ATR) 0.00 दर्ज है जो दैनिक अस्थिरता की स्थिति स्पष्ट करती है। 20 दिनों का सपोर्ट लगभग 1.26 और रेजिस्टेंस 1.28 पर बना हुआ है।
महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर: सपोर्ट और रेजिस्टेंस का दायरा
विदेशी मुद्रा बाजार में आगामी कारोबारी सत्रों के दौरान ट्रेडर किसी भी मंदी के रिवर्सल की पुष्टि के लिए मूल्य चाल पर पैनी नजर रख रहे हैं, जिससे यह तय होगा कि मंदी के संकेत पुख्ता होते हैं या खारिज हो जाते हैं। USD/SGD के लिए पहला मजबूत रेजिस्टेंस दायरा 1.2790 से 1.2810 के बीच स्थित है। यह स्तर 2026 के निचले स्तर से उच्चतम स्तर के 50% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर (1.2790) और 50, 100 तथा 200 डीएमए के संगम (1.2810) को दर्शाता है। इसके बाद अगला प्रमुख बाधा स्तर 1.2840 पर मौजूद है, जो 38.2% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के अनुरूप है। लाइव पिवट स्तर 1.28 पर है, जिसमें रेजिस्टेंस R1 1.28 और R2 1.28 के स्तर पर ही दिख रहे हैं।
दूसरी ओर, यदि डॉलर में बिकवाली हावी होती है, तो नीचे की तरफ पहला प्रमुख सपोर्ट 1.2740 पर बना हुआ है, जो 61.8% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर है। इसके बाद महत्वपूर्ण समर्थन 1.27 पर स्थित है, जहां 21 डीएमए का सहारा मिलता है। लाइव डेटा के अनुसार सपोर्ट S1 और S2 दोनों 1.28 के आसपास संकुचित हैं, लेकिन ऐतिहासिक स्तर 1.26 से 1.27 के बीच एक ठोस बेस प्रदान करते हैं। यह तकनीकी स्तर आने वाले दिनों में यह निर्धारित करेंगे कि क्या अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक संदेश का असर बरकरार रहता है या फिर व्यापक आर्थिक आंकड़ों की कमजोरी के कारण मुद्रा जोड़ी नीचे फिसलती है।
वैश्विक मुद्राओं में उतार-चढ़ाव: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, जापानी येन और सोना
अमेरिकी डॉलर के व्यापक असर के बीच अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में भी उल्लेखनीय हलचल देखने को मिल रही है। वॉल स्ट्रीट पर गुरुवार के समापन के बाद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) ने लगातार तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए वापसी की है और 0.7100 के मनोवैज्ञानिक आंकड़े के पार निकल गया है। अमेरिकी डॉलर की चाल में आए हल्के ढीलेपन ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के सुधार को सहारा दिया है, जबकि बाजार प्रतिभागी फेडरल रिजर्व के सख्त संदेश का लगातार आकलन कर रहे हैं।
दूसरी तरफ, एशियाई सत्र की शुरुआत से पहले जापानी येन के मुकाबले डॉलर (USD/JPY) 156.00 के दायरे में भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। इस जोड़ी ने पिछले तीन दिनों की बढ़त की गति को गंवा दिया है और 156.50 के स्तर से ठीक पहले थम गई है। निवेशकों का पूरा ध्यान बैंक ऑफ जापान (BoJ) की नीतिगत घोषणा पर टिका हुआ है, जहां 25 आधार अंकों की ब्याज दर बढ़ोतरी की व्यापक उम्मीद की जा रही है। जापान की बेहद कम ब्याज दरों ने एक दशक से अधिक समय तक खरबों डॉलर के वैश्विक निवेश को वित्तपोषित करने में मदद की थी, जिससे जापानी येन दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बन गया था। अब बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति को फिर से कड़ा करने की उम्मीदों के साथ यह लाभ नए चरण में प्रवेश कर रहा है। जहां दुनिया की अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरें तेजी से बढ़ाई थीं, वहीं जापान लंबे समय तक अपवाद बना रहा था।
कमोडिटी बाजार की बात करें तो सोने की कीमतों में भी गुरुवार को तेज उछाल देखा गया और इसने सप्ताह के नए उच्चतम स्तर को छुआ। हालांकि, 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के क्षेत्र के आसपास सोने की तेजी को शुरुआती बाधा का सामना करना पड़ा है। सोने में आई यह रिकवरी पिछले लगातार तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट को पलटती है। पीली धातु को अमेरिकी डॉलर में आई मामूली नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में आई कमजोरी से भी नया समर्थन मिला है। यह वैश्विक समीकरण दर्शाता है कि केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसलों के बाद मुद्रा और कमोडिटी बाजारों में एक बड़ा संतुलन स्थापित होने की प्रक्रिया चल रही है।


















