ऑस्ट्रेलियन डॉलर (AUD) में सप्ताह की शुरुआत के साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बिकवाली का दबाव देखने को मिला है, जिसके चलते AUD/USD की जोड़ी शुक्रवार के मल्टी-वीक हाई 0.7180 के आसपास के स्तर से नीचे फिसल गई है। यह जोड़ी फिलहाल 0.7154 के लाइव भाव पर ट्रेड कर रही है, जो इसके पिछले बंद भाव 0.7119 से 0.48% की बढ़त को दर्शाता है। ग्रीनबैक में हल्की रिकवरी और अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक से जुड़े कदमों के बीच बाजार सहभागियों का ध्यान अब अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और जैक्सन होल सिंपोजियम में चेयर वार्श के भाषण पर केंद्रित हो गया है।
मजबूत घरेलू बुनियादी और आर्थिक आंकड़े
व्यापक आर्थिक मोर्चे पर ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था की स्थिति काफी स्थिर और स्वस्थ नजर आती है, और यह अपने कई जी10 समकक्षों की तुलना में काफी बेहतर स्थिति में है। घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है और आर्थिक विकास के आंकड़े भी संतोषजनक हैं। हालांकि, इसके बावजूद जिद्दी मुद्रास्फीति के चलते रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) का रुख सतर्क और डेटा पर आधारित बना हुआ है। अगस्त महीने में घरेलू बिजनेस एक्टिविटी विस्तार के दायरे में बनी रहने की उम्मीद है, क्योंकि परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के आंकड़ों के मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग 52.0 पर स्थिर रही जबकि सर्विसेज का आंकड़ा मामूली गिरकर 52.9 पर आ गया।
व्यापार संतुलन और जीडीपी के मिश्रित आंकड़े
जून महीने के व्यापार संतुलन के आंकड़ों के अनुसार देश में 1.929 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का सरप्लस दर्ज किया गया, जिसने मई के 2.367 अरब डॉलर के घाटे की भरपाई कर दी। हालांकि, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़े उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे क्योंकि पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था की तिमाही-दर-तिमाही वृद्धि दर 0.3% (पिछले 0.9% से कम) रही, जबकि साल-दर-साल वृद्धि 2.5% पर दर्ज की गई। इसके अलावा, जुलाई में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.5% हो गई और रोजगार में 15.8 हजार की गिरावट आई।
चीन की अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रभाव
चीन की अर्थव्यवस्था अब ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था के लिए पहले जैसी मजबूत रफ्तार का जरिया बनने के बजाय एक स्थिर कारक की तरह काम कर रही है। अप्रैल-जून अवधि के दौरान चीन की अर्थव्यवस्था में 4.3% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जबकि जुलाई तक खुदरा बिक्री में 0.6% की मामूली बढ़त हुई। इसके अलावा, औद्योगिक उत्पादन में 4.5% की वृद्धि देखने को मिली। चीन में विस्फीति का रुझान फिर से उभरता दिख रहा है क्योंकि जुलाई तक वहां का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) सिर्फ 0.5% बढ़ा।
आरबीए का रुख और ब्याज दरें
आरबीए ने 11 अगस्त को अपनी आधिकारिक नकद दर (OCR) को अपरिवर्तित रखा था, लेकिन मुद्रास्फीति के उच्च बने रहने के कारण सख्त मौद्रिक रुख बरकरार रखा है। गवर्नर मिशेल बुलक ने साफ किया है कि फिलहाल किसी भी दर में कटौती पर विचार नहीं किया गया है और आने वाले आंकड़ों के आधार पर दरों में और बढ़ोतरी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। केंद्रीय बैंक का अनुमान है कि 2026 की चौथी तिमाही में हेडलाइन इन्फ्लेशन 3.6% रह सकती है।
तकनीकी विश्लेषण और लाइव मार्केट स्थिति
दैनिक चार्ट के अनुसार लाइव डेटा के आधार पर आरएसआई (14) का स्तर 68 पर है, जो मजबूत लेकिन अत्यधिक न होने वाले ऊपर की ओर गति का संकेत देता है। एमएसीडी सकारात्मक क्षेत्र में है और कीमत 50-दिवसीय तथा 200-दिवसीय सरल मूविंग एवरेज से ऊपर बनी हुई है, जिससे दीर्घकालिक रुझान तेजी का संकेत दे रहा है। हालांकि, ऊपर की ओर 0.7171 और 0.7189 के स्तर पर कड़ा प्रतिरोध मौजूद है, जबकि नीचे की ओर 0.7144 और 0.7134 के स्तर पर तत्काल समर्थन उपलब्ध है। बाजार सहभागियों की नजरें अब मुख्य रूप से वैश्विक जोखिम भावना और आने वाले आरबीए मिनट्स पर टिकी हुई हैं।



















