अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की लगातार जारी तेजी पर 4,700 डॉलर प्रति औंस के आसपास रुकावट देखने को मिली है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और अमेरिका व ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक समाधान की खबरों ने कीमती धातुओं की सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) मांग को आंशिक रूप से प्रभावित किया है। इसके साथ ही तकनीकी संकेतकों पर ओवरबॉट की स्थिति बनने से उत्तर अमेरिकी कारोबारी सत्र के दौरान सोने की कीमतों में मामूली नरमी आई। हाजिर बाजार में XAU/USD 0.2 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,641 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि लाइव सत्र के अंत में यह 4,704 डॉलर के स्तर पर 1.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहा।
तकनीकी अवरोध और प्रमुख सपोर्ट स्तर
कीमतों में आए इस हालिया उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण 4,700 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर पर भारी बिकवाली का दबाव होना है। तकनीकी मोर्चे पर 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 77 के स्तर पर पहुंच गया है, जो अत्यधिक ओवरबॉट क्षेत्र को दर्शाता है और अल्पकालिक मुनाफावसूली का संकेत देता है। हालांकि, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) 128.12 पर बना हुआ है जो सिग्नल लाइन 89.15 से ऊपर है और मध्यम अवधि में तेजी का माहौल कायम रहने की पुष्टि करता है।
सोने के लिए नीचे की तरफ पहला मजबूत समर्थन 4,600 डॉलर के स्तर पर देखा जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है, तो 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) जो 4,519 डॉलर पर स्थित है, एक महत्वपूर्ण रक्षात्मक रेखा के रूप में कार्य करेगा। इसके नीचे 4,500 डॉलर का स्तर और फिर 100-दिवसीय SMA 4,379 डॉलर पर मौजूद है। लाइव डेटा के अनुसार 20-दिवसीय घातीय गतिमान औसत (EMA) 4,395 डॉलर और 50-दिवसीय EMA 4,310 डॉलर पर बना हुआ है। यदि खरीदार दोबारा 4,700 डॉलर के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल रहते हैं, तो अगला लक्ष्य 7 मई के उच्च स्तर 4,764 डॉलर और उसके बाद 4,800 डॉलर व 5,000 डॉलर के ऐतिहासिक स्तर हो सकते हैं।
अमरीकी आर्थिक आंकड़े और फेड की सख्त मौद्रिक नीति
बुनियादी कारकों की बात करें तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था से मिले-जुले आंकड़े सामने आए हैं। जुलाई महीने के लिए अमेरिकी बिल्डिंग परमिट्स में 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 1.433 मिलियन रही। यह आंकड़ा जून की 2.6 प्रतिशत की गिरावट और बाजार के 5 प्रतिशत के अनुमानों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है। इसके अलावा 4-सप्ताह का औसत ADP एम्प्लॉयमेंट चेंज 11.75K दर्ज किया गया, जो पिछले 9.5K के आंकड़े से बेहतर है। हालांकि कॉन्फ्रेंस बोर्ड का कंज्यूमर कॉन्फिडेंस इंडेक्स 90.2 पर रहा, जिसने विश्लेषकों के अनुमानों को थोड़ा निराश किया, भले ही परिवारों ने अगस्त में व्यापार और नौकरियों की स्थिति में सुधार महसूस किया है।
इस बीच बॉस्टन फेड की अध्यक्ष सुजैन कॉलिन्स ने मौद्रिक नीति पर अपना सख्त रुख दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका में मुद्रास्फीति अभी भी बहुत अधिक बनी हुई है और मूल्य स्थिरता को लेकर चिंताएं कायम हैं। कॉलिन्स ने माना कि श्रम बाजार पूर्ण रोजगार के करीब है और आर्थिक विकास दर रुझान के आसपास बनी हुई है। बाजार प्रतिभागियों की नजरें अब फेडरल रिजर्व के पसंदीदा मुद्रास्फीति मानक कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स पर टिकी हैं। इसके अतिरिक्त जैक्सन होल सिम्पोजियम में नए फेड चेयरमैन केविन वॉश का आगामी संबोधन अमेरिकी ब्याज दरों के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और सोने की बुनियादी मजबूती
ऐतिहासिक रूप से सोना मूल्य के संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में अपनी विशिष्ट भूमिका निभाता रहा है। गहनों में इस्तेमाल के अलावा वित्तीय अनिश्चितता के दौर में इसे सबसे सुरक्षित संपत्ति माना जाता है। किसी भी सरकार या जारीकर्ता संस्था पर निर्भर न होने के कारण यह मुद्रास्फीति और कागजी मुद्राओं के अवमूल्यन के खिलाफ एक कारगर हेज का काम करता है। वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े धारक हैं। कठिन आर्थिक परिस्थितियों में अपनी घरेलू मुद्राओं को मजबूती देने और विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए वे लगातार सोने की लिवाली करते हैं।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में केंद्रीय बैंकों ने अपने भंडारों में कुल 1,136 टन सोना जोड़ा था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 70 अरब डॉलर थी। यह रिकॉर्ड आंकड़ों की शुरुआत के बाद से किसी भी एक वर्ष में की गई सबसे बड़ी खरीदारी थी। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते बाजारों के केंद्रीय बैंक अपनी आर्थिक साख और तरलता को मजबूत करने के लिए सोने के भंडार को तेजी से बढ़ा रहे हैं।
अमेरिकी डॉलर और अन्य वित्तीय संपत्तियों का रुख
सोने का अमेरिकी डॉलर (USD) और अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिभूतियों के साथ विपरीत संबंध होता है। जब डॉलर कमजोर होता है या ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं बनती हैं, तब बिना ब्याज देने वाली संपत्ति होने के बावजूद सोने की मांग बढ़ जाती है। इसी तरह शेयर बाजार में बड़ी तेजी सोने के प्रति आकर्षण को कम करती है, जबकि जोखिम वाली संपत्तियों में बिकवाली सोने के भाव को सहारा देती है।
अन्य बाजारों पर नजर डालें तो GBP/USD सोमवार की मंदी से उबरते हुए 1.3650 के प्रतिरोध क्षेत्र के करीब पहुंचा है, जहां उसे अमेरिकी डॉलर की हल्की बिकवाली का सहारा मिला है। वहीं EUR/USD भी दो दिनों की गिरावट के बाद 1.670 के स्तर को दोबारा छूता हुआ दिखा। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन (BTC) 80,000 डॉलर के पार निकल गया है, जो मई के मध्य के बाद का इसका उच्चतम स्तर है और निवेशकों के सकारात्मक रिस्क-ऑन रवैये को दर्शाता है। इक्विटी में S&P 500 का 2026 Q2 अर्निंग सीजन समापन की ओर है, जहां सभी की निगाहें टेक दिग्गज एनवीडिया (NVDA) के नतीजों पर टिकी हैं। इसके अलावा अमेरिकी वित्त विभाग ने 10 से 30 वर्ष की परिपक्वता वाली बॉन्ड तरलता सहायता के लिए बायबैक सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर करने का निर्णय लिया है, जो 9 सितंबर से लागू होगा।



















