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बैंक ऑफ इंग्लैंड के यथास्थिति बनाए रखने से ब्रिटिश पाउंड लुढ़का, ब्याज दरों पर नीति निर्माताओं में मतभेदबाज़ार
19 सित॰ 2026, 1:23 pm (23 मिनट पहले)· 0

बैंक ऑफ इंग्लैंड के यथास्थिति बनाए रखने से ब्रिटिश पाउंड लुढ़का, ब्याज दरों पर नीति निर्माताओं में मतभेद

बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा अपनी नीतिगत ब्याज दर को अपरिवर्तित रखने के फैसले के बाद ब्रिटिश पाउंड टूटकर 1.3336 के स्तर पर आ गया। नौ सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति में से तीन सदस्यों ने दरें बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया, जिससे आने वाले महीनों में नीतिगत खींचतान की संभावना बढ़ गई है।

GBP/USDSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण19 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD अभी 1.34 पर है, जबकि EMA20 1.35, EMA50 1.35 और EMA200 1.34 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 (1.35) के पास थम सकती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD का RSI 38 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

स्टोकैस्टिकStochastic Oscillator (14,3)

यह क्या है

Stochastic बंद भाव की तुलना उसके हालिया दायरे से करता है। 80 के ऊपर ओवरबॉट, 20 के नीचे ओवरसोल्ड; इन छोरों के पास तेज़ रेखा और सिग्नल रेखा का क्रॉसओवर पलटाव का शुरुआती संकेत है।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD की फास्ट लाइन / सिग्नल लाइन 24/18 पर है।

आगे संभावित चाल

20 या 80 के पास क्रॉस पर नजर रखें।

ब्रिटिश पाउंड में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेज गिरावट दर्ज की गई है और यह टूटकर 1.3336 पर आ गया, जो जुलाई के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है। बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा अपनी नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के फैसले के बाद मुद्रा बाजार में यह कमजोरी देखने को मिली। मौद्रिक नीति समिति के भीतर लिए गए इस निर्णय के पीछे नीति निर्माताओं के बीच गहरा मतभेद सामने आया है, जहां नौ सदस्यों वाली समिति में से तीन नीति निर्माताओं ने बैंक रेट को बढ़ाकर 4% करने के पक्ष में अपना मत दिया। हालांकि बहुमत यथास्थिति बनाए रखने के पक्ष में रहा, लेकिन विभाजित फैसले ने विदेशी मुद्रा बाजार में अनिश्चितता को बढ़ा दिया है।

मौद्रिक नीति समिति में गहरा विभाजन और महंगाई का बढ़ता दबाव

नीतिगत बैठक के विवरण से स्पष्ट होता है कि ब्रिटेन में मुद्रास्फीति के रुझान को लेकर केंद्रीय बैंक के अधिकारी एकमत नहीं हैं। यूनाइटेड किंगडम में अगस्त के दौरान उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई दर बढ़कर 3.1% पर पहुंच गई, जो पिछले पांच महीनों का उच्चतम स्तर है और मार्च के बाद पहली बार 3% के आंकड़े से ऊपर निकली है। इस उछाल में मोटर ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का बड़ा योगदान रहा। समिति ने अपनी समीक्षा में स्वीकार किया कि आने वाली तिमाहियों में मुद्रास्फीति में और इजाफा होने की प्रबल संभावना है। इसके अतिरिक्त, बैंक के अपने अल्पकालिक अनुमानों के अनुसार 2027 की शुरुआत में महंगाई 4% से ऊपर निकल सकती है।

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यही वजह रही कि तीन सदस्यों ने स्थिति बिगड़ने का इंतजार करने के बजाय तत्काल ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने की पुरजोर वकालत की। इन तीन सदस्यों में शामिल समिति की सदस्य मान ने मौजूदा आंकड़ों के बजाय बैंक के भविष्यगामी अनुमानों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही और तर्क दिया कि दरें अभी बढ़ाना अधिक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प होगा। मान का मानना था कि यदि केंद्रीय बैंक समय रहते सख्त कदम नहीं उठाता, तो आने वाले समय में महंगाई को नियंत्रित करना कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।

गवर्नर बेली का दृष्टिकोण और गिल्ट बिक्री की धीमी गति

दूसरी तरफ, बैंक के गवर्नर बेली ने इसी आधिकारिक दस्तावेज में विपरीत पक्ष प्रस्तुत किया। बेली का आकलन है कि ऊर्जा कीमतों का अप्रत्यक्ष असर बैंक के शुरुआती अनुमानों की तुलना में काफी कमजोर रहा है। इसके साथ ही, अर्थव्यवस्था में दूसरे दौर के मुद्रास्फीतिकारी प्रभावों के प्रमाण बेहद सीमित नजर आ रहे हैं। गवर्नर ने रेखांकित किया कि घरेलू मुद्रास्फीति का दबाव लगातार कम हो रहा है और देश का श्रम बाजार सुस्त पड़ रहा है। ऐसे आर्थिक माहौल में आक्रामक रूप से दरों में वृद्धि करना विकास दर को अवरुद्ध कर सकता है।

नीतिगत नरमी का एक और बड़ा संकेत केंद्रीय बैंक के बैलेंस शीट प्रबंधन से सामने आया। इसी बैठक के दौरान समिति ने बैंक के सरकारी बांड यानी गिल्ट की बिक्री की रफ्तार को घटाकर 20 बिलियन पाउंड प्रति वर्ष करने के पक्ष में मतदान किया। वित्तीय बाजारों के जानकारों का मानना है कि जब कोई नीतिगत समिति दरों में जल्द बढ़ोतरी की तैयारी कर रही होती है, तो वह आमतौर पर बांड बिक्री घटाने और इस प्रकार के नरम आर्थिक संकेत देने वाले विवरण जारी नहीं करती। इस कदम से स्पष्ट संकेत मिला कि बहुसंख्यक सदस्य अर्थव्यवस्था में अतिरिक्त सख्ती लाने से बच रहे हैं।

आगामी बैठक का समय और आर्थिक आंकड़ों की चुनौती

पाउंड स्टर्लिंग के लिए आने वाले हफ्तों का समय भी काफी चुनौतीपूर्ण साबित होने वाला है। बैंक ऑफ इंग्लैंड की अगली औपचारिक बैठक 5 नवंबर को निर्धारित है, जिसमें अभी 48 दिनों का समय बाकी है। इसका सीधा तात्पर्य यह है कि अगले करीब सात हफ्तों तक केंद्रीय बैंक की ओर से नीतिगत स्तर पर कोई आधिकारिक बयान या मार्गदर्शन उपलब्ध नहीं होगा। बाजार वर्तमान में नवंबर की बैठक में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की 74% संभावना और एक वर्ष के भीतर कुल चार दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद जता रहा है।

हालांकि, इस 74% संभावना को अगले सात हफ्तों के दौरान जारी होने वाले व्यापक आर्थिक आंकड़ों की परीक्षा से गुजरना होगा। आंकड़ों की यह श्रृंखला शुक्रवार से शुरू हो रही है। दूसरी तरफ, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक बैंक ऑफ इंग्लैंड से पहले, यानी 28 अक्टूबर को होनी है, जो वैश्विक मुद्रा प्रवाह और डॉलर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

ब्रिटेन और अमेरिका के महत्वपूर्ण आंकड़ों का कैलेंडर

शुक्रवार को सुबह 06:00 GMT पर ब्रिटेन के अगस्त माह के खुदरा बिक्री आंकड़े जारी होंगे। मासिक आधार पर इनमें 0.2% की गिरावट का अनुमान व्यक्त किया गया है, जबकि जुलाई में यह आंकड़ा -0.5% रहा था। यदि अनुमान सही साबित होते हैं, तो यह बिक्री की मात्रा में लगातार दूसरे महीने की गिरावट दर्ज करेगा। मोटर ईंधन को हटाकर गणना करने पर भी अनुमान -0.2% की गिरावट का ही है, जो जुलाई के -0.9% से आंशिक सुधार दिखाता है। वार्षिक आधार पर खुदरा बिक्री 1.9% रहने का अनुमान है जो पिछले 1.6% से अधिक है। यह इस बात का संकेत है कि उपभोक्ता समान मात्रा की खरीदारी के लिए अधिक कीमतें चुका रहे हैं।

अमेरिकी मोर्चे पर, फेड गवर्नर बोमन का संबोधन 07:30 GMT पर होगा, जिसके बाद 13:15 GMT पर अगस्त के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े सामने आएंगे, जिनके जुलाई की तुलना में 0.1 अंक बेहतर रहने की उम्मीद है। अगले सप्ताह बुधवार को सुबह 08:30 GMT पर ब्रिटेन के फ्लैश परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स आंकड़े आएंगे, जहां पिछली बार कंपोजिट रीडिंग 52.5 और मैन्युफैक्चरिंग 51.7 दर्ज की गई थी। इसके कुछ घंटों बाद 13:45 GMT पर अमेरिका के संबंधित आंकड़े जारी होंगे, जहां पिछली बार कंपोजिट सूचकांक 56 पर था। इसके बाद गुरुवार रात 23:01 GMT पर सितंबर के लिए GfK उपभोक्ता विश्वास के आंकड़े जारी होंगे जो पिछली बार -14 पर थे। सप्ताह का अंत शुक्रवार को अमेरिकी ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर्स और मिशिगन कंज्यूमर सेंटिमेंट सर्वे के साथ होगा। मिशिगन सर्वे में आगामी एक वर्ष के लिए परिवारों की मुद्रास्फीति अपेक्षाएं शामिल होती हैं, जिस पर फेडरल रिजर्व पैनी नजर रखता है और पिछली बार यह आंकड़ा 4.6% पर रहा था।

तकनीकी स्तर और चार्ट परिदृश्य

चार्ट विश्लेषण के लिहाज से, 1.3400 का स्तर मजबूत प्रतिरोध के रूप में कार्य कर रहा है, जिसने सत्र के उच्चतम स्तर 1.3407 को सीमित रखा। इसके ठीक ऊपर 1.3417 पर 200-दिवसीय मूविंग एवरेज मौजूद है, जो तेजी की संभावनाओं को रोक रहा है। यदि यह स्तर पार होता है, तो अगला प्रमुख प्रतिरोध 1.3500 पर है, जहां से बुधवार की तेज गिरावट का दौर आरंभ हुआ था।

नीचे की ओर, 1.3336 का सत्र निचला स्तर तत्काल समर्थन बना हुआ है। इसके नीचे 1.3300 एक अत्यंत अहम मनोवैज्ञानिक स्तर है, जिसके नीचे जुलाई के अंतिम दिनों के बाद से इस जोड़ी ने कारोबार नहीं किया है। समग्र तकनीकी रुझान तब तक मंदी की ओर झुका रहेगा जब तक कीमत 1.3417 के नीचे बनी रहती है। मंदी की स्थिति में नीचे के लक्ष्य 1.3300 और फिर जुलाई के निचले स्तर 1.3270 के आसपास केंद्रित हैं। दैनिक स्टोकेस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी Stoch RSI लगभग 16 के स्तर पर सपाट बना हुआ है, जो ओवरसोल्ड स्थिति का संकेत तो देता है लेकिन किसी तत्काल रिवर्सल की पुष्टि नहीं करता। 1.3417 के ऊपर दैनिक क्लोजिंग ही इस मंदी के परिदृश्य को समाप्त कर सकेगी।

लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, GBP/USD वर्तमान में 1.34 के आसपास कारोबार कर रहा है और 52-सप्ताह का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच बना हुआ है। 14-दिवसीय RSI 38 पर है, जबकि MACD हिस्टोग्राम मंदी की ओर झुका हुआ है। तकनीकी संकेतकों में 20-दिवसीय और 50-दिवसीय EMA 1.35 पर स्थित हैं, जबकि 200-दिवसीय EMA 1.34 के पास है। 20-दिवसीय समर्थन 1.33 और प्रतिरोध 1.37 के पास आंका गया है।

वैश्विक मुद्रा बाजार में पाउंड स्टर्लिंग का महत्व और प्रेरक कारक

पाउंड स्टर्लिंग दुनिया की सबसे पुरानी चालू मुद्रा है, जिसका इतिहास वर्ष 886 से जुड़ा है। यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है और वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में चौथी सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा मानी जाती है। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर के कुल मुद्रा लेनदेन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 12% है, जिसका दैनिक टर्नओवर औसतन 630 बिलियन डॉलर बैठता है। इसके प्रमुख व्यापारिक जोड़ों में GBP/USD शामिल है, जिसे मुद्रा बाजार में 'केबल' कहा जाता है और यह अकेले कुल मुद्रा कारोबार का 11% हिस्सा रखता है। अन्य जोड़ों में GBP/JPY जिसे ट्रेडर्स 'ड्रैगन' कहते हैं, 3% की हिस्सेदारी रखता है, तथा EUR/GBP की हिस्सेदारी 2% है। पाउंड स्टर्लिंग को जारी करने का कार्य बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा किया जाता है।

पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे प्राथमिक कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा निर्धारित मौद्रिक नीति है। केंद्रीय बैंक अपने निर्णय मुख्य रूप से 2% के आसपास मूल्य स्थिरता हासिल करने के प्राथमिक लक्ष्य के आधार पर तय करता है। जब मुद्रास्फीति अनियंत्रित होने लगती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में इजाफा करता है ताकि ऋण महंगा हो और मांग में कमी आए। सामान्यतः उच्च ब्याज दरें वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करती हैं, जिससे घरेलू मुद्रा मजबूत होती है। इसके विपरीत, जब मुद्रास्फीति बहुत नीचे गिर जाती है और आर्थिक सुस्ती दिखती है, तो बैंक दरों में कटौती कर निवेश को बढ़ावा देने का प्रयास करता है।

इसके अतिरिक्त, जीडीपी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई, तथा रोजगार से जुड़े आंकड़े भी पाउंड के रुझान को गति देते हैं। मजबूत आर्थिक आंकड़े न केवल विदेशी निवेश लाते हैं बल्कि दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद जगाकर मुद्रा को सहारा देते हैं। एक अन्य महत्वपूर्ण संकेतक व्यापार संतुलन है, जो देश के निर्यात और आयात के अंतर को दर्शाता है। यदि किसी देश के निर्यात की मांग अधिक होती है, तो विदेशी खरीदारों द्वारा स्थानीय मुद्रा की मांग बढ़ने से मुद्रा मजबूत होती है, जबकि नकारात्मक व्यापार संतुलन मुद्रा पर दबाव बनाता है।

वैश्विक वित्तीय बाजारों की व्यापक हलचल

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजारों में अन्य जोड़ों में भी महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिली। वॉल स्ट्रीट के बंद होने के बाद AUD/USD तीन दिनों की लगातार गिरावट से उबरते हुए 0.7100 के स्तर से ऊपर निकल गया। अमेरिकी डॉलर में नरमी ने इस सुधार को गति प्रदान की, जबकि निवेशक फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के संकेतों को संतुलित करने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर, USD/JPY एशियाई सत्र की शुरुआत से पहले 156.00 के क्षेत्र में नुकसान के साथ कारोबार करता दिखा, जिससे इसकी तीन दिवसीय बढ़त पर विराम लगा और यह 156.50 के स्तर के नीचे रुका। बाजार की पूरी नजर बैंक ऑफ जापान पर टिकी है, जहां निवेशकों को 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की व्यापक उम्मीद है।

उल्लेखनीय है कि जापान की अत्यधिक कम ब्याज दरों ने एक दशक से अधिक समय तक खरबों डॉलर के वैश्विक निवेशों के वित्तपोषण में मदद की, जिससे जापानी येन दुनिया के सबसे सस्ते फंडिंग स्रोतों में से एक बन गया था। अब बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत सख्ती की तैयारी के साथ ही यह दौर एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। सोने की कीमतों में भी तेजी देखी गई और पीली धातु गुरुवार को नए साप्ताहिक शिखर पर पहुंच गई, हालांकि इसे 4,400 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने भी सर्वसम्मति से अपनी लक्षित सीमा को 25 आधार अंक बढ़ाकर 3.75%-4.00% कर दिया है, ताकि 2% के मुद्रास्फीति लक्ष्य को समय पर प्राप्त किया जा सके।

सवाल-जवाब

बैंक ऑफ इंग्लैंड के फैसले के बाद ब्रिटिश पाउंड किस स्तर तक गिर गया?
बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के बाद पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 1.3336 पर आ गया, जो जुलाई के बाद का सबसे निचला स्तर है।
मौद्रिक नीति समिति में ब्याज दरों को लेकर क्या मतदान हुआ?
नौ सदस्यीय समिति में से तीन सदस्यों ने बैंक रेट को बढ़ाकर 4% करने के पक्ष में मतदान किया, जबकि बहुमत ने दरों को यथावत रखने का समर्थन किया।
ब्रिटेन में अगस्त माह की मुद्रास्फीति दर कितनी रही?
अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति बढ़कर 3.1% पर पहुंच गई, जो पांच महीनों का उच्चतम स्तर है और इसमें ईंधन की कीमतों का बड़ा हाथ रहा।
बैंक ऑफ इंग्लैंड की अगली बैठक कब आयोजित होगी?
केंद्रीय बैंक की अगली नीतिगत बैठक 5 नवंबर को होनी है, जो मौजूदा बैठक से 48 दिन दूर है।
केंद्रीय बैंक ने गिल्ट बिक्री को लेकर क्या निर्णय लिया?
बैठक में बैंक ऑफ इंग्लैंड ने अपने सरकारी बांड यानी गिल्ट की बिक्री की गति को धीमा करते हुए इसे 20 बिलियन पाउंड प्रति वर्ष करने का निर्णय लिया।
GBP/USD के लिए कौन से तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं?
तकनीकी रूप से 1.3417 और 1.3400 प्रमुख प्रतिरोध स्तर हैं, जबकि नीचे की ओर 1.3336 और 1.3300 महत्वपूर्ण समर्थन स्तर बने हुए हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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