बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) द्वारा अपनी आगामी नीतिगत बैठक में ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसले से पहले वैश्विक मुद्रा बाजारों में सरगर्मी काफी बढ़ गई है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि यूनाइटेड किंगडम (UK) में घटती वेतन वृद्धि और सेवाओं के क्षेत्र में कम होती मुद्रास्फीति को देखते हुए केंद्रीय बैंक अपनी नीतिगत दरों में बदलाव को फिलहाल टाल सकता है। ऐसे में नीतिगत ब्याज दर को 3.75 प्रतिशत के स्तर पर ही बनाए रखने की पूरी संभावना जताई जा रही है। हालांकि, वित्तीय बाजारों में आगामी समय के लिए जिस तरह की आक्रामक दर वृद्धियों का अनुमान लगाया जा रहा है, वह वास्तविक परिस्थितियों से काफी अलग नजर आता है। इस विसंगति के कारण आने वाले समय में ब्रिटिश पाउंड (GBP) की कीमतों में एक बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है, क्योंकि बाजार को अपनी उम्मीदों को दोबारा संतुलित करना पड़ेगा।
नीतिगत दरों पर समिति का संभावित विभाजन और ठहराव के कारण
बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक नीति समिति की आगामी बैठक में नीतिगत दरों को स्थिर रखने का निर्णय पूरी तरह से सर्वसम्मति से होना मुश्किल नजर आ रहा है। अनुमानों के अनुसार, बैठक में ब्याज दरों को 3.75 प्रतिशत पर बनाए रखने के पक्ष में 6-3 का विभाजन देखने को मिल सकता है। समिति के तीन प्रमुख सदस्य मेगन ग्रीन, कैथरीन एल मान और ह्यू पिल नीतिगत दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी के पक्ष में अपना मत दे सकते हैं। इसके बावजूद, यूनाइटेड किंगडम के आर्थिक आंकड़े दरों में बढ़ोतरी को रोकने का मजबूत आधार प्रदान कर रहे हैं। हाल के महीनों में देश के भीतर वेतन वृद्धि की रफ्तार सुस्त पड़ी है और सेवाओं के क्षेत्र में महंगाई के दबाव में कमी आई है। इस तरह के आर्थिक बदलाव केंद्रीय बैंक को नीतिगत मोर्चे पर कुछ समय के लिए शांत बने रहने की पर्याप्त गुंजाइश प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त, आने वाले समय में जारी होने वाले यूनाइटेड किंगडम के जुलाई के श्रम बाजार के आंकड़े और अगस्त के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़े भी इसी सुस्ती की प्रवृत्ति को और मजबूत कर सकते हैं।
बाजार का अत्यधिक उत्साह और ब्रिटिश पाउंड पर गहराता दबाव
वैश्विक मुद्रा बाजारों में स्वैप्स कर्व के माध्यम से यह संकेत मिल रहे हैं कि निवेशक अगले बारह महीनों में बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा कुल 125 बेसिस पॉइंट की अतिरिक्त दर बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे यह दर बढ़कर 5.00 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। ब्राउन ब्रदर्स हैरीमन (BBH) के एलियास हदाद के अनुसार, बाजार का यह रुख अत्यधिक आक्रामक और अवास्तविक है। यूनाइटेड किंगडम की अर्थव्यवस्था में मौजूद नकारात्मक आउटपुट गैप और वर्तमान नीतिगत दर (3.75 प्रतिशत) का पहले से ही बैंक ऑफ इंग्लैंड के अनुमानित न्यूट्रल रेंज (2 प्रतिशत से 4 प्रतिशत) के ऊपरी छोर के करीब होना इस बात की गवाही देता है कि केंद्रीय बैंक आक्रामक रूप से दरें बढ़ाने से बचेगा। इसके साथ ही, देश में आगामी समय में और अधिक सख्त राजकोषीय नीति लागू होने की संभावना है, जो दर बढ़ोतरी के चक्र को धीमा करने के पक्ष में एक बड़ा तर्क पेश करती है।
लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर (GBP/USD) की जोड़ी वर्तमान में लगभग 1.35 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जिसमें पिछले बंद स्तर 1.35 की तुलना में 0.21 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। इस जोड़ी का पिछले 52 सप्ताह का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है। तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 44 के स्तर पर है, जो बाजार में कमजोरी का संकेत देता है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) भी बेयरिश जोन में बना हुआ है। हालांकि लंबे समय के लिए EMA50 और EMA200 के बीच एक गोल्डन क्रॉस की स्थिति बनी हुई है, लेकिन अल्पकालिक तौर पर पाउंड की कीमतें बोलिंगर बैंड्स के भीतर सीमित हैं। फिलहाल 20 दिनों का सपोर्ट स्तर 1.35 के आसपास और रेसिस्टेंस स्तर 1.37 के करीब देखा जा रहा है। बाजार में विक्रेता वर्तमान में मासिक निचले स्तरों यानी 1.3480 से 1.3470 के करीब कीमतों को धकेलने की कोशिश कर रहे हैं।
अन्य वैश्विक मुद्राओं में उतार-चढ़ाव: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन का हाल
यूनाइटेड किंगडम के घटनाक्रमों के इतर अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्रा जोड़ियों में भी सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान काफी हलचल देखी गई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) की जोड़ी एशियाई सत्र के दौरान गिरकर लगभग डेढ़ सप्ताह के निचले स्तर 0.7140 के आसपास पहुंच गई। हालांकि, इस गिरावट को बहुत अधिक फॉलो-थ्रू नहीं मिला और यह जोड़ी बाद में सुधरकर 0.7100 के मध्य स्तरों से ठीक ऊपर कारोबार करती देखी गई, जो दिन के दौरान करीब 0.25 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाती है।
दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर (USD/JPY) ने नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत मजबूती के साथ की। इस मुद्रा जोड़ी ने पिछले शुक्रवार को हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई करते हुए एशियाई सत्र में 154.00 के स्तर के करीब पहुंचने का प्रयास किया। इसके बावजूद, यह जोड़ी पिछले एक सप्ताह से बनी हुई एक सीमित सीमा के भीतर ही कारोबार कर रही है। यह स्तर अभी भी पिछले मंगलवार को छुए गए लगभग सात महीने के निचले स्तर के काफी करीब है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर ट्रेडर इस सप्ताह होने वाली विभिन्न केंद्रीय बैंकों की प्रमुख बैठकों के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
पाई नेटवर्क का सुधरा प्रदर्शन और कनाडा के महंगाई के आंकड़े
क्रिप्टोकरेंसी बाजार की बात करें तो पाई नेटवर्क (PI) ने सोमवार को अपनी रिकवरी को जारी रखा। लगातार दो सप्ताह की बढ़त के बाद यह टोकन वर्तमान में $0.097 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है। इसके पारिस्थितिकी तंत्र में लगातार हो रहे विकास और डेवलपर टूल्स में सुधार के कारण इसकी उपयोगिता बढ़ रही है। हालांकि, तकनीकी संकेतकों के अनुसार रिकवरी के प्रयास अभी भी शुरुआती चरण में हैं और ऊपर स्थित एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) इसके लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं, जिससे PI की बढ़त सीमित हो सकती है।
उत्तरी अमेरिकी बाजार में निवेशकों का ध्यान कनाडा के अगस्त महीने के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़ों पर केंद्रित है, जिन्हें सोमवार को जारी किया जाना तय है। स्टैटिस्टिक्स कनाडा द्वारा जारी किए जाने वाले ये आंकड़े बाजार को मुद्रास्फीति के दबावों का नया अपडेट प्रदान करेंगे। इससे पहले, 2 सितंबर को हुई अपनी नीतिगत बैठक में बैंक ऑफ कनाडा के अधिकारियों ने ब्याज दरों को 2.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का निर्णय लिया था, जो विश्लेषकों के सर्वसम्मत अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप था। अब नए आंकड़े यह तय करेंगे कि आने वाले समय में वहां की मौद्रिक नीति क्या रुख अख्तियार करती है।


















