अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में जापानी येन लगातार मजबूत पकड़ बनाता दिख रहा है। हालिया कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन 152.88 के स्तर तक मजबूत होने के बाद फिलहाल 153.26 से 153.33 के दायरे में बना हुआ है। बाजार प्रतिभागी इस बात को लगभग तय मानकर चल रहे हैं कि बैंक ऑफ जापान सितंबर में अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर सकता है। पहले जब भी जापानी येन में बड़ी तेजी आती थी, तो उसके पीछे अक्सर सरकारी या केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप की भूमिका होती थी। हालांकि, इस बार स्थिति पूरी तरह से अलग नजर आ रही है। जापानी येन का यह हालिया उभार किसी आधिकारिक मुद्रा हस्तक्षेप का परिणाम नहीं है, बल्कि जापान की अपनी आंतरिक आर्थिक बुनियाद में आए सकारात्मक बदलावों का नतीजा है। देश में वास्तविक वेतन में वृद्धि, जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड्स में विस्तार और सेमीकंडक्टर क्षेत्र की मजबूती जैसे बुनियादी कारक इस रैली को ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही, लंबे समय से चले आ रहे कैरी ट्रेड के समीकरण भी बदल रहे हैं, जिससे संस्थागत रणनीतिकार अब यह मान रहे हैं कि जापानी पूंजी की स्वदेश वापसी एक टिकाऊ ट्रेंड का रूप ले सकती है।
जापानी येन की जैविक मजबूती के बुनियादी कारण
वित्तीय बाजार विश्लेषण फर्म राबोबैंक की वरिष्ठ रणनीतिकार जेन फोले के अनुसार, जापानी येन में आ रही यह तेजी केवल एक अल्पकालिक सुधार नहीं है, बल्कि यह जापान की मजबूत होती घरेलू अर्थव्यवस्था की संरचनात्मक बदलाव की ओर इशारा करती है। जापान में सरकारी बॉन्ड यील्ड्स का बढ़ना और कर्मचारियों के वास्तविक वेतन में सुधार होना ऐसे प्रमुख घटनाक्रम हैं, जो जापानी निवेशकों को विदेशी संपत्तियों जैसे अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड्स में पैसा लगाने के बजाय अपनी पूंजी को वापस अपने देश में लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसके अलावा, जापान के सेमीकंडक्टर सेक्टर में आ रही तेजी ने भी करेंसी को बुनियादी मजबूती प्रदान की है।
जेन फोले का मानना है कि विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन के मूल्य को लेकर निवेशकों की सोच में बड़ा बदलाव आया है। लंबे समय से निवेशक कम ब्याज दर वाली जापानी मुद्रा में कर्ज लेकर अधिक ब्याज वाली विदेशी मुद्राओं में निवेश करते थे, जिसे कैरी ट्रेड कहा जाता है। अब यह रणनीति कमजोर पड़ती दिख रही है। हाल ही में बाजार में ऐसी अफवाहें उड़ी थीं कि जापानी अधिकारी USD/JPY के स्तरों पर नजर रख रहे हैं, लेकिन हालिया आंकड़े बताते हैं कि जापानी येन में आई यह ताजा उछाल बिना किसी आधिकारिक हस्तक्षेप के दर्ज की गई है। केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप के बिना आने वाली तेजी को हमेशा अधिक प्रभावशाली और टिकाऊ माना जाता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर अर्थव्यवस्था के मजबूत बुनियादी पहलुओं को दर्शाती है।
बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति और बाजार का परिदृश्य
मुद्रा बाजार के व्यापक रुझान पर बात करते हुए एमयूएफजी के वरिष्ठ विश्लेषक माइकल वान ने रेखांकित किया कि USD/JPY की विनिमय दर में 152.88 के करीब तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है, लेकिन इसका मूल आधार बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति के सामान्यीकरण की ओर बढ़ना ही है। हालांकि जापान से आने वाले कुछ हालिया आर्थिक आंकड़े मिले-जुले रहे हैं, फिर भी वायदा बाजार ने सितंबर में होने वाली बैंक ऑफ जापान की बैठक में 25 बेसिस प्वाइंट की दर वृद्धि की संभावना को पूरी तरह से शामिल कर लिया है। अब निवेशकों और विश्लेषकों का पूरा ध्यान इस बात पर टिका हुआ है कि केंद्रीय बैंक लंबी अवधि के लिए दरों के आगे के मार्ग को लेकर क्या संकेत देता है।
माइकल वान का कहना है कि अब तक के बाजार रुझान यह स्पष्ट करते हैं कि जापान के घरेलू आर्थिक कारक ही इस समय मुद्रा दरों को मुख्य रूप से संचालित कर रहे हैं। यही वजह है कि इमर्जिंग मार्केट्स और सामान्य कैरी ट्रेड्स फिलहाल काफी हद तक स्थिर बने हुए हैं, लेकिन आने वाले समय में वैश्विक बाजार सहभागियों को इस जोखिम पर बारीक नजर रखनी होगी। जापानी कॉर्पोरेट जगत के विश्वास को मापने वाले हालिया रॉयटर्स तानक बिजनेस सर्वे के आंकड़े भी काफी मजबूत आए हैं, जिससे बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने के फैसले को और बल मिलता है।
तकनीकी संकेत और डॉलर की व्यापक कमजोरी
तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो USD/JPY की जोड़ी में बिकवाली का दबाव साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। इस हफ्ते की शुरुआत में आई भारी गिरावट के बाद यह जोड़ी अपने सात महीने के निचले स्तरों के बेहद करीब बनी हुई है। लाइव मार्केट आंकड़ों के मुताबिक, USD/JPY का मौजूदा कारोबार 153.33 पर हो रहा है, जो इसके पिछले बंद स्तर 153.85 से 0.34 प्रतिशत कम है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 14-दिवसीय RSI इस समय 24 के स्तर पर है, जो अत्यधिक बिकवाली यानी ओवरसोल्ड स्थिति को दर्शाता है। वहीं MACD इंडिकेटर -1.29 पर बना हुआ है जो सिग्नल लाइन -0.73 के नीचे है, जिससे बियरिश गति का संकेत मिलता है।
मूविंग एवरेज के स्तरों पर गौर करें तो 20-दिवसीय EMA 157.92 पर, 50-दिवसीय EMA 159.22 पर और 200-दिवसीय EMA 157.76 पर स्थित हैं। भले ही लंबी अवधि के चार्ट पर 50-दिवसीय EMA का 200-दिवसीय EMA से ऊपर रहना गोल्डन क्रॉस की संरचना दिखाता हो, लेकिन मौजूदा भाव अपने 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड के निचले स्तर 154.52 से भी नीचे फिसल चुका है। दैनिक आधार पर धुरी बिंदु यानी पिवट लेवल 153.41 पर केंद्रित है। बिकवाली का दौर आगे बढ़ने पर USD/JPY के लिए पहला समर्थन स्तर S1 152.85 पर और दूसरा समर्थन स्तर S2 152.37 पर देखा जा रहा है। दूसरी तरफ, यदि ऊपर की ओर कोई सुधार आता है तो पहला प्रतिरोध R1 153.89 पर और दूसरा प्रतिरोध R2 154.45 पर सामने आ सकता है।
वैश्विक मुद्रा बाजार और अन्य परिसंपत्तियों का हाल
जापानी येन की मजबूती के अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी गतिविधियां जारी हैं। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान AUD/USD की विनिमय दर 0.7200 के स्तर से ऊपर मजबूती के साथ बनी हुई है। चीन की ओर से जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI और उत्पादक मूल्य सूचकांक यानी PPI के गर्म आंकड़ों का असर इस जोड़ी पर मिला-जुला रहा है। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती दी है। इसके साथ ही, व्यापक अमेरिकी डॉलर में दिख रही कमजोरी ने भी AUD/USD को सहारा दिया है। बाजार के कारोबारी अब इस हफ्ते आने वाले अमेरिका के मुद्रास्फीति आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं ताकि डॉलर की अगली दिशा तय हो सके।
दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी रिकवरी का रुख देखा जा रहा है। पाई नेटवर्क यानी PI टोकन इस हफ्ते की शुरुआत में 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के आसपास समर्थन पाने के बाद संभलकर $0.098 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है। पाई कोर टीम ने अपने नेटवर्क पर एप्लिकेशन-स्तरीय उपयोगिता को बढ़ाने के उद्देश्य से डेवलपर इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया है, जिसका सकारात्मक असर टोकन की कीमतों पर पड़ा है।
ऊर्जा बाजार में डीजल क्रैक स्प्रेड का नया रिकॉर्ड
कमोडिटी बाजार की बात करें तो कच्चे तेल की कीमतें पिछले कुछ महीनों की तुलना में स्थिर नजर आ रही हैं, लेकिन डीजल बाजार से बिल्कुल अलग संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और WTI क्रूड के बीच का अंतर यानी डीजल क्रैक स्प्रेड हाल ही में इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। कारोबार के दौरान यह प्रीमियम $102.00 प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर तक पहुंच गया। डीजल क्रैक स्प्रेड में आई यह ऐतिहासिक तेजी रिफाइनिंग मार्जिन में भारी बदलाव और वैश्विक स्तर पर डिस्टिलेट ईंधन की आपूर्ति से जुड़ी चिंताओं को दर्शाती है।



















