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बुलंदशहर दौरे को लेकर गरमाई सियासत, कार्यक्रम रद्द होने पर सपा और सरकार आमने-सामनेउत्तर प्रदेश
9 सित॰ 2026, 8:00 pm (49 दिन पहले)· 25

बुलंदशहर दौरे को लेकर गरमाई सियासत, कार्यक्रम रद्द होने पर सपा और सरकार आमने-सामने

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का बुलंदशहर दौरा अनुमति न मिलने के कारण रद्द कर दिया गया है। इस मामले पर सपा और प्रदेश सरकार के बीच तीखा राजनीतिक विवाद छिड़ गया है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के प्रस्तावित बुलंदशहर दौरे को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी का आरोप है कि जिला प्रशासन की तरफ से समय पर जरूरी अनुमतियां नहीं दी गईं, जिसके चलते इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को पूरी तरह से रद्द करना पड़ा। इस घटनाक्रम के बाद विपक्षी दल और सत्ता पक्ष के बीच बयानबाजी का दौर तेज हो गया है और दोनों तरफ से तीखे आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं।

सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने रखी पूरी बात

पार्टी की ओर से स्थिति स्पष्ट करते हुए सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने बताया कि अखिलेश यादव का यह दौरा मूल रूप से बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने के लिए तय किया गया था। शुरुआत में यह कार्यक्रम 22 अगस्त को होना था, लेकिन उस समय जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा का हवाला देते हुए अनुमति रोक दी थी और यात्रा समाप्त होने के बाद कार्यक्रम आयोजित करने को कहा था। इसके बाद आयोजकों ने 11 और 12 सितंबर की तारीख तय की, जिसके तहत 11 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस और 12 सितंबर को मुख्य बैठक एक निजी होटल में रखी जानी थी।

उदयवीर सिंह ने आगे बताया कि सुरक्षा के लिहाज से सबसे सुरक्षित माने जाने वाले पुलिस लाइन हेलीपैड पर 11 सितंबर के लिए हेलीकॉप्टर उतारने की औपचारिक अनुमति मांगी गई थी। हालांकि, प्रशासन ने बाद में एक निजी जमीन पर 12 सितंबर को हेलीपैड बनाने की अनुमति दी, जिसके कारण अंततः पूरे कार्यक्रम को रद्द करने का कड़ा फैसला लेना पड़ा।

अखिलेश यादव का सोशल मीडिया पर तीखा हमला

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने एक्स हैंडल पर तीखा तंज कसा। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि बुलंदशहर में हेलीपैड पर दूर-दूर तक जलभराव जैसी कोई स्थिति नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन के गुप्त निर्देशों के तहत प्रशासन केवल जबरदस्ती सीमेंट, गारा और पेवर ब्लॉक्स का बहाना बनाकर 11 सितंबर के कार्यक्रम को रोकने और रद्द करने के रास्ते तलाश रहा है।

अखिलेश यादव ने मांग की कि समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों के सामने निष्पक्ष विशेषज्ञों से पूरे स्थल की जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके। उन्होंने जनता की तरफ से सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि अगर वे सड़क मार्ग से सफर करते हैं, तो क्या एक्सप्रेसवे, हाईवे या अन्य सड़कों के खराब होने के बहाने बनाए जाएंगे, जबकि वे सड़कें वैसे भी चलने की हालत में नहीं हैं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि आखिर मौसम और हेलीपैड केवल विपक्ष के लिए ही क्यों खराब होते हैं।

परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने किया पलटवार

सपा के इन तमाम गंभीर आरोपों का जवाब देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने कड़ा पलटवार किया है। दया शंकर सिंह का कहना है कि असलियत यह है कि अखिलेश यादव खुद बुलंदशहर जाना ही नहीं चाहते हैं और वे सिर्फ सोशल मीडिया पर बयानबाजी और ट्वीट करना पसंद करते हैं। मंत्री ने चुनौती देते हुए कहा कि पिछले एक साल का उनका पूरा रिकॉर्ड निकालकर देख लिया जाए कि वे जनता के बीच कहां गए हैं।

मंत्री ने आगे कहा कि यदि सपा प्रमुख को वाकई बुलंदशहर जाना है, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा बनवाए गए नए एयरपोर्ट का इस्तेमाल करें और वहां उतरकर सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचें। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर समाजवादी पार्टी पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुकी है, जिसके तहत हाल ही में समाजवादी छात्र सभा के ड्रेस कोड में भी बदलाव किया गया है और अब कार्यकर्ता नीली टी-शर्ट, जींस और लाल टोपी में नजर आ रहे हैं।

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सवाल-जवाब

अखिलेश यादव का बुलंदशहर दौरा क्यों रद्द हुआ?
जिला प्रशासन की तरफ से समय पर और मनमुताबिक स्थानों पर कार्यक्रम की अनुमति न मिलने के कारण यह दौरा रद्द कर दिया गया।
सपा प्रवक्ता ने कार्यक्रम के बारे में क्या जानकारी दी?
सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने बताया कि 11 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस और 12 सितंबर को बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन होना था।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर क्या आरोप लगाया?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रशासन गुप्त निर्देशों के तहत जानबूझकर कार्यक्रम रद्द करने के बहाने ढूंढ रहा है।
सरकार की तरफ से इस पर किसने जवाब दिया?
उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने सपा के आरोपों का जवाब दिया।
परिवहन मंत्री ने अखिलेश यादव को क्या सलाह दी?
मंत्री ने सलाह दी कि यदि वे बुलंदशहर जाना चाहते हैं तो नए एयरपोर्ट का इस्तेमाल करें और वहां से सड़क मार्ग से जाएं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·49 दिन पहले

बुलंदशहर प्रशासन द्वारा हेलीपैड और अनुमति को लेकर उठाया गया यह प्रशासनिक कदम सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था और राजनीतिक गतिविधियों के नियंत्रण के बीच की बारीक रेखा को चुनौती देता है। जब इस तरह के मामलों में पुलिस और प्रशासन के फैसलों पर राजनीतिक दल पक्षपात के गंभीर आरोप लगाते हैं, तो यह सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की प्रशासनिक क्षमता और निष्पक्षता पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर देता है। आने वाले समय में ऐसे प्रतिबंधों और विरोध प्रदर्शनों से राज्य के विधि-व्यवस्था तंत्र पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है, जिससे राजनीतिक टकराव और अधिक तीखा होने की पूरी संभावना है।

Rohan Verma@rohan-verma·49 दिन पहले

यह घटना दिखाती है कि प्रशासनिक अनुमतियों और सुरक्षा के नाम पर होने वाली खींचतान अब उत्तर प्रदेश की राजनीतिक संस्कृति का एक नियमित हिस्सा बन गई है। आगामी चुनावों के मद्देनजर, इस तरह के विवाद बूथ स्तर के सम्मेलनों और जमीनी अभियानों की गति को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं। यदि प्रशासन और विपक्ष के बीच संवाद का यह गतिरोध यूं ही जारी रहा, तो क्षेत्रीय स्तर पर राजनीतिक तनाव और टकराव का दायरा और अधिक बढ़ जाएगा, जिससे प्रशासनिक मशीनरी की निष्पक्षता पर सवाल उठना तय है।

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