अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बैंक ऑफ जापान द्वारा उठाए गए सख्त नीतिगत कदम के बावजूद जापानी येन अपनी साख बचाने में नाकाम साबित हुआ है। केंद्रीय बैंक ने अपनी अल्पावधि नीतिगत ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से 25 आधार अंक बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत करने का औपचारिक फैसला किया। इस वृद्धि का अनुमान वित्तीय बाजार कई हफ्तों से पहले ही लगा रहे थे, जिससे यह पूरी तरह कीमतों में समायोजित थी। इस अपेक्षित फैसले के तुरंत बाद येन में मजबूती आने के बजाय अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले व्यापक बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते यूएसडी/जेपीवाई विनिमय दर सुबह लगभग 157 के स्तर को छूने के बाद यूरोपीय कारोबारी सत्र में तेजी जारी रखते हुए 158.00 के करीब पहुंचकर दो सप्ताह के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।
नीतिगत फैसले में 7-2 का विभाजन और राजनीतिक मतभेद
केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का निर्णय सर्वसम्मति से नहीं लिया गया, बल्कि बोर्ड ने इसे 7-2 के बहुमत से मंजूरी दी। नीतिगत समिति के दो सदस्यों, तोइचिरो असादा और अयानो सातो, ने ब्याज दर वृद्धि के प्रस्ताव के खिलाफ अपना असहमति भरा वोट डाला। ये दोनों बोर्ड सदस्य प्रधानमंत्री ताकाइची द्वारा नियुक्त किए गए थे, जिसके कारण उनके इस विरोध को मौद्रिक सख्ती के प्रति सरकार के परोक्ष दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। नीति निर्माताओं के इस आंतरिक मतभेद ने बाजार को यह संकेत दिया कि आने वाले समय में जापान में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का मार्ग राजनीतिक रूप से सुगम नहीं रहने वाला है, जिसने निवेशकों के बीच येन की दीर्घकालिक मजबूती की उम्मीदों को कमजोर कर दिया।
मुद्रास्फीति का गिरता स्तर और घरेलू कीमतों का दबाव
ब्याज दर निर्धारण के फैसले से ठीक पहले सार्वजनिक हुए आर्थिक आंकड़ों ने भी मुद्रा बाजार के रुख को तय करने में अहम भूमिका निभाई। ताजा खाद्य उत्पादों को छोड़कर अगस्त महीने की सीपीआई मुद्रास्फीति घटकर 1.7 प्रतिशत पर आ गई, जो कि बाजार के पूर्व अनुमानों और आम सहमति से कम रही। जापान में घरेलू मूल्य दबाव अभी भी काफी मामूली बना हुआ है, जिससे केंद्रीय बैंक के गवर्नर उएदा की सख्त टिप्पणियों के बावजूद आगामी हफ्तों में आक्रामक दर वृद्धि की संभावनाएं सीमित दिख रही हैं। मुद्रास्फीति की यह धीमी चाल दर्शाती है कि अर्थव्यवस्था में अंतर्निहित मांग उस स्तर तक नहीं पहुंची है जहां निरंतर दर वृद्धियों का दबाव वहन किया जा सके।
ग्लोबल करेंसी मार्केट में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और फेडरल रिजर्व का रुख
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख युग्मों में भी हलचल तेज रही। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र में दूसरे लगातार दिन सकारात्मक दायरे में रहा और 0.7100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर मजबूती से बना रहा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने अमेरिकी डॉलर के खरीदारों को रक्षात्मक रुख अपनाने पर मजबूर किया, जबकि दूसरी ओर रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर बुलक के आक्रामक और सख्त बयानों ने वहां ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों को बल दिया जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को अतिरिक्त समर्थन मिला। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक आर्थिक दृष्टिकोण और दुनिया भर में मौजूद भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने डॉलर में किसी भी बड़ी कमजोरी को थामे रखा और एयूडी/यूएसडी युग्म की ऊपरी बढ़त को एक सीमित दायरे में बांध दिया।
सोने में उछाल और कच्चे तेल की नरमी का असर
कमोडिटी बाजार में सप्ताह के उत्तरार्ध में देखा गया सकारात्मक माहौल आगे बढ़ता हुआ नजर आया। बहुमूल्य पीली धातु सोने ने शुक्रवार को मजबूत बढ़त बनाए रखी और यह लगभग 4,370 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे में कारोबार करती दिखाई दी। सोने की इस ताजा तेजी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की गिरती कीमतों से सीधा सहारा मिला। कच्चे तेल में आई इस मंदी के दम पर सोने ने अमेरिकी डॉलर में आई तेजी और विभिन्न परिपक्वता अवधियों में बढ़ रही अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के नकारात्मक असर को पूरी तरह बेअसर कर दिया, जिससे निवेशकों का सुरक्षित निवेश विकल्पों के प्रति आकर्षण बना रहा।
क्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन की स्थिति और आगे की राह
डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में बिटकॉइन ने जुलाई में 57,800 डॉलर के वार्षिक निचले स्तर तक फिसलने के बाद जोरदार वापसी दर्ज की है। इस न्यूनतम स्तर से प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में लगभग 33 प्रतिशत की रिकवरी आ चुकी है और इसने जुलाई तथा अगस्त के दोनों लगातार महीनों में सकारात्मक लाभ दर्ज किया है। हालांकि, इस हालिया तेजी के बावजूद बिटकॉइन अभी भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से करीब 40 प्रतिशत नीचे बना हुआ है। इस स्थिति ने बाजार के व्यापारियों और विश्लेषकों के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह रिकवरी एक नए तेजी के चरण की ठोस शुरुआत है, या फिर यह एक व्यापक मंदी के चक्र के भीतर केवल एक अस्थायी राहत वाली रिकवरी भर है।
















