थाईलैंड के केंद्रीय बैंक यानी बैंक ऑफ थाईलैंड द्वारा 26 अगस्त को सर्वसम्मति से ब्याज दरों को यथावत रखने के फैसले के बाद वैश्विक वित्तीय अध्ययन समूह डीबीएस रिसर्च ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। डीबीएस समूह के वरिष्ठ अर्थशास्त्री चुआ हान तेंग का आकलन है कि बैंक ऑफ थाईलैंड वर्ष 2026 के अंत तक अपनी मुख्य नीतिगत ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत पर ही बनाए रखेगा। थाई अर्थव्यवस्था में धीमी और असमान वृद्धि, निजी खपत में सुस्ती तथा नियंत्रित मुद्रास्फीति को देखते हुए यह अनुमान जताया गया है। इस फैसले के प्रभाव से थाईलैंड के अल्पकालिक सरकारी बॉन्ड प्रतिफल में स्थिरता बनी रहने की उम्मीद है, भले ही बाहरी मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति पक्ष से जुड़े मुद्रास्फीति जोखिम बने हुए हों।
थाईलैंड में मुद्रास्फीति का रुझान और आर्थिक चुनौतियां
अर्थशास्त्री चुआ हान तेंग के अनुसार थाईलैंड में हेडलाइन मुद्रास्फीति का स्तर केंद्रीय बैंक के 1 से 3 प्रतिशत के लक्षित दायरे की ऊपरी सीमा से नीचे आ गया है। इस गिरावट ने नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की आवश्यकता को काफी हद तक कम कर दिया है। इसके साथ ही मध्यम अवधि के लिए मुद्रास्फीति की उम्मीदें भी स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि केंद्रीय बैंक और बाजार विश्लेषक आपूर्ति पक्ष के संभावित झटकों को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं।
रिपोर्ट में इस बात पर विशेष बल दिया गया है कि मध्य पूर्व में जारी अनसुलझे संघर्ष, ऊर्जा लागत का धीरे-धीरे बढ़ता प्रभाव और एल नीनो मौसम प्रणाली के कारण खाद्य मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी के जोखिम मौजूद हैं। ये कारक मौद्रिक अधिकारियों को सतर्क रहने पर मजबूर करेंगे। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि आपूर्ति पक्ष का यह दबाव वर्ष 2027 की पहली तिमाही के बाद कम होना शुरू हो जाएगा। इसके अतिरिक्त बैंक ऑफ थाईलैंड ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले थाई बाट में आने वाले उतार-चढ़ाव को बाहरी परिस्थितियों का परिणाम बताया है।
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में गुरुवार को मिश्रित रुख देखने को मिला। जीबीपी/यूएसडी जोड़ी छह दिनों के निचले स्तर तक गिरने के बाद वापस सुधरती नजर आई और 1.3600 के स्तर के बेहद करीब पहुंच गई। शुक्रवार को जारी होने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष के आगामी भाषण से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिससे अमेरिकी डॉलर को सहारा मिला।
दूसरी ओर ईयूआर/यूएसडी जोड़ी ने भी शुरुआती गिरावट की भरपाई करते हुए 1.1600 के मध्य स्तर को पुनः हासिल कर लिया। अमेरिकी डॉलर में आई मामूली बढ़त के बावजूद यूरोपीय मुद्रा में स्थिरता दर्ज की गई। बाजार के सहभागियों की निगाहें अब शुक्रवार को आने वाले एनएफपी संशोधन आंकड़ों और जैक्सन होल संगोष्ठी पर टिकी हैं।
सोने और ऊर्जा बाजार की स्थिति
कीमती धातुओं के बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। गुरुवार को सोना प्रति ट्रॉय औंस 4,570 डॉलर के नए साप्ताहिक निचले स्तर तक फिसल गया। अमेरिकी डॉलर में किसी स्पष्ट दिशा के अभाव और व्यापक बाजार सतर्कता के बीच सोने पर दबाव बना हुआ है।
ऊर्जा क्षेत्र में डीजल बाजार असामान्य संकेतों से गुजर रहा है। अमेरिका में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स और डब्ल्यूटीआई क्रूड के बीच का अंतर यानी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। कारोबार के दौरान यह स्प्रेड 102.00 डॉलर प्रति बैरल से अधिक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो रिफाइनिंग मार्जिन और आपूर्ति चिंताओं को रेखांकित करता है।
क्रिप्टोकरेंसी और फेडरल रिजर्व का भावी रुख
डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में गुरुवार को बढ़त दर्ज की गई। बिटकॉइन की कीमत 80,000 डॉलर के करीब पहुंच गई, जिसके चलते समग्र क्रिप्टो बाजार का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में भी मजबूती देखी गई, जहां एथेरियम 2,500 डॉलर से ऊपर कारोबार कर रहा है और रिपल अपने 1.40 डॉलर के मुख्य समर्थन स्तर के ऊपर बना हुआ है।
वैश्विक वित्तीय बाजारों की नजर अब फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश पर टिकी है। केविन वॉश शुक्रवार को जैक्सन होल संगोष्ठी में फेड अध्यक्ष के रूप में अपना पहला प्रमुख भाषण देने जा रहे हैं। बाजार सहभागी केवल सितंबर की नीतिगत दर बैठक तक सीमित न रहकर भविष्य की मौद्रिक नीति की व्यापक दिशा को समझने का प्रयास कर रहे हैं।



















