वैश्विक वित्तीय बाजार इस समय केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों, आर्थिक आंकड़ों के नए संशोधनों और कमोडिटी कीमतों में बदलाव के बीच एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं। यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा आने वाली तिमाहियों में ब्याज दरों में क्रमिक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी नीतिगत संकेतों और श्रम बाजार के आंकड़ों से पहले दुनिया भर के निवेशकों ने सतर्कता का रुख अपनाया हुआ है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक का मौद्रिक नीति का नजरिया
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के दृष्टिकोण से संकेत मिलता है कि मध्यम अवधि में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का एक व्यवस्थित खाका तैयार किया जा सकता है। वर्तमान आकलनों के अनुसार, केंद्रीय बैंक हर तिमाही में 25 बेसिस प्वाइंट की दर से ब्याज दरें बढ़ा सकता है। इस संभावित समयसारिणी के तहत सितंबर, दिसंबर और मार्च 2027 में दर वृद्धि देखी जा सकती है। यदि यह कदम योजना के अनुसार उठाया जाता है, तो केंद्रीय बैंक की डिपॉजिट दर बढ़कर 3% के स्तर पर पहुंच जाएगी।
फिलहाल, दूसरे दौर के मुद्रास्फीति प्रभावों की अनुपस्थिति के कारण नीति निर्माताओं को अर्थव्यवस्था की स्थिति पर नजर रखने का पर्याप्त अवसर मिल रहा है। इसके चलते तुरंत बहुत सख्त मौद्रिक कदम उठाने की आवश्यकता नहीं महसूस की जा रही है। हालांकि, वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह धीमी गति पूरी तरह से मूल्य स्थिरता पर निर्भर करेगी। यदि आर्थिक स्थितियां अधिक गंभीर होती हैं, तो अधिक आक्रामक और पूर्व-निवारक दर वृद्धि का मार्ग भी अपनाया जा सकता है।
ऐसी स्थिति में यदि मुद्रास्फीति की उम्मीदें नियंत्रण से बाहर होती हैं, अंतर्निहित कीमतों का दबाव स्पष्ट रूप से बढ़ता है, या कंपनियां सामान्य से अधिक तेजी से कीमतें बदलना शुरू करती हैं, तो दर वृद्धि की रफ्तार को तेज किया जा सकता है। फिलहाल, विश्लेषकों का मानना है कि जोखिम का झुकाव कम दर वृद्धि की ओर ही अधिक है।
फेडरल रिजर्व और जैक्सन होल सम्मेलन पर नजरें
अमेरिका में निवेशकों का पूरा ध्यान जैक्सन होल सम्मेलन पर टिका हुआ है। फेडरल रिजर्व (Fed) के अध्यक्ष केविन वॉरश इस महत्वपूर्ण मंच पर अपना पहला बड़ा भाषण देने जा रहे हैं। वैश्विक बाजार इस बात का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं कि अमेरिकी मौद्रिक नीति की भावी दिशा क्या होगी। बाजार की नजरें केवल सितंबर की आगामी बैठक तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे दीर्घकालिक मुद्रास्फीति लक्ष्यों और बैलेंस शीट रणनीति पर भी स्पष्टता तलाश रही हैं।
इसके अलावा, शुक्रवार को जारी होने वाले नॉन-फार्म पेरोल (NFP) के संशोधित आंकड़ों को लेकर भी बाजारों में सावधानी बरती जा रही है। इन श्रम बाजार आंकड़ों और केंद्रीय बैंक के बयानों की वजह से अमेरिकी डॉलर को समर्थन मिल रहा है, जिससे प्रमुख विदेशी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति मजबूत बनी हुई है।
विदेशी मुद्रा बाजार की हलचल
विदेशी मुद्रा बाजार में इस सतर्कता का असर स्पष्ट दिखाई दिया। ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर (GBP/USD) की जोड़ी शुरुआती कारोबार में छह दिनों के निचले स्तर तक गिर गई थी, लेकिन बाद में इसमें सुधार दर्ज किया गया। गुरुवार को यह मुद्रा जोड़ी 1.3600 के स्तर के ठीक नीचे तक वापस पहुंच गई।
इसी तरह, यूरो ने भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकवरी दिखाई। EUR/USD जोड़ी ने शुरुआती नुकसान की भरपाई करते हुए 1.1600 के मध्य स्तर को फिर से हासिल कर लिया। डॉलर में मामूली मजबूती के बावजूद यूरो का यह सुधार यूरोपीय नीतिगत उम्मीदों और अमेरिकी बाजार की खींचतान को दर्शाता है।
ऊर्जा बाजार और डीजल क्रैक स्प्रेड में रिकॉर्ड तेजी
कच्चे तेल के बाजार में पिछले महीनों की तुलना में शांति दिख रही है, लेकिन रिफाइंड ईंधन क्षेत्र एक अलग ही संकेत दे रहा है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला है। यह स्प्रेड, जो वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा के प्रीमियम को मापता है, इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया।
इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान यह प्रमुख ऊर्जा संकेतक $102.00 प्रति बैरल से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। विश्लेषकों का मानना है कि डीजल प्रीमियम में यह भारी बढ़ोतरी रिफाइनिंग क्षमता की कमी और औद्योगिक ईंधन की मजबूत मांग का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
कीमती धातुएं और क्रिप्टो बाजार का प्रदर्शन
गुरुवार को सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सोना अपनी पिछली गिरावट को बढ़ाते हुए $4,570 प्रति ट्रॉय औंस के नए साप्ताहिक निचले स्तर पर पहुंच गया। बाजार में सतर्कता और अमेरिकी डॉलर की अनिश्चित चाल के बावजूद बॉन्ड यील्ड की मजबूत उम्मीदों के कारण सोने पर दबाव बना रहा।
दूसरी ओर, डिजिटल एसेट बाजार में तेजी का माहौल रहा। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बढ़त दर्ज की गई, जिसकी अगुवाई बिटकॉइन ने की और यह $80,000 के स्तर के करीब पहुंच गया। अन्य डिजिटल संपत्तियों ने भी इस तेजी का अनुसरण किया, जिसमें एथेरियम $2,500 के ऊपर कारोबार कर रहा है और रिपल $1.40 के अपने प्रमुख समर्थन स्तर से ऊपर बना हुआ है।



















