वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, क्योंकि केंद्रीय बैंक बढ़ती महंगाई और ऊर्जा क्षेत्र के झटकों से निपटने की रणनीतियों पर विचार कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व के अधिकारी श्मिड ने आगाह किया है कि ऊर्जा कीमतों में आया हालिया उछाल अब व्यापक अर्थव्यवस्था में रिसाव पैदा कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुद्रास्फीति लगातार जिद्दी और अनम्य बनी हुई है, जिससे केंद्रीय बैंक को अपने 2 प्रतिशत के मुद्रास्फीति लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। आगामी मौद्रिक नीति बैठक से ठीक पहले आए इस बयान ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है, क्योंकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि फेड की मौजूदा नीतियां अर्थव्यवस्था को किस हद तक सीमित कर रही हैं। श्मिड का मानना है कि नीतिगत दरों पर कोई भी ठोस कदम उठाने से पहले केंद्रीय बैंक को अधिक आर्थिक आंकड़ों और व्यापक जानकारियों की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, फेड की बैलेंस शीट में बदलाव करने में लंबा समय लगेगा, जबकि बैठकों की संख्या कम करने की गुंजाइश पर भी चर्चा जारी है।
जैक्सन होल सम्मेलन और अध्यक्ष वॉरश के संबोधन पर वैश्विक नजरें
वित्तीय जगत की नजरें शुक्रवार को आयोजित होने वाले जैक्सन होल संगोष्ठी पर टिकी हैं, जहां फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉरश अध्यक्ष के रूप में अपना पहला प्रमुख भाषण देने जा रहे हैं। बाजार सहभागी केवल सितंबर महीने की ब्याज दर समीक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भविष्य के नीतिगत दृष्टिकोण का स्पष्ट खाका तलाश रहे हैं। वॉरश के संबोधन से पहले अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। निवेशक आगामी शुक्रवार को जारी होने वाले गैर-कृषि पेरोल यानी NFP संशोधन आंकड़ों की भी प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो श्रम बाजार की वास्तविक स्थिति को उजागर करेंगे। जैक्सन होल में अध्यक्ष वॉरश का रुख यह तय कर सकता है कि केंद्रीय बैंक सख्त मौद्रिक रुख बनाए रखेगा या दरों में कटौती की दिशा में आगे बढ़ेगा।
ऊर्जा बाजार में ऐतिहासिक उछाल और डीजल की बढ़ती कीमतें
हालांकि कच्चे तेल का समग्र बाजार पिछले कुछ महीनों की तुलना में शांत नजर आ रहा है, लेकिन डीजल सेगमेंट से बेहद चिंताजनक संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी WTI क्रूड फ्यूचर्स के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम, इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल की सीमा को पार कर गया है। कारोबारी सत्र के दौरान यह intraday रिकॉर्ड बनाते हुए $102.00 प्रति बैरल के स्तर से ठीक ऊपर पहुंच गया। डीजल की कीमतों में इस अभूतपूर्व वृद्धि से परिवहन और माल ढुलाई की लागत बढ़ने की आशंका है, जो सीधे तौर पर उपभोक्ता वस्तुओं के दामों को प्रभावित कर महंगाई को और बढ़ा सकती है। यही कारण है कि श्मिड ने ऊर्जा झटके के अर्थव्यवस्था में प्रवेश करने की चेतावनी दी है।
विदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख जोड़ियों की स्थिति
मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की सतर्क चाल के बीच प्रमुख विदेशी मुद्रा जोड़ियों में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। GBP/USD की जोड़ी गुरुवार को ताजा छह दिनों के निचले स्तर तक गिरने के बाद निचले स्तरों से सुधरने में सफल रही। इसमें तेजी का रुख देखा गया और यह 1.3600 के महत्वपूर्ण स्तर के ठीक नीचे कारोबार करती नजर आई। दूसरी ओर, EUR/USD ने भी अपनी शुरुआती गिरावट की भरपाई की और खुद को संभालते हुए 1.1600 के मध्य स्तर को पुनः हासिल कर लिया। डॉलर इंडेक्स में मामूली बढ़त के बावजूद शुक्रवार के आंकड़ों और फेड अध्यक्ष के भाषण से पहले विदेशी मुद्रा बाजार में व्यापक रूप से सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
ब्याज दरों का मुद्रा और कीमती धातुओं पर असर
केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में मूल्य स्थिरता बनाए रखने के लिए मुख्य रूप से 2 प्रतिशत के मुद्रास्फीति लक्ष्य को ध्यान में रखकर नीतिगत ब्याज दरें निर्धारित करते हैं। जब मुद्रास्फीति इस लक्ष्य से काफी ऊपर चली जाती है, तो केंद्रीय बैंक दरों में वृद्धि करते हैं ताकि मांग को कम करके महंगाई पर काबू पाया जा सके। इसके विपरीत, जब मुद्रास्फीति लक्ष्य से नीचे गिरती है, तो अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए दरें घटाई जाती हैं। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर देश की मुद्रा को मजबूत बनाती हैं क्योंकि वैश्विक निवेशक अधिक रिटर्न की तलाश में वहां पूंजी लगाते हैं। हालांकि, उच्च ब्याज दरें सोने की कीमतों पर दबाव डालती हैं। चूंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए ऊंची दरों के कारण इसे अपने पास रखने की अवसर लागत बढ़ जाती है। साथ ही, मजबूत होता USD डॉलर में नामित सोने की कीमत को कम कर देता है। गुरुवार को सोने की कीमतों में बुधवार की गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह $4,570 प्रति ट्रॉय औंस के नए साप्ताहिक निचले स्तर तक फिसल गया।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार का सकारात्मक रुख और फेड फंड्स रेट का ढांचा
कीमती धातुओं के विपरीत, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में गुरुवार को बढ़त का रुख देखा गया। डिजिटल संपत्तियों का नेतृत्व बिटकॉइन ने किया, जो $80,000 के करीब पहुंचकर मजबूती दिखाता नजर आया। अन्य शीर्ष ऑल्टकॉइन्स ने भी बिटकॉइन के इस अल्पकालिक तेजी के रुख का अनुसरण किया। एथेरियम $2,500 के स्तर से ऊपर बना रहा, जबकि रिपल अपने $1.40 के प्रमुख समर्थन स्तर से ऊपर मंडराता रहा। इस बीच, संस्थागत निवेशक फेडरल फंड्स रेट पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। यह वह ओवरनाइट दर है जिस पर अमेरिकी बैंक आपस में उधार लेन-देन करते हैं। FOMC बैठकों में फेड इसे एक दायरे के रूप में तय करता है, जैसे कि 4.75%-5.00%, जहां 5.00% की ऊपरी सीमा को मुख्य दर माना जाता है। CME FedWatch टूल के जरिए बाजार भविष्य की दरों की संभावनाओं को ट्रैक करता है, जिससे वैश्विक वित्तीय बाजारों की दिशा तय होती है।



















