सिंगापुर के जुलाई महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आंकड़े जारी होने के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सिंगापुर डॉलर में अल्पकालिक कंसोलिडेशन और स्थिरता का दौर देखा जा रहा है। नवीनतम आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में सिंगापुर की कोर मुद्रास्फीति दर सालाना आधार पर बढ़कर 2.0% पर पहुंच गई, जो पिछले महीने के 1.6% के मुकाबले अधिक है। हालांकि, यह आंकड़ा बाजार विशेषज्ञों द्वारा लगाए गए 2.2% के अनुमान से थोड़ा कम रहा। इसी तरह, हेडलाइन सीपीआई मुद्रास्फीति भी पिछले महीने के 1.9% से बढ़कर 2.2% दर्ज की गई, जो बाजार की उम्मीदों की तुलना में मामूली रूप से नरम है। मुद्रास्फीति के आंकड़े अनुमान से सुस्त रहने के बावजूद, आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे सिंगापुर डॉलर के समग्र दृष्टिकोण में कोई बड़ा बदलाव आने की संभावना नहीं है। इसका मुख्य कारण देश की मजबूत आर्थिक वृद्धि दर और जुलाई के दौरान सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण (एमएएस) द्वारा अपनाई गई सख्त मौद्रिक नीति का समर्थन है।
यूएसडी/एसजीडी का तकनीकी ढांचा और प्रमुख मूल्य स्तर
तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से देखें तो डेली चार्ट पर यूएसडी/एसजीडी करेंसी पेयर में बेयरिश मोमेंटम बरकरार बना हुआ है। हालांकि, कुछ तकनीकी संकेतक निकट भविष्य में आंशिक सुधार की ओर इशारा कर रहे हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) ओवरसोल्ड स्थितियों के करीब से ऊपर उठने के संकेत दे रहा है। लाइव मार्केट आंकड़ों में 14-दिवसीय RSI 28 के स्तर पर बना हुआ है, जो ओवरसोल्ड स्थिति को दर्शाता है। इस ओवरसोल्ड स्थिति के कारण आगामी जैक्सन होल आर्थिक संगोष्ठी से पहले अमेरिकी डॉलर में शॉर्ट स्क्वीज़ की स्थिति बन सकती है, जिससे यूएसडी/एसजीडी में ऊपर की तरफ एक रिट्रेसमेंट देखने को मिल सकता है।
वर्ष 2026 के निचले और उच्च स्तरों के आधार पर गणना किए गए फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तरों के अनुसार प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर बेहद स्पष्ट हैं। ऊपर की तरफ पहला मुख्य रेजिस्टेंस 1.2740 के स्तर पर है, जो 61.8% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट को दर्शाता है। इसके बाद अगला मजबूत रेजिस्टेंस 1.2790 के स्तर पर स्थित है, जो 50% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के समकक्ष है। वहीं नीचे की तरफ, पहला प्राथमिक सपोर्ट 1.2680 पर मौजूद है, जो 76.4% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर है, जबकि दूसरा सपोर्ट 1.2650 के स्तर पर देखा जा रहा है। फिलहाल लाइव ट्रेडिंग में यह करेंसी पेयर 1.27 के आसपास कारोबार कर रहा है।
वैश्विक फॉरेक्स बाजार और प्रमुख मुद्राओं का हाल
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर पर बने हल्के दबाव के बीच प्रमुख करेंसी पेयर्स मिला-जुला प्रदर्शन कर रहे हैं। जीबीपी/यूएसडी ने सोमवार की गिरावट से उबरते हुए मंगलवार को मामूली बढ़त दर्ज की। हालांकि, पाउंड की इस हल्की बढ़त को 1.3650 के क्षेत्र में मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है, जहां बिकवाली के दबाव ने ऊपर की चाल को सीमित कर दिया है।
दूसरी ओर, ईयूआर/यूएसडी मंगलवार को वॉल स्ट्रीट की समाप्ति के बाद 1.1670 के स्तर के आसपास मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। इस हल्की बढ़त के साथ यूरो ने पिछले दो दिनों की लगातार गिरावट पर ब्रेक लगाया है और 1.1700 के रेजिस्टेंस स्तर को अपने लक्ष्य में बनाए रखा है। फॉरेक्स बाजार के प्रतिभागियों की नजरें अब बुधवार को आने वाले अमेरिकी पीसीई मुद्रास्फीति आंकड़ों और दूसरी तिमाही के जीडीपी संशोधनों पर टिकी हैं, जो आगामी दिनों में डॉलर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कमोडिटी बाजार और अमेरिकी ट्रेजरी की बायबैक घोषणा
सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली सोने की कीमतों में भी सीमित दायरे में कारोबार देखा गया। मंगलवार को सोना लगभग $4,650 प्रति ट्रॉय औंस के मध्य दायरे में बना रहा। सोने में स्पष्ट दिशा का अभाव वैश्विक बाजारों में सतर्कता के माहौल, अमेरिकी डॉलर में हल्की नरमी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट के कारण देखा जा रहा है।
ऋण प्रबंधन के मोर्चे पर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने निर्धारित कैलेंडर से अलग हटकर लिक्विडिटी सहायता बॉन्ड बायबैक संचालन में विस्तार की घोषणा की। जीएमटी समय अनुसार 12:32 बजे जारी बयान में ट्रेजरी विभाग ने बताया कि 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की परिपक्वता वाले सेक्टर्स में लिक्विडिटी सहायता बायबैक का आकार दोगुना किया जाएगा। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब कर दिया जाएगा। यह विस्तारित बायबैक कार्यक्रम 9 सितंबर से लागू होगा और 4 नवंबर तक चलेगा।
कारपोरेट अर्निंग्स और शेयर बाजार का परिदृश्य
अमेरिकी शेयर बाजार में एसएंडपी 500 कंपनियों के लिए दूसरी तिमाही 2026 का अर्निंग्स सीजन अपने अंतिम चरण में है। अब तक जारी कॉर्पोरेट नतीजे मुख्य रूप से सकारात्मक रहे हैं। हालांकि, इस सप्ताह बाजार की सबसे बड़ी नजर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप दिग्गज एनवीडिया (NVDA) के नतीजों पर बनी हुई है। मैग्निफिसेंट सेवन समूह की अंतिम कंपनी के रूप में एनवीडिया के वित्तीय परिणाम शेयर बाजार और टेक सेक्टर के सेंटिमेंट को प्रभावित करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।


















