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मौसम विभाग की चेतावनी, रांची और धनबाद सहित 10 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की आशंकाझारखंड
26 अग॰ 2026, 5:08 am (1 दिन पहले)· 2

मौसम विभाग की चेतावनी, रांची और धनबाद सहित 10 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की आशंका

26 अगस्त को झारखंड के रांची, धनबाद और बोकारो समेत 10 जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

झारखंड में मानसून का प्रभाव एक बार फिर काफी तेज हो गया है, जिससे राज्य के विभिन्न इलाकों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। 26 अगस्त को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के राज्य स्तरीय पूर्वानुमान में चेतावनी दी गई है कि प्रदेश के कई हिस्सों में गरज और चमक के साथ भारी बारिश, वज्रपात और तेज रफ्तार हवाएं चल सकती हैं। विशेष रूप से 10 जिलों में मूसलाधार बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यद्यपि झारखंड के सभी 24 जिलों में बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई गई है, लेकिन मुख्य खतरा मध्य और उत्तरी क्षेत्रों के चिन्हित जिलों में अधिक रहेगा। इस मौसमी बदलाव से राज्यभर में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

10 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट और हवा का रुख

मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 26 अगस्त को राज्य के 10 प्रमुख जिलों में भारी वर्षा होने का अनुमान है। जिन जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया गया है, उनमें प्रांतीय राजधानी रांची, लोहरदगा, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, लातेहार, चतरा और गिरिडीह शामिल हैं। इन 10 जिलों में मूसलाधार पानी गिरने के साथ-साथ बादलों की भयंकर गर्जना और वज्रपात की प्रबल आशंका बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि बारिश के दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। तेज हवा और बिजली गिरने के जोखिम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। IMD के अनुसार, यह मानसूनी सक्रियता केवल एक दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि 25 से 31 अगस्त के दौरान पूरे झारखंड में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

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क्षेत्रीय तापमान, रांची का मौसम और जमशेदपुर की स्थिति

लगातार हो रही वर्षा और आसमान में छाए घने बादलों की वजह से पूरे झारखंड में तापमान का पारा नीचे गिरेगा। इससे रांची सहित मध्य झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में मौसम काफी सुहावना बना रहेगा। IMD के आंकड़ों के अनुसार, रांची में 26 अगस्त को अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है, जिससे दिनभर ठंडी हवाएं महसूस होंगी। इसके विपरीत, राज्य में सबसे ज्यादा गर्मी का असर जमशेदपुर और उसके आसपास स्थित कोल्हान क्षेत्र में देखा जा सकता है। जमशेदपुर में दिन का अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है, हालांकि वहां भी दोपहर या शाम के समय गरज के साथ बारिश के दौर बन सकते हैं। दूसरी ओर, कोयलांचल धनबाद में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का आकलन किया गया है।

पश्चिमी सिंहभूम में रिकॉर्ड वर्षा और मानसून का दायरा

पिछले 24 घंटों की मौसमी गतिविधियों पर नजर डालें तो झारखंड के लगभग सभी इलाकों में बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान दक्षिण-पश्चिमी जिलों में मानसूनी बादल विशेष रूप से मेहरबान रहे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी क्षेत्र में 97 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो बीते 24 घंटों के दौरान पूरे राज्य में हुई सबसे अधिक वर्षा है। कुमारडुंगी का यह आंकड़ा दर्शाता है कि मानसून की सक्रियता दक्षिणी और पश्चिमी भागों में बेहद मजबूत बनी हुई है। यद्यपि भारी बारिश की मुख्य चेतावनी केवल 10 जिलों तक सीमित है, लेकिन राज्य के बाकी 14 जिलों में भी स्थानीय स्तर पर हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की पूरी संभावना है, जिससे खेतों और जल निकायों को पानी मिलेगा।

वायु गुणवत्ता में सुधार और नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श

इस मानसूनी बारिश का एक सकारात्मक पहलू राज्य के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पर भी देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही वर्षा के कारण हवा में तैरते धूलकण और हानिकारक प्रदूषक तत्व धुलकर जमीन पर आ बैठते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार दर्ज किया जा रहा है। हालिया उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रांची का AQI लगभग 89 दर्ज किया गया, जो 'मॉडरेट' यानी मध्यम श्रेणी में आता है। इसी तरह, 25 अगस्त को जमशेदपुर का AQI 65 दर्ज किया गया था, जो भी 'मॉडरेट' श्रेणी का हिस्सा है। बारिश की यह स्थिति बनी रहने से रांची और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता और अधिक बेहतर होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से अपील की है कि बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान लोग खुले मैदानों, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें तथा सुरक्षित स्थानों पर ही आश्रय लें।

सवाल-जवाब

26 अगस्त को झारखंड के किन 10 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है?
रांची, लोहरदगा, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, लातेहार, चतरा और गिरिडीह में भारी बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
पिछले 24 घंटों में झारखंड में सबसे ज्यादा बारिश कहां दर्ज की गई?
पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी में सबसे अधिक 97 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
26 अगस्त को रांची और जमशेदपुर का तापमान कितना रहने का अनुमान है?
रांची में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और जमशेदपुर में करीब 32 से 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बारिश से वायु गुणवत्ता (AQI) पर क्या असर पड़ा है?
बारिश के कारण धूल और प्रदूषक नीचे बैठ गए हैं, जिससे रांची का AQI 89 और जमशेदपुर का AQI 65 दर्ज किया गया, जो 'मॉडरेट' श्रेणी में है।
मौसम विभाग ने तेज बारिश और आंधी के दौरान क्या सुरक्षा सलाह दी है?
लोगों को सलाह दी गई है कि 30-40 किमी/घंटा की हवाओं और वज्रपात के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·1 दिन पहले

झारखंड में सक्रिय मानसून और 10 जिलों में जारी येलो अलर्ट केवल तात्कालिक राहत या खतरे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। खासकर धान की रोपाई के इस अहम दौर में नियमित बारिश से फसल को फायदा मिल सकता है, बशर्ते जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। हालांकि, वज्रपात की लगातार चेतावनी यह रेखांकित करती है कि ग्रामीण इलाकों में आपदा प्रबंधन और जन-जागरूकता को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि किसानों और खुले में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 दिन पहले

यह मानसूनी सक्रियता केवल तात्कालिक राहत नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि प्रबंधन के लिहाज से बेहद अहम है। 25 से 31 अगस्त के बीच लगातार बारिश से भूजल स्तर सुधरेगा, लेकिन वज्रपात का यह दौर ग्रामीण इलाकों में जानमाल के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकता है। प्रशासन को आपदा प्रबंधन और विशेषकर किसानों के लिए तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने होंगे, अन्यथा यह मौसम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।

Ravikash Gupta@ravikash·1 दिन पहले

यह मानसूनी सक्रियता केवल तात्कालिक राहत नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि प्रबंधन के लिहाज से बेहद अहम है। 25 से 31 अगस्त के बीच लगातार बारिश से भूजल स्तर सुधरेगा, लेकिन वज्रपात का यह दौर ग्रामीण इलाकों में जानमाल के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकता है। प्रशासन को आपदा प्रबंधन और विशेषकर किसानों के लिए तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने होंगे, अन्यथा यह मौसम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

झारखंड में मानसून की यह सक्रियता न केवल शहरी केंद्रों बल्कि कृषि क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण है। विशेषकर रांची, धनबाद और बोकारो जैसे औद्योगिक व घनी आबादी वाले जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और वज्रपात का येलो अलर्ट स्थानीय प्रशासन के लिए आपदा प्रबंधन की तैयारियों की परीक्षा है। आगामी 31 अगस्त तक जारी रहने वाला यह बारिश का दौर यदि ग्रामीण इलाकों में अनियंत्रित हुआ, तो खड़ी फसलों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिस पर कृषि विभाग को पैनी नजर रखनी होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

वज्रपात और 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के बीच यह प्रशासनिक सतर्कता केवल मौसम की भविष्यवाणी तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। झारखंड के इन 10 जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह मुस्तैद रखना होगा ताकि खुले आसमान में काम करने वाले श्रमिकों और ग्रामीण आबादी को बिजली गिरने से बचाया जा सके।

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