छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में यातायात नेटवर्क सुधारने और व्यवस्थित शहरी ढांचा विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) शंकर नगर से जोरा तक बनने वाले नए फोरलेन एक्सप्रेसवे के आसपास एक योजनाबद्ध कॉलोनी विकसित करने जा रहा है। लगभग 475.6 एकड़ यानी 192.451 हेक्टेयर क्षेत्र में फैलने वाली इस टाउनशिप के माध्यम से शहर में अव्यवस्थित निर्माण को रोका जाएगा। इस परियोजना से एयरपोर्ट और नवा रायपुर जाने वाले यात्रियों को भारी सहूलियत मिलने की उम्मीद है, जिससे शहर की अंदरूनी सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा।
शंकर नगर से जोरा तक 14.70 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण
प्रस्तावित फोरलेन एक्सप्रेसवे-2 वाल्टेयर रेलवे लाइन के समानांतर तैयार किया जाएगा। इस सड़क की कुल लंबाई लगभग 14.70 किलोमीटर और चौड़ाई 45 मीटर होगी। इस मार्ग के चालू हो जाने से मोवा, पंडरी, शंकर नगर, खम्हारडीह, कचना और लाभांडी के निवासियों के लिए जोरा के रास्ते नवा रायपुर तथा हवाई अड्डे तक पहुँचना बेहद सरल हो जाएगा। वर्तमान में मोवा से जोरा की दूरी तय करने में 30 मिनट से अधिक समय लगता है। इस नई परियोजना के पूरे होने के बाद यह यात्रा मात्र 10 से 12 मिनट में पूरी की जा सकेगी, जिससे यात्रियों के 15 से 20 मिनट की बचत होगी और कई ट्रैफिक सिग्नलों के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
475 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगी आधुनिक सुविधाओं वाली टाउनशिप
आरडीए द्वारा तैयार की जा रही इस नई कॉलोनी में लाभांडी, जोरा, शंकर नगर और कचना क्षेत्र के कुल 896 खसरे शामिल किए गए हैं। इस पूरी जमीन में से लगभग 20 हेक्टेयर भूमि सरकारी है, जबकि 170 हेक्टेयर हिस्सा निजी भूस्वामियों का है। आरडीए का उद्देश्य एक्सप्रेसवे के दोनों ओर होने वाले अनियंत्रित निर्माण को रोकना और योजनाबद्ध तरीके से शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस नई आवासीय योजना के तहत चौड़ी सड़कें, सर्विस रोड, बेहतर जल निकासी व्यवस्था (नालियां) और एक आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किया जाएगा।
550 करोड़ रुपये का बजट मंजूर, 6 महीने में शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
राज्य सरकार ने इस पूरी परियोजना के निर्माण और विकास के लिए 550 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। इससे पहले 2 जुलाई को आरडीए बोर्ड ने इस विस्तृत योजना को अपनी मंजूरी प्रदान की थी। शुरुआती सर्वेक्षण कार्य संपन्न होने के बाद हाल ही में सोमवार को इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया गया है। प्रभावित भूखंड मालिक अधिसूचना जारी होने के 15 दिनों के भीतर अपनी दावे एवं आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार अगले दो महीनों के भीतर सड़क और कॉलोनी की ड्राइंग, डिजाइन तथा विस्तृत नक्शा तैयार कर लिया जाएगा, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया आरंभ कर छह महीने में टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।
14 वार्डों के 5 लाख से अधिक नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ
लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, इस नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से नगर निगम क्षेत्र के लगभग 14 वार्डों में रहने वाले 5 लाख से अधिक नागरिकों को सीधा फायदा पहुंचेगा। इसके बन जाने से शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल तेलीबांधा और पंडरी रोड पर गाड़ियों की आवाजाही का दबाव काफी कम हो जाएगा। इस वैकल्पिक फोरलेन मार्ग से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि ईंधन की बचत होगी और शहर के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय इलाकों में लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से भी जनता को राहत मिलेगी।





















