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ब्रिटिश पाउंड में कमजोरी बरकरार, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3480 के स्तर पर टिकी निगाहेंबाज़ार
31 अग॰ 2026, 12:19 pm (1 घंटे पहले)· 2

ब्रिटिश पाउंड में कमजोरी बरकरार, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3480 के स्तर पर टिकी निगाहें

यूनाइटेड ओवरसीज बैंक की ओर से जारी विश्लेषण के अनुसार ब्रिटिश पाउंड में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोरी का रुख बना हुआ है और आने वाले दिनों में यह 1.3480 के स्तर तक फिसल सकता है।

मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड पर दबाव लगातार बना हुआ है और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इसके 1.3480 के स्तर तक गिरने की आशंका जताई जा रही है। हालिया बाजार विश्लेषण के मुताबिक पाउंड में बिकवाली का दबाव गहराता जा रहा है और निवेशकों की नजरें अब अगले महत्वपूर्ण समर्थन स्तर पर टिकी हुई हैं।

अल्पकालिक दृष्टिकोण और हालिया उतार-चढ़ाव

पिछले सप्ताह के दौरान ब्रिटिश पाउंड में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। गुरुवार को पाउंड गिरकर 1.3571 के निचले स्तर पर पहुंच गया था, जिसके बाद मामूली रिकवरी के साथ यह 1.3594 के स्तर पर बंद हुआ था, जो पिछले दिन के मुकाबले 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट थी। इसके बाद जब पाउंड 1.3595 के आसपास था, तब यह उम्मीद जताई जा रही थी कि बाजार सीमित दायरे में कारोबार करेगा और 1.3570 से 1.3620 के बीच बना रहेगा। हालांकि बाजार का यह अनुमान गलत साबित हुआ क्योंकि पाउंड में भारी गिरावट आई और यह लुढ़ककर 1.3527 के स्तर तक चला गया, जिसके बाद अंततः यह 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1.3540 पर बंद हुआ। बाजार में ओवरसोल्ड यानी अत्यधिक बिकवाली की स्थितियां अभी भी बनी हुई हैं, जिसके चलते किसी बड़ी और निरंतर गिरावट की संभावना कम ही नजर आ रही है। आज के कारोबारी सत्र में पाउंड हल्की कमजोरी दिखा सकता है, लेकिन इसके 1.3520 से 1.3570 के दायरे में ही सीमित रहने की उम्मीद है।

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मध्य अवधि का परिदृश्य और मुख्य स्तर

एक से तीन सप्ताह के दृष्टिकोण को देखें तो बाजार का रुख ब्रिटिश पाउंड के प्रति थोड़ा नकारात्मक हो गया है। 28 अगस्त को जब हाजिर भाव 1.3595 पर था, तब यह संकेत मिलने लगे थे कि downward momentum यानी नीचे की ओर जाने की गति में हल्का इजाफा हुआ है और पाउंड में और नरमी आ सकती है। हालांकि यह उम्मीद नहीं की गई थी कि मंदी का यह दौर इतनी तेजी से आगे बढ़ेगा और पाउंड सीधे 1.3527 के निचले स्तर को छू लेगा। मौजूदा जोखिम पूरी तरह से नीचे की तरफ यानी downside की ओर बने हुए हैं और अब सबसे महत्वपूर्ण स्तर जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए, वह 1.3480 है। कुल मिलाकर जब तक ब्रिटिश पाउंड 1.3600 के मजबूत प्रतिरोध स्तर से नीचे बना रहता है, तब तक उस पर दबाव बरकरार रहने की पूरी संभावना है।

प्रमुख मुद्राओं और जिंस बाजारों का हाल

व्यापक मुद्रा बाजार में अन्य जोड़ियों और कमोडिटीज की चाल भी मिली-जुली रही है। नए सप्ताह की शुरुआत में GBP/USD जोड़ी में हल्की बढ़त देखने को मिल रही है, जिससे पिछले सप्ताह के अंत में आई भारी गिरावट के एक हिस्से की भरपाई हुई है। हालांकि एशियाई सत्र के दौरान हाजिर कीमतें 1.3500 के मध्य स्तर से नीचे ही कारोबार कर रही हैं और उनमें तेजी को लेकर पर्याप्त भरोसा नहीं दिखाई दे रहा है, जिससे फरवरी के बाद से बने उच्चतम स्तर से आई हालिया सुस्ती के पूरी तरह थमने की पुष्टि करने से पहले सावधानी बरतने की जरूरत महसूस हो रही है। दूसरी ओर शुरुआती एशियाई घंटों में EUR/USD जोड़ी मजबूत होकर लगभग 1.1590 के आसपास पहुंच गई है। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श के आक्रामक बयानों के बावजूद अमेरिकी डॉलर यूरो के मुकाबले कमजोर हुआ है। बाजार के निवेशकों की निगाहें अब सोमवार को बाद में आने वाले जर्मनी के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के शुरुआती आंकड़ों पर टिकी हुई हैं।

सोना, सोलाना और डीजल बाजार की स्थिति

एशियाई सत्र के दौरान सोने की कीमतें 4,400 डॉलर से नीचे के स्तर से मामूली रूप से संभली हैं, हालांकि इसमें ऊपर की ओर बढ़ने की गुंजाइश सीमित नजर आ रही है। कमजोर अमेरिकी डॉलर इस कीमती धातु को कुछ सहारा दे रहा है और इसके intraday नुकसान को कम करने में मदद कर रहा है। इसके साथ ही फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श द्वारा शुक्रवार को महंगाई के दबाव पर अंकुश लगाने से जुड़े बयानों ने ब्याज दर में बढ़ोतरी की उम्मीदों को हवा दी है, जो इस बिना ब्याज देने वाली बहुमूल्य धातु में किसी भी सार्थक रिकवरी को सीमित रख सकता है। उधर सोलाना की कीमत पिछले दिन 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करने के बाद लगभग 100 डॉलर पर कारोबार कर रही है और अपने मनोवैज्ञानिक समर्थन स्तर की परीक्षा ले रही है। सोलाना पर केंद्रित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स को पिछले सप्ताह 150 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश मिला, जो मजबूत संस्थागत मांग को दर्शाता है। हालांकि बढ़ते मंदी के माहौल के बीच कीमत के 100 डॉलर के स्तर को परखने से सोलाना के सामने पूंजीकरण का जोखिम भी पैदा हो गया है। इसके अलावा तेल बाजार भले ही कुछ महीने पहले की तुलना में शांत नजर आ रहा हो, लेकिन डीजल बाजार एक बिल्कुल अलग संकेत दे रहा है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, जो कि डब्ल्यूटीआई क्रूड की तुलना में अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल वायदा का प्रीमियम है, हाल ही में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकल गया और इंट्राडे रिकॉर्ड बनाते हुए 102.00 डॉलर से थोड़ा ही ऊपर पहुंच गया।

सवाल-जवाब

ब्रिटिश पाउंड के लिए अगला महत्वपूर्ण समर्थन स्तर क्या है?
विश्लेषण के अनुसार ब्रिटिश पाउंड के लिए अगला अहम स्तर 1.3480 है जिस पर निवेशकों की नजर टिकी हुई है।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाउंड पर दबाव क्यों बना हुआ है?
बढ़ते मंदी के मोमेंटम और तकनीकी बिकवाली के कारण पाउंड 1.3600 के प्रतिरोध स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है।
सोलाना की कीमत किस स्तर पर कारोबार कर रही है?
सोलाना की कीमत लगभग 100 डॉलर के आसपास बनी हुई है और यह अपने मनोवैज्ञानिक समर्थन स्तर की परीक्षा ले रही है।
डीजल बाजार में क्या रिकॉर्ड बना है?
अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर निकलकर 102.00 डॉलर के इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श के बयानों का क्या असर हुआ है?
उनके बयानों ने महंगाई पर अंकुश लगाने और ब्याज दर में बढ़ोतरी की उम्मीदों को बढ़ावा दिया है।
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