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चार हफ्तों के निचले स्तर पर ब्रिटिश पाउंड, बेहतर आर्थिक आंकड़ों ने बढ़ाई बिकवालीबाज़ार
28 जुल॰ 2026, 6:10 am (2 घंटे पहले)· 0

चार हफ्तों के निचले स्तर पर ब्रिटिश पाउंड, बेहतर आर्थिक आंकड़ों ने बढ़ाई बिकवाली

ब्रिटेन के खुदरा बिक्री और उपभोक्ता विश्वास के आंकड़ों में सुधार के बावजूद ब्रिटिश पाउंड में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कम होती महंगाई और भू-राजनीतिक मोर्चे पर नरमी के कारण मुद्रा पर दबाव बना हुआ है।

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तकनीकी विश्लेषण28 जुलाई 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

GBP/USD अभी 1.33 पर है, जबकि EMA20 1.34, EMA50 1.34 और EMA200 1.34 पर हैं।

आगे संभावित चाल

तेजी संभवतः EMA20 (1.34) के पास थम सकती है।

ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग में लगातार कमजोरी का रुख बना हुआ है और मुद्रा में जुलाई के शुरुआती दिनों के बाद पहली बार 1.3300 के स्तर से नीचे कारोबार दर्ज किया गया है। पिछले सप्ताह आई तेजी केवल एक दिन की रिकवरी साबित हुई, जिसके बाद बिकवाली का नया दौर शुरू हो गया है। ब्रिटेन से पिछले कुछ दिनों में आए खुदरा बिक्री, उपभोक्ता विश्वास और व्यावसायिक गतिविधियों के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे हैं, लेकिन विडंबना यह है कि इनमें से हर एक आंकड़ा पाउंड को बेचने की बड़ी वजह बन गया है।

बैंक ऑफ इंग्लैंड के फैसले पर टिकी निगाहें

गुरुवार को बैंक ऑफ इंग्लैंड की तरफ से नया मौद्रिक नीति विवरण जारी किया जाएगा, जो ऐसे ऊर्जा बाजार पर आधारित होगा जिसमें पिछले एक हफ्ते के भीतर ही प्रति बैरल 10 डॉलर से ज्यादा का उतार-चढ़ाव आ चुका है। पिछले सात दिनों में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को वह तमाम आंकड़े हासिल हुए हैं, जिनका इंतजार इसकी मुद्रा लंबे समय से कर रही थी। जून के महीने में खुदरा बिक्री में 1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि जानकारों ने इसमें मामूली गिरावट की आशंका जताई थी। इस बढ़त के पीछे मुख्य रूप से सुहाना मौसम और फुटबॉल विश्व कप के दौरान हुआ खर्च माना जा रहा है। इसके अलावा जुलाई में उपभोक्ता विश्वास छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया और शुरुआती कारोबारी गतिविधियों के सर्वे ने निजी क्षेत्र को एक बार फिर से अनुमानों से बेहतर स्थिति में ला खड़ा किया है।

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महंगाई घटने से कम हुआ पाउंड का आकर्षण

आर्थिक मोर्चे पर सामने आए इन तमाम सकारात्मक आंकड़ों के बावजूद बाजार में पाउंड की बिकवाली देखने को मिली है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के व्यावसायिक निर्णयकर्ताओं के सर्वेक्षण से यह बात सामने आई है कि महंगाई को लेकर उम्मीदें नरम पड़ रही हैं। इसके अलावा जून का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पहले ही सालाना आधार पर घटकर 2.6 प्रतिशत पर आ चुका था और सेवा क्षेत्र की महंगाई भी 3.5 प्रतिशत से नीचे यानी 3.6 प्रतिशत पर सिमट गई थी। ऐसी आर्थिक वृद्धि, जो महंगाई में इजाफा किए बिना हासिल हो, उसे मौद्रिक नीति समिति आसानी से नजरअंदाज कर सकती है और निवेशकों ने कभी भी वृद्धि के भरोसे पाउंड को लंबे समय तक अपने पास नहीं रखा है।

ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक स्थिति का असर

चूंकि ब्रिटेन अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, इसलिए कीमतों में इस स्तर की गिरावट देश के व्यापार संतुलन में स्पष्ट सुधार और एक सीधी विस्फीतिकारी चाल को दर्शाती है। साथ ही यह उस एकमात्र तर्क को भी समाप्त कर देती है जिसके दम पर कोई भी निवेशक इस मुद्रा को अपने पास रखने के पक्ष में था। गर्मियों के दौरान पाउंड स्टर्लिंग ने एक संघर्ष के साये में समय बिताया है, लेकिन अब वह संघर्ष शांत हो चुका है। गुरुवार को आने वाला यह निर्णय स्थानीय समयानुसार सुबह 11:00 बजे एक पूरे मौद्रिक नीति विवरण, बैठकों के विवरण और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ सामने आएगा। बाजार के जानकारों का आम तौर पर यही मानना है कि जून के फैसले का समीकरण इस बार भी पूरी तरह से दोहराया जा सकता है, जिसमें सात सदस्य ब्याज दरों को 3.75 प्रतिशत पर बनाए रखने के पक्ष में, दो सदस्य इसे बढ़ाकर 4.00 प्रतिशत करने के पक्ष में और एक भी सदस्य कटौती के पक्ष में नहीं दिखेगा।

भविष्य के पूर्वानुमानों पर टिकी बाजार की नजर

यह वही समिति का गणित है जिसे बाजार पहले ही अपने भावों में शामिल कर चुका है, जिसके चलते अब इस आयोजन का पूरा भार मतदान के बजाय भविष्य के पूर्वानुमानों पर आ टिकता है। असली मुश्किल यहीं पर पैदा होती है। इस तरह की रिपोर्ट्स अपने ऊर्जा संबंधी अनुमानों को बाजार की कीमतों के उस औसत के आधार पर तैयार करती हैं जो प्रकाशन से काफी पहले ही बंद हो चुका होता है, न कि सोमवार के ताजा आंकड़ों के आधार पर। यही वजह है कि गुरुवार के अनुमान ऐसे कच्चे तेल बाजार पर टिके होंगे जो अब हकीकत में मौजूद ही नहीं है। इस साल यह पांचवां ऐसा आधिकारिक पूर्वानुमान है जो एक ही शर्त के आधार पर पैदा होने के साथ ही पुराना पड़ चुका है और इस विशेष संघर्ष की वजह से यह चौथा मौका है जब पूर्वानुमान धड़ाम हुआ है।

तकनीकी स्तर और बाजार का रुझान

तकनीकी मोर्चे पर बात करें तो 1.3300 का स्तर अब समर्थन देने के बजाय एक ऊपरी बाधा के रूप में काम कर रहा है। इसके ठीक नीचे 50-दिवसीय और 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज का दायरा लगभग 1.3400 के करीब एक ऐसी छत बना हुआ है जिसने जुलाई के मध्य से लेकर अब तक पाउंड को ऊपर बढ़ने से हर बार रोका है। दूसरी ओर, मौजूदा हाजिर कीमत के नीचे 1.3250 का स्तर पहला मुख्य पायदान है और इसके भी नीचे जून के अंत का निचला स्तर करीब 1.3150 ही 1.3000 के दायरे से पहले एकमात्र ऐसा तकनीकी ढांचा बचा है जिसे नाम दिया जा सके। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए बाजार का रुख मंदी की ओर यानी बेयरिश बना हुआ है। इसमें सलाह यही दी जा रही है कि कीमत में किसी भी उछाल के दौरान 1.3350 और उसके ऊपर के मूविंग एवरेज दायरे के पास बिकवाली की जाए, जिसके लिए 1.3250 और उसके बाद 1.3150 के क्षेत्र को लक्ष्य बनाया जा सकता है, जबकि 1.3400 से ऊपर दैनिक क्लोजिंग होने पर फिलहाल दूर खड़े रहने की जरूरत है।

पाउंड स्टर्लिंग का ऐतिहासिक महत्व

पाउंड स्टर्लिंग दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा है, जिसका इतिहास 886 ईस्वी से जुड़ा हुआ है और यह यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है। यह विदेशी मुद्रा बाजार में दुनिया की चौथी सबसे ज्यादा कारोबार करने वाली इकाई है, जो सभी लेन-देन का 12 प्रतिशत हिस्सा रखती है और 2022 के आंकड़ों के अनुसार औसतन प्रतिदिन 630 अरब डॉलर का कारोबार करती है। इसके प्रमुख ट्रेडिंग जोड़ों में GBP/USD शामिल है, जिसे कारोबारी भाषा में 'केबल' भी कहा जाता है और यह विदेशी मुद्रा कारोबार का 11 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। इसके अलावा GBP/JPY को कारोबारी 'ड्रैगन' के नाम से जानते हैं जो 3 प्रतिशत हिस्सा रखता है और EUR/GBP 2 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। पाउंड स्टर्लिंग को बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा जारी किया जाता है।

मौद्रिक नीति और महंगाई का आपसी संबंध

पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा तय की जाने वाली मौद्रिक नीति है। बैंक अपने निर्णय इस बात पर आधारित करता है कि उसने मूल्य स्थिरता के अपने प्राथमिक लक्ष्य को हासिल किया है या नहीं, जो लगभग 2 प्रतिशत की स्थिर मुद्रास्फीति दर है। इसे हासिल करने के लिए इसका मुख्य साधन ब्याज दरों में समायोजन करना है। जब महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो बैंक ब्याज दरों को बढ़ाकर इसे नियंत्रित करने की कोशिश करता है, जिससे आम लोगों और व्यवसायों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है। यह आमतौर पर पाउंड के लिए सकारात्मक होता है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें ब्रिटेन को वैश्विक निवेशकों के लिए अपना पैसा लगाने के लिए एक आकर्षक स्थान बनाती हैं। इसके विपरीत जब महंगाई बहुत ज्यादा गिर जाती है, तो यह इस बात का संकेत होता है कि आर्थिक विकास धीमा हो रहा है। ऐसे हालात में बैंक कम ब्याज दरों पर विचार करता है ताकि कर्ज सस्ता हो सके और व्यवसाय विकास से जुड़ी परियोजनाओं में निवेश करने के लिए अधिक ऋण ले सकें।

आर्थिक आंकड़े और व्यापार संतुलन की भूमिका

विभिन्न आर्थिक आंकड़े अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य का आकलन करते हैं और पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को प्रभावित कर सकते हैं। सकल घरेलू उत्पाद, विनिर्माण और सेवा पीएमआई तथा रोजगार जैसे संकेतक सभी जीबीपी की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। एक मजबूत अर्थव्यवस्था स्टर्लिंग के लिए अच्छी होती है। यह न केवल अधिक विदेशी निवेश को आकर्षित करती है बल्कि बैंक ऑफ इंग्लैंड को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित कर सकती है, जो सीधे तौर पर जीबीपी को मजबूत करेगा। इसके अलावा यदि आर्थिक आंकड़े कमजोर होते हैं, तो पाउंड स्टर्लिंग में गिरावट आने की पूरी संभावना रहती है। पाउंड स्टर्लिंग के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण डेटा रिलीज व्यापार संतुलन है। यह संकेतक एक निश्चित अवधि में देश की निर्यात से होने वाली कमाई और आयात पर खर्च के बीच के अंतर को मापता है। यदि कोई देश अत्यधिक मांग वाले निर्यात का उत्पादन करता है, तो उसकी मुद्रा को विदेशी खरीदारों द्वारा इन वस्तुओं को खरीदने के लिए बनाई गई अतिरिक्त मांग से सीधा लाभ मिलेगा। इसलिए, एक सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन मुद्रा को मजबूत करता है और नकारात्मक संतुलन के मामले में इसके विपरीत असर होता है।

सवाल-जवाब

ब्रिटिश पाउंड में हाल ही में क्यों गिरावट आई है?
बेहतर आर्थिक आंकड़ों और खुदरा बिक्री में बढ़त के बावजूद घटती महंगाई और ऊर्जा कीमतों में नरमी के कारण पाउंड में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।
बैंक ऑफ इंग्लैंड का अगला मौद्रिक नीति निर्णय कब आएगा?
बैंक ऑफ इंग्लैंड का नया नीतिगत फैसला गुरुवार को जारी किया जाएगा, जिसमें मौद्रिक नीति रिपोर्ट और ब्याज दरों पर रुख स्पष्ट होगा।
GBP/USD जोड़ी के लिए तकनीकी समर्थन और प्रतिरोध स्तर क्या हैं?
फिलहाल 1.3300 का स्तर प्रतिरोध का काम कर रहा है, जबकि नीचे की ओर 1.3250 और 1.3150 प्रमुख समर्थन स्तर हैं।
पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को सबसे ज्यादा कौन सा कारक प्रभावित करता है?
बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा तय की जाने वाली मौद्रिक नीति और ब्याज दरें पाउंड के मूल्य को तय करने वाले सबसे महत्वपूर्ण कारक हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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