राजस्थान राज्य के श्रीगंगानगर जिले के अंतर्गत आने वाले पदमपुर कस्बे में स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान उस समय अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब वार्ड संख्या 9 के मतदान केंद्र के ठीक बाहर दो प्रमुख राजनीतिक दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए। मतदान प्रक्रिया के बीच भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच शुरू हुई तीखी बहस देखते ही देखते हाथापाई और हंगामे में बदल गई। इस घटना के कारण पोलिंग बूथ के आसपास मौजूद मतदाताओं और स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए क्षेत्र में असहज स्थिति पैदा हो गई।
वार्ड नंबर 9 के मतदान केंद्र पर हुआ हंगामा
पदमपुर निकाय चुनाव में वार्ड नंबर 9 की सीट को राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जा रहा है। इस वार्ड में जीत दर्ज करने के लिए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। मतदान के दिन दोनों दलों के कार्यकर्ता और समर्थक बूथ के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद थे। इसी दौरान किसी बात पर दो कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हो गई। संवाद धीरे-धीरे उग्र होता गया और देखते ही देखते दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ता आपस में उलझ पड़े। हंगामे की आवाज सुनकर आसपास एकत्र लोगों में भय का माहौल बन गया और चुनावी गतिविधियों पर थोड़ी देर के लिए विपरीत असर पड़ा।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने संभाली स्थिति
मतदान केंद्र के बाहर दो पक्षों के बीच हुई भिड़ंत की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। भारी पुलिस बल के साथ वरिष्ठ अधिकारियों का दल अविलंब घटनास्थल पर पहुंचा और मोर्चा संभाला। पुलिस कर्मियों ने काफी सूझबूझ और मशक्कत का परिचय देते हुए परस्पर भिड़ रहे दोनों गुटों के समर्थकों को एक-दूसरे से अलग किया। मौके पर जमा हुई भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कराया गया और बूथ परिसर के निकट से हटा दिया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई की बदौलत विवाद को और अधिक फैलने से रोक लिया गया और कुछ ही समय में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई।
कड़ी सुरक्षा के बीच जारी रही मतदान प्रक्रिया
कानून-व्यवस्था पूरी तरह बहाल होने के बाद मतदान केंद्र पर स्थिति सामान्य हो सकी, जिसके बाद नागरिकों ने निर्बाध रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करना जारी रखा। पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वार्ड नंबर 9 के मतदान केंद्र के आसपास अतिरिक्त जाब्ता तैनात कर दिया है। सुरक्षा बल के जवान पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की पुनरावृत्ति न हो सके। हालांकि विवाद की वास्तविक वजह को लेकर दोनों पक्षों की तरफ से कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासन की सतर्कता के कारण चुनावी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की दिशा में काम जारी है।



















