वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की बढ़ती ताकत के कारण प्रमुख मुद्राओं पर दबाव साफ देखा जा रहा है। यूरो ने हालिया सत्रों में तेज गिरावट का सामना किया है, जहां यह न्यूयॉर्क कारोबारी सत्र के दौरान 1.1591 के निचले स्तर तक लुढ़क गया था। हालांकि बाद में हल्की रिकवरी के साथ यह 0.19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करते हुए 1.1610 पर बंद हुआ। बाजार में बिकवाली का दबाव धीरे-धीरे गति पकड़ रहा है, जिससे निवेशकों का ध्यान अब महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर टिक गया है।
यूरो बनाम अमेरिकी डॉलर: महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
अल्पकालिक तकनीकी परिदृश्य पर नजर डालें तो जब तक यूरो 1.1630 के स्तर से नीचे बना रहता है, तब तक इसके 1.1585 के प्रमुख सपोर्ट स्तर का परीक्षण करने की पूरी संभावना बनी हुई है। इस दौरान 1.1620 का स्तर एक छोटे रेजिस्टेंस के रूप में कार्य कर रहा है। मौजूदा मोमेंटम को देखते हुए फिलहाल 1.1585 के स्तर से नीचे लगातार बड़ी गिरावट की संभावना सीमित नजर आ रही है। हालांकि, बाजार का रुख पूरी तरह से नकारात्मक रुझान की ओर झुकता दिख रहा है।
आने वाले हफ्तों का तकनीकी परिदृश्य और संभावित गिरावट के संकेत
एक से तीन सप्ताह के मध्यम अवधि के नजरिए से देखें तो सोमवार, 07 सितंबर को जब हाजिर भाव 1.1625 पर था, तब यूरो के 1.1585 से 1.1670 के सीमित दायरे में रहने की संभावना जताई गई थी। हालांकि हालिया गिरावट के बाद नीचे की तरफ दबाव बनना शुरू हो गया है। यदि यूरो 1.1585 के नीचे दैनिक बंद स्तर दर्ज करता है, तो यह गिरावट को और गहरा कर सकता है, जिससे अगला बड़ा सपोर्ट स्तर 1.1565 टूट सकता है। दूसरी तरफ, यदि मुद्रा में सुधार आता है और यह 1.1645 के मजबूत रेजिस्टेंस स्तर को पार कर जाती है, तो यह संकेत होगा कि यूरो फिर से एक सीमित दायरे में कारोबार करना जारी रखेगा।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में स्थिरता
शुक्रवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7100 के मध्य स्तर के करीब स्थिर होता दिखा। इससे पिछले दिन की उस भारी गिरावट पर रोक लगी, जिसने मुद्रा को एक सप्ताह से अधिक के निचले स्तर पर धकेल दिया था। अगस्त के उत्पादक मूल्य सूचकांक यानी पीपीआई आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को मजबूती दी थी, जिसने अमेरिकी डॉलर को तेज बढ़ावा दिया और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर भारी दबाव डाला। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ओर से सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की गिरावट को सीमित करने में मदद की है। वर्तमान में निवेशक अमेरिकी उपभोक्ता महंगाई आंकड़ों के आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जापान के पीपीआई आंकड़ों से येन को मिला सहारा
एशियाई सत्र में अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन की जोड़ी 154.00 के स्तर के करीब नीचे की ओर टिकी रही। जापान के मजबूत पीपीआई आंकड़ों ने बैंक ऑफ जापान द्वारा नीतिगत सख्ती की संभावनाओं को मजबूत किया है, जिससे जापानी येन को नई ताकत मिली है। इसके बावजूद, अमेरिकी डॉलर की पिछली बढ़त और आगामी अमेरिकी उपभोक्ता मुद्रास्फीति आंकड़ों को लेकर बनी सतर्कता के कारण येन में बहुत बड़ी बढ़त सीमित बनी हुई है।



















