अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में ब्याज दरों को लेकर बने गहरे दबाव और बॉन्ड यील्ड की बढ़ती चुनौतियों के बावजूद वैश्विक इक्विटी बाजारों ने शानदार मजबूती प्रदर्शित की है। अमेरिका के दिग्गज प्रौद्योगिकी शेयरों के असाधारण प्रदर्शन ने दुनियाभर के शेयर बाजारों को नई ऊर्जा प्रदान की है, जिसके चलते कई प्रमुख सूचकांक रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंच गए हैं। इसके साथ ही यूरोप के अधिकांश बाजारों में स्थिरता और बढ़त का माहौल देखा जा रहा है, जबकि एशियाई बाजारों में भी मजबूती का रुख कायम है। चीन के घरेलू वित्तीय बाजार इस समय नेशनल डे और गोल्डन वीक की छुट्टियों के कारण बंद चल रहे हैं, लेकिन अमेरिकी और यूरोपीय वायदा बाजार आगे भी मामूली बढ़त के स्पष्ट संकेत दे रहे हैं।
अमेरिकी टेक शेयरों के दम पर नैस्डैक और एसएंडपी 500 नई ऊंचाइयों पर
अमेरिकी शेयर बाजार में प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों ने रैली की अगुवाई करते हुए बाजार को नई दिशा दी। एसएंडपी 500 सूचकांक 0.66 प्रतिशत की तेजी दर्ज करते हुए अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर से महज आधा प्रतिशत की दूरी पर बंद होने में सफल रहा। दूसरी तरफ तकनीकी शेयरों से भरपूर नैस्डैक सूचकांक में 1.05 प्रतिशत का मजबूत उछाल देखा गया, जिसने एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्थापित किया। इसके अतिरिक्त, दिग्गज तकनीकी कंपनियों के समूह यानी मैग 7 ने भी 1.23 प्रतिशत की जोरदार बढ़त हासिल की और अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। इन विशाल कंपनियों की शानदार कमाई और निवेशकों के मजबूत भरोसे ने व्यापक बाजार में पैदा हुए ब्याज दर संबंधी तनाव को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया है।
यूरोपीय सूचकांकों में टिकाऊपन और फ्रांस की राजनीतिक अनिश्चितता
यूरोप के बाजारों ने भी मौजूदा वैश्विक वित्तीय उतार-चढ़ाव के बीच उल्लेखनीय जुझारूपन दिखाया है। पूरे महाद्वीप के व्यापक प्रदर्शन को दर्शाने वाला पैन-यूरोपीय सूचकांक स्टॉक्स 600 लगभग 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इस ताजा बढ़त के बावजूद यह सूचकांक अगस्त के अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर से लगभग 4 प्रतिशत नीचे बना हुआ है। यूरोप के प्रमुख राष्ट्रीय बाजारों में फ्रांस को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर प्रदर्शन काफी स्थिर रहा। ब्रिटेन का एफटीएसई 100 सूचकांक 0.34 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ, जबकि जर्मनी के डैक्स सूचकांक में 0.09 प्रतिशत की हल्की बढ़त दर्ज की गई। वहीं इटली के एफटीएसई एमआईबी सूचकांक ने 0.66 प्रतिशत की बेहतरीन छलांग लगाई।
फ्रांस के बाजार पर राजनीतिक उथल-पुथल का गहरा साया बना हुआ है। आने वाले दिनों में पेरिस के राजनीतिक गलियारों पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी, जहां सोशलिस्ट पार्टी और मरीन ले पेन की नेशनल रैली पार्टी राष्ट्रीय बजट को लेकर मौजूदा सरकार को गिराने के संकेत दे सकती हैं। यदि यह राजनीतिक गतिरोध अविश्वास प्रस्ताव की ओर बढ़ता है, तो फ्रांसीसी वित्तीय संपत्तियों पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है।
बॉन्ड यील्ड की चुनौती और केंद्रीय बैंकों की दुविधा
यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने नीतिगत स्तर पर एक बेहद जटिल पहेली खड़ी हो गई है। सामान्य परिस्थितियों में जब मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के निर्धारित लक्ष्य से लगभग दोगुनी रफ्तार से चल रही हो, तो उसका सीधा और पारंपरिक जवाब नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी करना होता है। लेकिन वर्तमान आर्थिक माहौल किसी भी लिहाज से सामान्य नहीं है। फिक्स्ड इनकम मार्केट में बिकवाली के कारण बॉन्ड यील्ड बहु-वर्षीय उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई है। इसका परिणाम यह है कि खुद बॉन्ड मार्केट ही वित्तीय परिस्थितियों को कड़ा करने का एक बड़ा हिस्सा अपने दम पर पूरा कर रहा है। ऐसे में यदि केंद्रीय बैंक दरों में और अधिक बढ़ोतरी करता है, तो आर्थिक विकास को गंभीर झटका लगने का जोखिम पैदा हो जाता है, जिससे नीति निर्माताओं के समक्ष एक विकट दुविधा उत्पन्न हो गई है।
विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की बढ़त और येन का संघर्ष
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर ने अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है। फिक्स्ड इनकम बाजार में लगातार बिकवाली के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर बनी हुई है, जिससे ग्रीनबैक को ठोस आधार मिला है। हालांकि फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदें काफी कम हो गई हैं, फिर भी पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने डॉलर को सुरक्षित ठिकाना मानते हुए इसमें खरीदारी जारी रखी है।
मंगलवार को एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर यानी AUD/USD की जोड़ी में हल्की गिरावट दर्ज की गई। पिछले हफ्ते बने दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुई दो दिवसीय रिकवरी पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा चालू महीने में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी किए जाने की संभावना ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए एक मददगार कारक साबित हो सकती है। दूसरी ओर, मंगलवार को यूरोपीय सत्र की शुरुआत में USD/JPY की जोड़ी फिर से 158.00 के स्तर से ऊपर निकल गई। बैंक ऑफ जापान द्वारा संभावित सख्त मौद्रिक नीति के संकेतों और मुद्रा बाजार में संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाओं के बावजूद जापानी येन में कोई खास मजबूती नहीं दिखी, जिससे डॉलर की बढ़त जारी रही।
सोने की कीमतों में सुधार और वैश्विक घटनाक्रम
सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली कीमती धातु सोने ने अपने हालिया नुकसान की भरपाई करते हुए अच्छी वापसी की है। 4,100 डॉलर के आसपास बने दो महीने के निचले स्तर से उबरते हुए सोना यूरोपीय सत्र के पहले हिस्से में 4,150 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंचने में कामयाब रहा। सितंबर के मासिक निचले स्तर से चली तेज तेजी के बाद अमेरिकी डॉलर की रफ्तार थोड़ी थमी, जिसने सर्राफा बाजार को राहत दी। इसके अलावा, अक्टूबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि की घटती संभावनाओं ने बिना यील्ड वाली इस बहुमूल्य धातु को अतिरिक्त सहारा प्रदान किया है।
एशियाई मोर्चे पर चीन के मुख्य भूमि वित्तीय बाजार नेशनल डे और गोल्डन वीक अवकाश के उपलक्ष्य में पूरी तरह बंद हैं और वहां गुरुवार को दोबारा नियमित कारोबार शुरू होगा। इस बीच बाजार में किसी बड़े टियर-1 आर्थिक आंकड़े के अभाव के चलते निवेशकों का पूरा ध्यान यूरोपीय घटनाक्रमों और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनावों पर केंद्रित बना हुआ है।


















