रसोई में जब हरी सब्जियों का विकल्प न दिखे, तब अधिकांश घरों में बेसन की कढ़ी या पारंपरिक बेसन की तरीदार सब्जी का रुख किया जाता है। हालांकि, उसी बुनियादी सामग्री के साथ स्वाद और बनावट का एक बिल्कुल नया अनुभव तैयार किया जा सकता है। गट्टा पाटौड़ी रोल्स उत्तर भारतीय और पश्चिमी भारतीय पाक शैलियों का एक बेहतरीन समन्वय प्रस्तुत करते हैं। इसमें राजस्थान के पारंपरिक गट्टे की सौम्यता और महाराष्ट्र की मशहूर पाटौड़ी का तीखापन एक साथ मिलता है। पतली बेली गई बेसन की परतों के भीतर भुने हुए मसालों का भरावन भरकर जब इन्हें भाप में पकाया जाता है, तो यह साधारण भोजन को भी किसी दावत जैसा रूप दे देता है।
रोल्स और मसालेदार भरावन के लिए जरूरी सामग्री
इस स्वादिष्ट व्यंजन को तैयार करने के लिए सामग्री को तीन हिस्सों में विभाजित किया जा सकता है। सबसे पहले बाहरी रोल के लिए दो कप छना हुआ बेसन लें। इसके साथ आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच पिसी हुई लाल मिर्च, स्वाद के अनुसार नमक और मोयन के लिए एक से दो चम्मच कुकिंग ऑयल की आवश्यकता होगी। आटा गूंथने के लिए सामान्य पानी का प्रयोग करें।
रोल्स के भीतर भरी जाने वाली खुशबूदार भरावन सामग्री के लिए दो बड़े चम्मच कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल और दो बड़े चम्मच कच्ची या भुनी हुई मूंगफली लें। इसके अतिरिक्त एक छोटा चम्मच जीरा, एक छोटा चम्मच सौंफ, एक छोटा चम्मच साबुत सूखा धनिया, दो से तीन तीखी हरी मिर्च और पांच से छह छिली हुई लहसुन की कलियां एकत्रित कर लें।
तरीदार ग्रेवी तैयार करने हेतु दो बड़े चम्मच तेल, तड़के के लिए एक छोटा चम्मच जीरा, एक मध्यम आकार का बारीक कटा प्याज और एक छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का ताजा पेस्ट लें। ग्रेवी के मुख्य आधार के लिए एक कप फेंटा हुआ ताजा दही, आधा कप पिसे हुए टमाटर की प्यूरी, एक छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, एक छोटा चम्मच धनिया पाउडर, आधा छोटा चम्मच पिसा गरम मसाला, स्वादानुसार नमक, तरी पतली या गाढ़ी करने के लिए पानी और गार्निशिंग के लिए बारीक कटा हरा धनिया चाहिए।
मसालेदार भरावन और बेसन का आटा तैयार करने की विधि
एक चौड़े बर्तन या परात में बेसन निकाल लें। इसमें हल्दी, लाल मिर्च, नमक और तेल का मोयन डालकर हाथों से अच्छी तरह मिला लें ताकि तेल बेसन के कण-कण में समा जाए। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए मुलायम आटा गूंथ लें। ध्यान रखें कि आटा न तो बहुत कड़ा हो और न ही चिपचिपा। गूंथने के बाद इसे ढककर कुछ मिनटों के लिए विश्राम दें।
भरावन तैयार करने के लिए एक तवे या पैन को मध्यम आंच पर गर्म करें। इसमें सूखा नारियल, मूंगफली के दाने, जीरा, सौंफ और साबुत धनिया डालकर धीमी आंच पर सूखा भून लें। जब मसालों से भीनी खुशबू आने लगे, तब गैस बंद कर दें और मिश्रण को ठंडा होने दें। इसके बाद भुनी हुई सामग्री के साथ हरी मिर्च और लहसुन मिलाकर मिक्सी के जार में दरदरा पीस लें। इसका महीन पेस्ट न बनाएं, क्योंकि दरदरापन ही बाइट में असली स्वाद लाता है।
रोलिंग और भाप में पकाने की तकनीक
गूंथे हुए बेसन से नींबू के आकार के पेड़े बना लें। चकले पर हल्का सा तेल लगाकर लोई को बेलन की सहायता से काफी पतला बेलें। बेहतर दिखावट के लिए किनारों को चाकू से सीधा काटकर चौकोर शीट तैयार कर लें। अब इस शीट की सतह पर तैयार किए गए सूखे भरावन का हल्का और एकसमान छिड़काव करें।
इसके बाद शीट के एक सिरे से शुरू करते हुए इसे धीरे-धीरे और कसकर लपेटते हुए रोल का आकार दें। यदि बेलते समय शीट चिपकने लगे, तो हल्का तेल और लगा लें। इसी तरह सभी लोइयों से रोल्स बनाकर तैयार कर लें। इन सभी रोल्स को स्टीमर या इडली स्टैंड की जाली पर रखें और मध्यम आंच पर भाप में अच्छी तरह पकने दें। भाप की गर्मी से बेसन की बाहरी परत पूरी तरह पककर सख्त हो जाएगी। पकने के बाद रोल्स को जाली से उतारकर पूरी तरह ठंडा होने दें। जब वे ठंडे हो जाएं, तभी चाकू से एक-एक इंच के गोल टुकड़ों में काटें, क्योंकि गर्म रोल्स को काटने से वे बिखर सकते हैं।
दही और टमाटर की समृद्ध तरी तैयार करना
एक कड़ाही में दो चम्मच तेल गरम करें और उसमें जीरा चटकाएं। इसके बाद बारीक कटा प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें। प्याज भुन जाने पर अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर कच्चापन दूर होने तक चलाएं। एक कटोरी में फेंटे हुए दही में धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर मिला लें। इस मसालेदार दही को कड़ाही में डालते समय आंच धीमी रखें और चम्मच को लगातार चलाते रहें ताकि दही फटने न पाए।
जब दही तेल छोड़ने लगे, तब इसमें टमाटर की प्यूरी डालें और मध्यम आंच पर पकने दें। इसके बाद स्वादानुसार नमक, गरम मसाला और ग्रेवी की वांछित मोटाई के अनुसार पानी मिलाएं। जब तरी में अच्छा उबाल आ जाए, तब पहले से काटकर रखे हुए बेसन रोल्स के टुकड़े इसमें डाल दें। बर्तन को ढककर तीन से चार मिनट तक हल्की आंच पर सिमर होने दें, ताकि ग्रेवी का रस और खटास रोल्स के भीतरी हिस्से तक पहुंच जाए। अंत में ताजी कटी हरी धनिया पत्ती डालकर आंच बंद कर दें। यह डिश चपाती, तवा परांठा या उबले हुए बासमती चावल के साथ परोसने के लिए एकदम तैयार है।


















