कनाडा और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापारिक तनाव में उस समय एक नया मोड़ आ गया जब अमेरिकी प्रशासन ने कुछ कनाडाई सामानों पर नए शुल्क और आयात प्रतिबंध लागू कर दिए। इस पूरे घटनाक्रम पर गहराई से विश्लेषण करते हुए रॉयल बैंक ऑफ कनाडा के अर्थशास्त्री नाथन जैन्सेन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम मौजूदा व्यापारिक गतिरोध में महज एक मामूली बढ़ोतरी को दर्शाता है। हालांकि यह नीतिगत बदलाव दोनों देशों के बीच कड़वाहट को थोड़ा और गहरा जरूर करता है, लेकिन इसका दायरा अभी भी बहुत सीमित है और यह द्विपक्षीय व्यापार के एक बहुत छोटे हिस्से को ही प्रभावित कर रहा है।
सेक्टर विशेष पर असर और व्यापक अर्थव्यवस्था
विश्लेषण के मुताबिक, अमेरिकी धारा 338 के तहत उठाए गए नए कदम अमेरिका में कनाडा से आने वाले कुल आयात का केवल 5 प्रतिशत हिस्सा ही कवर करते हैं। इससे भले ही उन खास उद्योगों और निर्यातकों को भारी झटका लगा हो जिन्हें सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है, लेकिन कनाडाई अर्थव्यवस्था पर इसका व्यापक असर नगण्य रहने की उम्मीद है। नाथन जैन्सेन ने इस स्थिति को समझाते हुए कहा कि अमेरिका की तरफ से इन उत्पादों पर पहले ही 50 प्रतिशत तक का भारी भरकम शुल्क लगाया जा चुका था, जिसकी वजह से ये सामान अमेरिकी खरीदारों के लिए वैसे ही बहुत ज्यादा महंगे साबित हो रहे थे और उनकी खरीद पहले ही काफी हद तक घट चुकी थी।
व्यापक व्यापार युद्ध की आशंका और जोखिम
मौजूदा हालात भले ही नियंत्रण में दिख रहे हों, लेकिन इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा और गंभीर खतरा भविष्य में इसके एक बड़े व्यापारिक युद्ध में तब्दील होने की संभावना बनी हुई है। यदि यह गतिरोध आने वाले समय में और अधिक उत्पादों को अपनी चपेट में लेता है और दोनों देश एक दूसरे के खिलाफ आक्रामक जवाबी कार्रवाई जारी रखते हैं, तो प्रभावित होने वाला व्यापार का दायरा मौजूदा 5 प्रतिशत से बढ़कर कई गुना बड़ा हो सकता है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच इस तरह का कोई बड़ा और व्यापक ट्रेड वॉर शुरू नहीं हुआ है, लेकिन आर्थिक जानकारों की नजरें इस बात पर टिकी हुई हैं कि कनाडाई जवाबी शुल्कों के जवाब में अमेरिका आगे क्या कड़े कदम उठाता है।
मुद्रा बाजार और वैश्विक वित्तीय रुझान
व्यापारिक तनाव के इन घटनाक्रमों के बीच वैश्विक वित्तीय बाजारों में अलग-अलग मुद्राओं और परिसंपत्तियों की चाल में भी हलचल देखने को मिल रही है। एशियाई सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियन डॉलर 0.7200 के स्तर से ऊपर अपनी स्थिति मजबूत बनाए हुए है, जिसे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती उम्मीदों से समर्थन मिल रहा है। इसके विपरीत, फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों को लेकर आने वाले समय में सख्त रुख अपनाने की उम्मीदें और अमेरिका तथा ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव अमेरिकी डॉलर को मजबूती दे रहे हैं, जिससे मुद्रा जोड़ियों में एक सीमित दायरा बना हुआ है और निवेशक आगामी अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
दूसरी ओर, जापानी येन में भी बैंक ऑफ जापान की नीतियों के कारण उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, जबकि कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में अमेरिकी सत्र के शुरुआती घंटों में गिरावट दर्ज की गई, हालांकि निवेशक अमेरिकी मौद्रिक नीति पर स्पष्ट संकेत पाने के लिए अभी भी पुराने दायरे में ही कारोबार कर रहे हैं। इसके अलावा, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में Raydium जैसे प्लेटफॉर्म्स पर नेटवर्क गतिविधियों में तेजी और नए टोकन लॉन्च होने से जोरदार उछाल देखा गया है, जो इस बात का संकेत है कि वैश्विक बाजारों में अलग-अलग सेक्टर्स अपनी स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर दिशा तय कर रहे हैं।



















