बैंक ऑफ जापान (BoJ) के नीति बोर्ड के सदस्य काजुयुकी मासू ने गुरुवार को बयान दिया कि देश की नीतिगत दर अभी भी तटस्थ दर के अनुमानित दायरे से नीचे चल रही है। उनका कहना था कि यह स्थिति काफी लंबे समय से बनी हुई है और इसे जल्द से जल्द ठीक करने की आवश्यकता है। काजुयुकी मासू के अनुसार, बैंक की नीतिगत दर का इस तरह तटस्थ स्तर के अनुमानित दायरे से नीचे रहना पूरी तरह से स्वाभाविक नहीं है और इसे सुधारना जरूरी हो गया है।
महंगाई के मोर्चे पर अनुमान और सावधानी
मुद्रास्फीति के मौजूदा रुख पर चर्चा करते हुए काजुयुकी मासू ने स्पष्ट किया कि मुख्य मुद्रास्फीति धीरे-धीरे दो प्रतिशत के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है, लेकिन इस बात की कोई उम्मीद नहीं है कि यह इस स्तर से बहुत ऊपर अचानक छलांग लगाएगी। जब उनसे पचास आधार अंकों की दर में बढ़ोतरी की संभावना के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने सलाह दी कि उधारी लागत को बढ़ाने की प्रक्रिया में अधिकारियों को बेहद सतर्कता और सावधानी के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले येन की स्थिति
इस बयान और बाजार की गतिविधियों के बीच, डॉलर के मुकाबले जापानी येन (USD/JPY) की विनिमय दर में मामूली बढ़त दर्ज की गई और यह जोड़ी दिन के दौरान शून्य दशमलव शून्य पांच प्रतिशत की तेजी के साथ 153.60 के स्तर पर कारोबार करती नजर आई। एशिया सत्र के शुरुआती घंटों में यह जोड़ा 153.50 के ऊपर स्थिर बना रहा, हालांकि इस हफ्ते की शुरुआत में दर्ज किए गए सात महीने के निचले स्तर के आसपास ही मंडरा रहा है, क्योंकि बैंक ऑफ जापान के रुख में हो रहे सख्त बदलाव से जापानी मुद्रा को लगातार समर्थन मिल रहा है।
जापानी केंद्रीय बैंक का मैंडेट और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
बैंक ऑफ जापान जापान का केंद्रीय बैंक है, जो देश में मौद्रिक नीति तय करने की जिम्मेदारी संभालता है। इसके मुख्य अधिदेश में बैंकनोट जारी करना और मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मुद्रा तथा मौद्रिक नियंत्रण का संचालन करना शामिल है, जिसका सीधा अर्थ लगभग दो प्रतिशत का मुद्रास्फीति लक्ष्य हासिल करना है। अर्थव्यवस्था को गति देने और कम महंगाई के माहौल के बीच मुद्रास्फीति में जान फूंकने के उद्देश्य से बैंक ने वर्ष 2013 में बेहद ढीली मौद्रिक नीति की शुरुआत की थी। बैंक की यह नीति मात्रात्मक और गुणात्मक सहजता (QQE) पर आधारित थी, जिसके तहत तरलता प्रदान करने के लिए सरकारी या कॉरपोरेट बॉंड जैसे परिसंपत्तियों को खरीदने के लिए नए नोट छापे जाते थे।
नीतिगत बदलाव और येन पर उसका असर
वर्ष 2016 में बैंक ने अपनी इस रणनीति को और अधिक मजबूत किया तथा पहले नकारात्मक ब्याज दरों की शुरुआत करके और फिर अपने दस साल के सरकारी बॉंड की यील्ड को सीधे नियंत्रित करके नीति को और अधिक ढीला कर दिया। हालांकि, मार्च 2024 में बैंक ऑफ जापान ने आखिरकार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी और इस तरह अपनी अत्यधिक ढीली मौद्रिक नीति के रुख से पीछे हटना शुरू कर दिया। बैंक के इस भारी भरकम प्रोत्साहन के कारण प्रमुख मुद्राओं की तुलना में येन के मूल्य में भारी गिरावट आई थी। वर्ष 2022 और 2023 के दौरान यह प्रक्रिया और भी तेज हो गई, क्योंकि बैंक ऑफ जापान और अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के बीच नीतिगत अंतर लगातार बढ़ता जा रहा था, जिन्होंने दशकों के उच्च स्तर की महंगाई से मुकाबला करने के लिए ब्याज दरों में आक्रामक रूप से वृद्धि की थी।
वैश्विक ऊर्जा कीमतें और महंगाई का दबाव
कमजोर येन और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में आए भारी उछाल के कारण जापानी महंगाई में तेजी देखने को मिली, जिसने बैंक ऑफ जापान के दो प्रतिशत के लक्ष्य को पार कर लिया। देश में वेतन बढ़ने की संभावनाओं ने भी इस दिशा में अपना योगदान दिया, क्योंकि बढ़ता वेतन महंगाई को हवा देने वाला एक बहुत ही मुख्य और अहम घटक माना जाता है। इस बीच, अमेरिकी डॉलर के मोर्चे पर सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती उम्मीदों और अमेरिका तथा ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने अमेरिकी डॉलर को कुछ हद तक समर्थन प्रदान किया है, जिससे अमेरिकी मुद्रा पर बिकवाली का दबाव कम हुआ है।



















