वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में कनाडाई डॉलर (लूनी) और अमेरिकी डॉलर के बीच विनिमय दर एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। हालिया बाजार हलचलों के दौरान USD/CAD जोड़ी 1.3730 के अंतरिम लक्ष्य तक पहुंचने के बाद वापस संभलने में कामयाब रही है। हालांकि, अल्पकालिक अवधि में 1.3990 से 1.4030 के बीच 50-दिवसीय मूविंग एवरेज (50-DMA) और जुलाई का निचला स्तर एक मजबूत प्रतिरोध क्षेत्र के रूप में काम कर सकता है। यदि इस प्रतिरोध स्तर से पहले तेजी की रफ्तार रुकती है, तो गिरावट का मौजूदा दौर दोबारा शुरू होने की पूरी संभावना है। नीचे की ओर 1.3840 के आसपास बना हालिया पिवट लो पहला तात्कालिक सपोर्ट लेवल माना जा रहा है, और यदि मुद्रा जोड़ी इस स्तर से ऊपर टिकने में विफल रहती है तो मंदी के रुझान के दोबारा हावी होने का जोखिम बढ़ जाएगा।
बैंक ऑफ कनाडा का नीतिगत रुख और ब्याज दरों की स्थिति
कनाडा के केंद्रीय बैंक (BoC) की मौद्रिक नीति बैठक को लेकर वित्तीय बाजारों में व्यापक सहमति बनी हुई है कि नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। बैंक ऑफ कनाडा द्वारा अपनी बेंचमार्क दर को 2.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने की संभावना है, जो कि इसकी 2.25 प्रतिशत से 3.25 प्रतिशत की न्यूट्रल रेंज का सबसे निचला स्तर है। यह लगातार सातवीं ऐसी समीक्षा बैठक होगी जिसमें नीतिगत दरों को यथावत बनाए रखा गया है। लगातार सात बैठकों में दरों में बदलाव न करना यह दर्शाता है कि केंद्रीय बैंक को इस बात का पूरा भरोसा है कि उसकी मौजूदा नीति मध्यम अवधि में मुद्रास्फीति को तय लक्ष्य तक वापस लाने के लिए पूरी तरह से उपयुक्त है।
कनाडा में महंगाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो जुलाई के महीने में हेडलाइन मुद्रास्फीति की दर ऊर्जा कीमतों में आई तेजी के कारण दोबारा 3.0 प्रतिशत के पार निकल गई थी। हालांकि, बुनियादी मुद्रास्फीति दबावों को लेकर बहुत अधिक चिंता की स्थिति नहीं दिखती है। कोर मुद्रास्फीति दर वर्तमान में 1.9 प्रतिशत पर चल रही है, जो केंद्रीय बैंक के 2.0 प्रतिशत के आधिकारिक लक्ष्य से मामूली रूप से नीचे है। जुलाई की अपनी बैठक के दौरान केंद्रीय बैंक ने अनुमान लगाया था कि 2027 और 2028 तक देश की आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति दोनों औसतन 2 प्रतिशत के आसपास रहेंगी। यह आकलन केंद्रीय बैंक के संयम बरतने के रुख को और अधिक मजबूती प्रदान करता है। मनी मार्केट की मूल्य निर्धारण संरचना दर्शाती है कि अगले वर्ष अप्रैल तक ब्याज दरों में दो से अधिक बार बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है, जो कि अमेरिकी बाजार की अपेक्षाओं के बिल्कुल अनुरूप है।
बॉन्ड यील्ड स्प्रेड और व्यापारिक तनाव का प्रभाव
तकनीकी और मौलिक दृष्टिकोण से 2-वर्षीय ब्याज दर के अंतर के आधार पर USD/CAD जोड़ी इस समय काफी सस्ती नजर आती है। लूनी के 1.39 के मौजूदा मूल्यांकन को सही ठहराने के लिए कनाडा के सरकारी बॉन्ड (GCAN) की यील्ड में बढ़ोतरी आवश्यक है, साथ ही अमेरिकी और कनाडाई बॉन्ड यील्ड के बीच 133 बेसिस पॉइंट (bp) के अंतर का कम होना भी बेहद जरूरी है। इसके अतिरिक्त, बाजार विश्लेषकों का ध्यान इस बात पर भी केंद्रित है कि अमेरिका के साथ पिछले सप्ताह फिर से शुरू हुए टैरिफ विवादों के बाद केंद्रीय बैंक के आत्मविश्वास को कोई चुनौती मिलती है या नहीं। केंद्रीय बैंक के गवर्नर मैकलेम की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह मुद्दा प्रमुखता से उठ सकता है। वैश्विक स्तर पर सख्त मौद्रिक नीति की ओर झुकाव और कई देशों द्वारा न्यूट्रल नीतिगत स्तरों से सक्रिय समायोजन को देखते हुए यदि केंद्रीय बैंक का रुख थोड़ा सख्त (हॉकिश) रहता है, तो इससे बाजार को कोई हैरानी नहीं होगी।
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार और अमेरिकी डॉलर की स्थिति
वैश्विक करेंसी मार्केट के अन्य हिस्सों में भी व्यापक उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। बुधवार को शुरुआती यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान GBP/USD की जोड़ी गिरकर 1.3500 के स्तर के करीब पहुंच गई। मध्य पूर्व में जारी बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश वाली मुद्राओं की ओर बढ़ा है, जिससे ब्रिटिश पाउंड के मुकाबले अमेरिकी डॉलर को बल मिला है। बाजार के सभी प्रतिभागी अब शुक्रवार को जारी होने वाली अमेरिकी अगस्त जॉब्स रिपोर्ट का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर EUR/USD की जोड़ी पर भी मंदी का दबाव बना हुआ है। मंगलवार को नुकसान के साथ बंद होने के बाद बुधवार को यह जोड़ी 1.1600 से नीचे फिसलकर दो सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार कर रही है। मध्य पूर्व के तनाव और फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि की संभावनाओं के पुनर्मूल्यांकन ने अमेरिकी डॉलर को अतिरिक्त मजबूती दी है। कारोबारी दिन में आगे आने वाले अमेरिका के ADP प्राइवेट सेक्टर एम्प्लॉयमेंट डेटा पर भी निवेशकों की बारीक नजर रहेगी।
कच्चा तेल, डीजल क्रैक स्प्रेड और कीमती धातुएं
कमोडिटी मार्केट में सोने की कीमतों में शुरुआती गिरावट के बाद सुधार देखा गया है। चार सप्ताह के निचले स्तर से उबरकर सोना यूरोपीय सत्र की शुरुआत में 4,320 डॉलर प्रति औंस से ऊपर कारोबार कर रहा है। अमेरिकी डॉलर में आई मामूली नरमी सोने की कीमतों को सहारा दे रही है, यद्यपि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीदों के कारण बड़ी तेजी सीमित दिख रही है। मध्य पूर्व संघर्ष के गहराने से वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल की कीमतें 24 जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। WTI क्रूड में लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई है, जो पिछले छह सत्रों में पांचवीं बढ़त है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है, जिससे सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं को बल मिला है। हालांकि तेल बाजार सतही तौर पर शांत दिख सकता है, लेकिन डीजल बाजार से भिन्न संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड यानी WTI के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है और 102.00 डॉलर प्रति बैरल से अधिक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। इसके साथ ही, ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग (ADP) रिसर्च इंस्टीट्यूट अगले बुधवार को अगस्त महीने के लिए निजी क्षेत्र के रोजगार सृजन पर अपनी रिपोर्ट जारी करेगा, जिसमें अमेरिका में 47,000 नए रोजगार जुड़ने का अनुमान है, जो जुलाई के 44,000 के आंकड़े से थोड़ा अधिक है।



















