मिजोरम सरकार ने राज्यभर के स्कूली बच्चों में स्वच्छता, स्वास्थ्यप्रद आदतों और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक व्यापक स्वच्छता प्रतियोगिता की शुरुआत की है। इस विशेष अभियान को 'मिजोरम ग्रीन स्कूल्स लीग' नाम दिया गया है। राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बचपन से ही साफ-सफाई के प्रति जागरूक बनाना है ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत संयुक्त पहल
इस राज्यव्यापी प्रतियोगिता का आयोजन शहरी विकास और गरीबी उपशमन (UD&PA) विभाग तथा स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। यह पूरी पहल केंद्र सरकार के 'स्वच्छ भारत मिशन 2.0' के अंतर्गत संचालित की जा रही है। दोनों विभागों के समन्वय से इस योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की रूपरेखा तैयार की गई है।
तीन स्तरों पर आयोजित होगी प्रतियोगिता
ग्रीन स्कूल्स लीग का दायरा केवल किसी एक शहर या जिले तक सीमित नहीं रहेगा। यह प्रतियोगिता ब्लॉक स्तर, जिला स्तर और राज्य स्तर पर तीन चरणों में आयोजित की जाएगी। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों और छात्रों को नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। हालांकि, आयोजकों का मानना है कि नकद राशि केवल एक प्रोत्साहन है, जबकि असली मकसद छात्रों में अपने स्कूल, घर और आसपास के माहौल को स्वच्छ रखने की स्थायी भावना विकसित करना है।
प्रगति और विकास का मुख्य पैमाना है स्वच्छता
प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ करते हुए शहरी विकास और गरीबी उपशमन मंत्री के. सपडंगा ने कहा कि स्वच्छता और स्वच्छता संबंधी आदतें किसी भी समाज के विकास और प्रगति का प्राथमिक संकेतक होती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण तैयार करना संपूर्ण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें बच्चों और बड़ों दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है।
युवाओं की पहल और शिक्षकों की भूमिका
कार्यक्रम में मौजूद स्कूली शिक्षा मंत्री वनलालथलाना ने मिजोरम के युवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि हाल के दिनों में स्थानीय युवाओं ने उपेक्षित और गंदे क्षेत्रों में खुद से सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता के प्रति अद्भुत जागरूकता दिखाई है। उन्होंने शिक्षकों और स्कूल स्टाफ से अपील की कि वे स्वयं स्वच्छता का आदर्श उदाहरण पेश करें ताकि छात्र उनसे प्रेरणा ले सकें। स्कूली शिक्षा विभाग ने इस पूरी लीग को हर संभव प्रशासनिक और तकनीकी सहायता देने का आश्वासन दिया है।



















