चीन के व्यापारिक आंकड़े उम्मीद के मुताबिक न रहने के कारण न्यूजीलैंड डॉलर पर भारी दबाव देखा जा रहा है। ड्रैगन की अर्थव्यवस्था में घरेलू मांग कमजोर बनी रहने से जुड़ी चिंताओं ने कमोडिटी से जुड़े इस मुल्क की मुद्रा को प्रभावित किया है। दूसरी तरफ, अमेरिकी मुद्रा में जारी कमजोरी ने इसे पूरी तरह टूटने से बचाए रखा है।
चीन के आंकड़े और घरेलू मांग की चिंताएं
चीन और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक रिश्ते काफी गहरे हैं, जिसके चलते एशियाई बाजार के आंकड़े सीधे तौर पर असर डालते हैं। अगस्त के महीने में चीन का व्यापारिक सरप्लस बढ़कर $119.09B पर पहुंच गया, जो जुलाई में $112.5B था। इसके अलावा, निर्यात में साल-दर-साल आधार पर 25% की तेजी आई, जो पिछले महीने के 23.9% के मुकाबले बेहतर रफ्तार है।
इसके उलट, चीनी आयात में साल-दर-साल 28.2% की वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा जुलाई के 27.5% से तो ज्यादा था, लेकिन बाजारों की 30% बढ़ोतरी की उम्मीदों से काफी पीछे रह गया। इस सुस्ती ने साफ कर दिया है कि वहां घरेलू मांग अब भी बेहद कमजोर स्थिति में है, जिसका सीधा नकारात्मक असर न्यूजीलैंड डॉलर पर पड़ रहा है।
फेडरल रिजर्व की नीतियां और वैश्विक भू-राजनीति
अमेरिकी श्रम बाजार की मजबूती के चलते फेडरल रिजर्व को लेकर बाजार की उम्मीदें अभी भी बनी हुई हैं। अगस्त महीने में नॉनफार्म पेरोल्स में 162K की बढ़ोतरी हुई, जबकि बेरोजगारी दर स्थिर बनी रही। सीएमई फेडवॉच टूल के मुताबिक, सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना 58% से ज्यादा आंकी जा रही है।
दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजार की धारणा को और बिगाड़ दिया है। सप्ताहांत में हुई घटनाओं के बाद ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी तेल और गैस बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होने वाले यातायात में रुकावटें आने की आशंका है, जो संघर्ष से पहले वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा संभालता था, जिससे ऊर्जा कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं।
तकनीकी संकेतकों और ऊर्जा लागत का असर
ऊर्जा के मोर्चे पर आयात के लिए भारी मात्रा में निर्भर रहने वाला देश लगातार महंगी ऊर्जा लागत के जोखिम का सामना कर रहा है। कमजोर चीनी मांग और ऊंचे ऊर्जा भाव मिलकर इस मुद्रा के लिए चुनौती बने हुए हैं, हालांकि अमेरिकी डॉलर की कमजोरी निचले स्तरों पर सपोर्ट दे रही है।
चार्ट पर नजर डालें तो न्यूजीलैंड डॉलर और अमेरिकी डॉलर का यह जोड़ा मंदी के रुझान में बना हुआ है। यह 100-घंटे के सिंपल मूविंग एवरेज और 200-घंटे के एसएमए से नीचे कारोबार कर रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 46 के आसपास मंडरा रहा है, जो ओवरसोल्ड स्थिति के बजाय सीमित मंदी के संकेत देता है। नीचे की तरफ शुरुआती सपोर्ट मजबूत बना हुआ है, जबकि ऊपर की तरफ मूविंग एवरेज बाधा बने हुए हैं।



















