चांदी की कीमत में हाल के कारोबार में हल्की मजबूती देखने को मिली है और भाव करीब $66.60 प्रति औंस तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव $66.05 से लगभग 0.84% ज्यादा है। लेकिन इस बढ़त के बावजूद बाजार में सतर्कता साफ दिख रही है, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व यानी फेड की ब्याज दर बढ़ोतरी की बढ़ती आशंका ने चांदी को अहम प्रतिरोध स्तर के नीचे ही रोक रखा है।
फेड की ब्याज दर बढ़ोतरी की आशंका से घटी चमक
सोने की तरह चांदी पर भी कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता, इसलिए जब भी ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद बनती है, ऐसी धातुओं की चमक फीकी पड़ने लगती है। पिछले शुक्रवार को आए मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद से फेड की सख्त नीति अपनाने की उम्मीदें और पुख्ता हो गई हैं। सीएमई के फेडवॉच टूल के मुताबिक अगले हफ्ते होने वाली बैठक में 25 आधार अंकों की ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना करीब 60% आंकी जा रही है। ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशकों के लिए चांदी जैसी बिना ब्याज वाली संपत्ति में पैसा लगाना अपेक्षाकृत कम फायदेमंद हो जाता है, यही वजह है कि भाव में बढ़त के बावजूद तेजी को गति नहीं मिल पा रही।
कमजोर डॉलर ने संभाली गिरावट को रोकने की जिम्मेदारी
चांदी को बड़ी गिरावट से बचाने का काम फिलहाल कमजोर अमेरिकी डॉलर कर रहा है। छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती नापने वाला डॉलर इंडेक्स एक बार संक्षिप्त रूप से 99 के स्तर को छूने के बाद अभी करीब 98.82 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले दो हफ्तों से ज्यादा समय के सबसे निचले स्तर के आसपास है। चूंकि चांदी की कीमत दुनियाभर में डॉलर में तय होती है, इसलिए कमजोर डॉलर से दूसरी मुद्राओं में इसे खरीदना सस्ता पड़ता है, जिससे ब्याज दर बढ़ोतरी की आशंका से बना दबाव कुछ हद तक बेअसर हो जाता है।
इस हफ्ते के महंगाई आंकड़ों पर टिकी निगाहें
बाजार अभी कोई बड़ा दांव लगाने से बच रहा है क्योंकि इस हफ्ते अमेरिका से दो अहम आंकड़े आने बाकी हैं। गुरुवार को उत्पादक मूल्य सूचकांक यानी पीपीआई और शुक्रवार को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई के आंकड़े जारी होंगे। ये दोनों आंकड़े इसलिए अहम हैं क्योंकि इनसे यह तय होगा कि फेड 15-16 सितंबर को होने वाली अपनी नीतिगत बैठक में ब्याज दर बढ़ाने को लेकर कितना आश्वस्त रहेगा। अगर महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा तेज आते हैं, तो ब्याज दर बढ़ोतरी लगभग तय मानी जाएगी और चांदी पर दबाव और बढ़ सकता है, जबकि नरम आंकड़े आने पर चांदी की सुरक्षित निवेश और महंगाई से बचाव वाली मांग फिर बढ़ सकती है।
तकनीकी तस्वीर: सपोर्ट और मजबूत प्रतिरोध के बीच फंसी चांदी
डेली चार्ट पर देखें तो XAG/USD अभी भी 50-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज यानी एसएमए से ऊपर बना हुआ है, जो करीब $62 पर है। इसके अलावा 61.8% के फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर $60.97 से लेकर 38.2% के स्तर $64.80 तक एक मजबूत सपोर्ट बैंड भी मौजूद है। जब तक चांदी इस दायरे के ऊपर टिकी रहती है, तब तक बड़ी गिरावट की आशंका कम ही दिखती है।
असली चुनौती ऊपर की तरफ है। भाव अभी भी $67.28 पर मौजूद 100-दिन के एसएमए और 23.6% के फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर $67.17 से नीचे ही कारोबार कर रहा है, जिससे कुल मिलाकर रुझान तेजी का नहीं बल्कि न्यूट्रल यानी बेरुख बना हुआ है। ताजा मोमेंटम के आंकड़े भी इसी तस्वीर की पुष्टि करते हैं। RSI फिलहाल 54 पर है, जो पूरी तरह न्यूट्रल जोन में आता है और हफ्ते की शुरुआत में बताए गए 53 के स्तर से थोड़ा ऊपर है। वहीं MACD लाइन 1.02 पर है जबकि इसकी सिग्नल लाइन 1.33 पर, यानी हिस्टोग्राम -0.31 के साथ नेगेटिव बना हुआ है, जो बताता है कि ऊपर की तरफ मोमेंटम कमजोर पड़ रहा है। ADX भी सिर्फ 22 पर है, जो साफ दिखाता है कि चांदी अभी किसी मजबूत ट्रेंड में नहीं बल्कि सीमित दायरे में ही घूम रही है।
मूविंग एवरेज के व्यापक आंकड़े भी दिशाहीनता की यही कहानी बताते हैं। 20-दिन का EMA $65.75 पर, 50-दिन का EMA $65.00 पर और 200-दिन का EMA $65.82 पर है, जबकि 50-दिन का एसएमए $62.14 और 200-दिन का एसएमए $71.98 पर टिका है। 50-दिन के EMA का 200-दिन के EMA से नीचे आ जाना चार्ट पर एक तकनीकी 'डेथ क्रॉस' बनाता है, जिसे आमतौर पर मध्यम अवधि के मोमेंटम के कमजोर पड़ने का संकेत माना जाता है, भले ही भाव खुद ज्यादातर छोटी अवधि के औसतों से ऊपर लौट आया हो। बोलिंगर बैंड $63.22 से $69.81 के बीच बने हुए हैं और इनकी मध्य रेखा $66.51 पर है, फिलहाल भाव इसी बैंड के भीतर टिका है, जो चांदी के असमंजस की स्थिति को और पुख्ता करता है। स्टोकास्टिक ऑसिलेटर की फास्ट और सिग्नल दोनों लाइनें 43 पर बनी हुई हैं, जो फिर से किसी मजबूत दिशा के अभाव का ही संकेत देती हैं। ATR यानी एवरेज ट्रू रेंज 1.93 पर है, जिससे पता चलता है कि चांदी सामान्य तौर पर एक दिन में कितना घट-बढ़ सकती है, ट्रेडर इस आंकड़े का इस्तेमाल मौजूदा स्तरों के आसपास स्टॉप लॉस तय करने में कर सकते हैं।
आगे किन स्तरों पर रहेगी नजर
नीचे की तरफ 20-दिन का सपोर्ट करीब $63.12 पर है, सत्र का पिवट पॉइंट $66.82 पर है, जबकि करीबी सपोर्ट स्तर $65.81 और $65.01 पर मौजूद हैं। ऊपर की तरफ सबसे पहली बाधा $67.17 पर मौजूद 23.6% के फिबोनाची रिट्रेसमेंट और करीब $67 पर मौजूद 100-दिन के एसएमए का संगम है, इसके बाद $67.61 और $68.63 के प्रतिरोध स्तर आते हैं और फिर करीब $71.16 पर 20-दिन का व्यापक प्रतिरोध क्षेत्र है। अगर चांदी $67 से $67.28 के इस संगम के ऊपर बंद होने में कामयाब रहती है, तो यह एक अहम ब्रेकआउट संकेत होगा, जिससे भाव पिछले स्विंग हाई के करीब $71 और आखिरकार 200-दिन के एसएमए यानी $72 की तरफ बढ़ सकता है। चार्ट से हटकर देखें तो चांदी की 52-हफ्ते की कारोबारी रेंज $40.88 से लेकर $121.30 तक फैली है, जो यह याद दिलाती है कि मौजूदा दायरे से बाहर निकलते ही चांदी में कितनी तेज हलचल आ सकती है। इसके अलावा हाल में कारोबार वॉल्यूम अपने 20-दिन के औसत से 11 गुना से भी ज्यादा रहा है, जो दिखाता है कि भाव भले ही सीमित दायरे में हो, लेकिन बाजार की सक्रियता में जबरदस्त उछाल आया है।



















