चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने कारोबारी सत्र के लिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन की दैनिक संदर्भ दर 6.7162 निर्धारित की है। यह दर शुक्रवार को तय की गई 6.7180 की फिक्सिंग की तुलना में युआन को मामूली मजबूती प्रदान करती है। बाजार के अनुमानों में 6.6691 का स्तर आंका जा रहा था, जिसकी तुलना में केंद्रीय बैंक का यह नया आधिकारिक स्तर दोनों मुद्राओं के बीच विनिमय दर को नियंत्रित रखने की दिशा में एक अहम कदम है। विनिमय दर में स्थिरता लाना और कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखना चीनी केंद्रीय बैंक की प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके जरिए देश के समग्र आर्थिक विकास को गति दी जाती है। इसके साथ ही वित्तीय बाजारों को खोलने और सुधारों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य भी बैंक के संचालन का हिस्सा बना हुआ है।
चीनी मौद्रिक नीति और नियंत्रण का ढांचा
पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना पूरी तरह से चीनी गणराज्य के राज्य के स्वामित्व में संचालित होता है। इसे पश्चिमी देशों के केंद्रीय बैंकों की तरह स्वायत्त या पूरी तरह स्वतंत्र निकाय नहीं माना जाता। स्टेट काउंसिल के चेयरमैन द्वारा नामित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी समिति सचिव बैंक के प्रबंधन और परिचालन दिशा-निर्देशों में मुख्य प्रभाव रखते हैं, जो आमतौर पर गवर्नर की भूमिका से भी अधिक प्रभावशाली होता है। वर्तमान में मिस्टर पान गोंगशेंग इन दोनों महत्वपूर्ण पदों को संभाल रहे हैं। इस दोहरी जिम्मेदारी के कारण मौद्रिक नीति और प्रशासनिक फैसलों के बीच सीधा तालमेल दिखाई देता है।
नीतिगत लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए चीन का केंद्रीय बैंक कई विशिष्ट मौद्रिक उपकरणों का इस्तेमाल करता है। इन उपकरणों में सात-दिवसीय रिवर्स रेपो रेट, मीडियम-टर्म लेंडिंग फैसिलिटी, प्रत्यक्ष विदेशी मुद्रा बाजार हस्तक्षेप और रिजर्व रिक्वायरमेंट रेशियो शामिल हैं। हालांकि, देश की मानक ब्याज दर लोन प्राइम रेट कहलाती है। इस लोन प्राइम रेट में होने वाला कोई भी फेरबदल बाजार में लिए जाने वाले सामान्य कर्जों, होम लोन व बंधक दरों और बचत पर मिलने वाले ब्याज को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। इसी मानक दर के समायोजन से केंद्रीय बैंक चीनी रेन्मिन्बी की विनिमय दरों को भी निर्देशित करता है।
बैंकिंग प्रणाली और निजी डिजिटल ऋणदाता
चीन के विशाल और राज्य-नियंत्रित वित्तीय तंत्र के भीतर 19 निजी बैंक भी कार्य कर रहे हैं, जो कुल व्यवस्था का एक बहुत सीमित हिस्सा हैं। वर्ष 2014 में चीन ने राज्य के प्रभुत्व वाले वित्तीय क्षेत्र में घरेलू स्तर पर निजी पूंजी से संचालित बैंकों को काम करने की अनुमति दी थी। इन निजी वित्तीय संस्थानों में वेबैंक और मायबैंक सबसे बड़े डिजिटल लेंडर्स के तौर पर उभरे हैं। वेबैंक को प्रमुख तकनीकी दिग्गज टेंसेंट का समर्थन हासिल है, जबकि मायबैंक को आंट ग्रुप का सहयोग प्राप्त है। हालांकि ये निजी संस्थान डिजिटल बैंकिंग में प्रभावी हैं, लेकिन व्यापक वित्तीय तंत्र पर अब भी राज्य का नियंत्रण मजबूत बना हुआ है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर का संतुलन
एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी अपने एक महीने के उच्च स्तर को छूने के बाद हल्की गिरावट के साथ कारोबार करती दिखी। बाजार के कारोबारी इस सप्ताह आने वाले ऑस्ट्रेलिया के नवीनतम उपभोक्ता महंगाई आंकड़ों और फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के अहम नीतिगत फैसले से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं। इसके साथ ही, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा नवंबर में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी किए जाने की संभावनाओं से ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर में नरमी बने रहने से यह मुद्रा जोड़ी मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 0.7000 के स्तर से ऊपर टिकी हुई है।
येन और सोने के बाजार की चाल
अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की विनिमय दर ने सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की है। शुक्रवार को 156.00 के आसपास यानी एक महीने के निचले स्तर से दिखे हल्के उछाल के बाद यह जोड़ी आगे बढ़ रही है, जहां केंद्रीय बैंकों के बड़े आयोजनों से पहले ट्रेडर्स अपनी पोजीशन को समायोजित कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व बुधवार को और बैंक ऑफ जापान शुक्रवार को अपने नीतिगत फैसलों की घोषणा करेंगे। इसके अतिरिक्त, गुरुवार को अमेरिका के तीसरी तिमाही के अग्रिम जीडीपी आंकड़े और पीसीई मूल्य सूचकांक जारी होने हैं, जिससे विनिमय दरों को महत्वपूर्ण गति मिलने की उम्मीद है।
सोने के भाव पर नए सप्ताह की शुरुआत में भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है। एशियाई सत्र में पीली धातु 4,000 डॉलर के नीचे फिसलकर तीन महीने के निचले स्तर के करीब कारोबार करती नजर आई। ऊर्जा की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंताओं को फिर से हवा दी है, जिससे अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। बिना ब्याज देने वाली इस संपत्ति पर बढ़ती दरों का नकारात्मक असर पड़ रहा है। फिर भी, प्रमुख फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक से पहले बाजार सहभागी बहुत आक्रामक बिकवाली से बच रहे हैं।
फेडरल रिजर्व की नीति और राजनीतिक परिदृश्य
सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने के बाद, फेडरल रिजर्व अक्टूबर में अपनी दरों को स्थिर रखने की तैयारी में दिख रहा है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक आगे कदम उठाने से पहले आने वाले आर्थिक आंकड़ों का मूल्यांकन करना चाहता है। हालांकि केंद्रीय बैंकों के लिए ऐसा कदम असामान्य नहीं है, लेकिन यह रुख फेड चेयरमैन केविन वार्श के डेटा निर्भरता और अग्रिम मार्गदर्शन न देने के नए सिद्धांत के साथ कुछ विरोधाभास पैदा करता दिख रहा है।
आगामी 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिकी डॉलर एक निर्णायक दौर का सामना कर रहा है। वित्तीय बाजार दिसंबर में फेड की ओर से ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी कांग्रेस के नियंत्रण के लिए चल रहा राजनीतिक संघर्ष देश की राजकोषीय नीति की अपेक्षाओं को बदल सकता है, जिसका अप्रत्यक्ष प्रभाव 2027 में अमेरिकी मौद्रिक नीति की दिशा पर भी पड़ सकता है।



















