सोमवार को पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने आगामी कारोबारी सत्र के लिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले चीनी युआन की केंद्रीय संदर्भ दर 6.7208 निर्धारित की। यह दर पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को तय की गई 6.7220 की संदर्भ दर से थोड़ी मजबूत है, जबकि बाजार के विश्लेषकों का अनुमान 6.6897 के आसपास बना हुआ था। चीन का केंद्रीय बैंक हर कारोबारी सुबह युआन के लिए यह दैनिक मध्य बिंदु तय करता है, जिसके इर्द गिर्द घरेलू बाजार में मुद्रा को सीमित दायरे में कारोबार करने की अनुमति होती है। इस कदम से एशियाई मुद्रा विनिमय बाजार में नई दिशा देखने को मिली है, जहां प्रमुख वैश्विक मुद्राओं और कमोडिटी परिसंपत्तियों में तुरंत प्रतिक्रिया दर्ज की गई।
पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना का ढांचा और संचालन व्यवस्था
पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना का प्राथमिक मौद्रिक नीति उद्देश्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना, विनिमय दर में संतुलन सुरक्षित करना और व्यापक आर्थिक विकास को गति देना है। इसके साथ ही यह केंद्रीय बैंक देश के भीतर वित्तीय सुधारों को लागू करने, वित्तीय बाजारों को वैश्विक स्तर पर खोलने और आधुनिक वित्तीय प्रणाली का विस्तार करने की दिशा में भी निरंतर कार्य करता है। पश्चिमी देशों के स्वतंत्र केंद्रीय बैंकों की तुलना में इसका संगठनात्मक ढांचा काफी अलग माना जाता है।
यह वित्तीय संस्थान पूरी तरह से पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के स्वामित्व में आता है, जिसके कारण इसे स्वायत्त निकाय नहीं माना जाता है। संस्था के प्रबंधन और समग्र रणनीतिक दिशा पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की समिति के सचिव का सबसे निर्णायक प्रभाव होता है, जिनका नामांकन स्टेट काउंसिल के अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। परंपरागत तौर पर बैंक के गवर्नर की तुलना में पार्टी सचिव का पद अधिक प्रभाव रखता है। वर्तमान में पैन गोंगशेंग इन दोनों अहम पदों की जिम्मेदारी एक साथ संभाल रहे हैं, जिससे केंद्रीय बैंक के नेतृत्व और नीतिगत फैसलों में प्रशासनिक एकरूपता बनी हुई है।
मौद्रिक नीति के प्रमुख उपकरण और एलपीआर का प्रभाव
पारंपरिक पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कहीं अधिक व्यापक नीतिगत उपकरणों का उपयोग करता है। बाजार में तरलता के प्रबंधन और उधारी लागत को संतुलित करने के लिए बैंक मुख्य रूप से सात दिवसीय रिवर्स रेपो रेट, मध्यम अवधि की ऋण सुविधा यानी एमएलएफ, प्रत्यक्ष विदेशी मुद्रा बाजार हस्तक्षेप और आरक्षित नकदी अनुपात का सहारा लेता है। इन कई माध्यमों के जरिए अर्थव्यवस्था में पूंजी के प्रवाह और ऋण की उपलब्धता को नियंत्रित किया जाता है।
चीन की वित्तीय प्रणाली में लोन प्राइम रेट यानी एलपीआर सबसे महत्वपूर्ण बेंचमार्क ब्याज दर की भूमिका निभाती है। एलपीआर में होने वाले किसी भी बदलाव का सीधा और तुरंत असर आम बाजार में दिए जाने वाले वाणिज्यिक ऋणों, गृह ऋणों की लागत और व्यक्तिगत बचत पर मिलने वाले ब्याज पर पड़ता है। इस बेंचमार्क उधारी दर में संशोधन करके केंद्रीय बैंक देश की आंतरिक आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय विनिमय बाजार में चीनी रैनमिन्बी के मूल्य को भी प्रभावी ढंग से प्रभावित करता है।
चीन में निजी बैंकिंग का दायरा और डिजिटल विस्तार
चीन के कुल बैंकिंग परिदृश्य में सरकारी बैंकों का भारी दबदबा है, लेकिन देश में 19 निजी बैंक भी कार्य कर रहे हैं जो समूची वित्तीय प्रणाली का एक बहुत छोटा हिस्सा हैं। चीनी अधिकारियों ने साल 2014 में घरेलू निजी पूंजी से पूरी तरह स्थापित ऋणदाताओं को सरकारी प्रभुत्व वाले इस बैंकिंग क्षेत्र में परिचालन शुरू करने की औपचारिक अनुमति दी थी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छोटे कारोबारियों और तकनीकी उद्यमों तक संस्थागत ऋण की पहुंच बढ़ाना था।
इन निजी वित्तीय संस्थानों में सबसे बड़े नाम वीबैंक और मायबैंक हैं, जो मुख्य रूप से डिजिटल लेंडर के तौर पर काम करते हैं। इन दोनों बैंकों को चीन की दिग्गज तकनीकी कंपनियों टेनसेंट और ऐंट ग्रुप का मजबूत समर्थन हासिल है। इंटरनेट आधारित बुनियादी ढांचे पर निर्भर ये डिजिटल बैंक बिना पारंपरिक शाखाओं के करोड़ों ग्राहकों और छोटे व्यापारियों को लघु अवधि के ऋण उपलब्ध कराकर बैंकिंग क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए हैं।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और जापानी येन में कारोबारी हलचल
चीनी मुद्रा के दैनिक निर्धारण और क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक रुझानों के बीच सोमवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में लगातार दूसरे दिन लिवाली का जोर देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 0.6900 के निचले स्तर से उबरते हुए तीन महीने से अधिक के उच्चतम स्तर तक छलांग लगाई। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के सहायक गवर्नर क्रिस केंट की सख्त ब्याज दर टिप्पणियों ने इस तेजी को मजबूत सहारा दिया, जबकि निवेशक चीन के आगामी वृहद आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। दूसरी ओर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई हालिया नरमी ने डॉलर को शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के निचले स्तर के करीब सीमित रखा, जिससे इस मुद्रा जोड़ी को अतिरिक्त गति मिली।
जापानी येन के मुकाबले भी अमेरिकी डॉलर पर दबाव देखा गया। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी में नई बिकवाली देखी गई, हालांकि यह पिछले सप्ताह के न्यूनतम स्तर से ऊपर बनी रही। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट के साथ साथ जापानी अधिकारियों द्वारा संभावित बाजार हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन को समर्थन दिया है। बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काजुओ उएदा की नीतिगत सख्ती से जुड़ी टिप्पणियों ने भी डॉलर पर दबाव बढ़ाया, हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में दर बढ़ोतरी की संभावनाओं और वैश्विक भूराजनीतिक अनिश्चितताओं ने डॉलर के नुकसान को एक निश्चित सीमा में बांधे रखा।
सोने के भाव और डॉलर की दिशा
वैश्विक कमोडिटी बाजार में सोने ने नए सप्ताह का आगाज सकारात्मक रुख के साथ किया। पीली धातु 4,200 डॉलर के स्तर से ऊपर एक निरंतर बढ़त दर्ज करने की तैयारी में दिख रही है, जिसे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और कमजोर होते डॉलर से ताकत मिल रही है। हालांकि ब्याज दरों में वृद्धि की लगातार बनी हुई आशंकाएं और अंतरराष्ट्रीय भूराजनीतिक जोखिम अमेरिकी डॉलर को शुक्रवार के निचले स्तर से ज्यादा नीचे नहीं जाने दे रहे हैं, जिससे बिना ब्याज वाली संपत्ति के रूप में सोने की एकतरफा भारी तेजी पर फिलहाल कुछ अंकुश भी लगा हुआ है।

















