दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के शेयरों में बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली है, जहां इंट्राडे कारोबार के दौरान भाव में 12 प्रतिशत से ज्यादा की छलांग दर्ज की गई। इस तेजी के पीछे कंपनी को मिला एक बड़ा एलपीजी पाइपलाइन प्रोजेक्ट और एक अन्य पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम हिस्सेदारी की बिक्री मुख्य वजह रही है। शेयर बाजार में निवेशकों की तरफ से शुरुआती सत्र के बाद मुनाफावसूली किए जाने के कारण कारोबार के अंत में शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
सितंबर 10 को शेयर का प्रदर्शन और बाजार मूल्यांकन
10 सितंबर को बाजार बंद होने के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर दिलीप बिल्डकॉन का शेयर 404.95 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर बंद हुआ। इस दौरान शेयर में 3.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण यानी मार्केट कैप 6,578.20 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, कारोबारी सत्र के दौरान यह शेयर तेजी के साथ आसमान छूते हुए 12 प्रतिशत से अधिक ऊपर चढ़ गया था और intraday high के तौर पर 439.90 रुपये प्रति शेयर के स्तर तक पहुंच गया था।
मेखली पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड में हिस्सेदारी की बिक्री
10 सितंबर को जारी किए गए एक रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, दिलीप बिल्डकॉन ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी मेखली पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने के लिए निश्चित समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह एसपीवी कंपनी के निर्माणाधीन पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट का संचालन कर रही थी। इस प्रोजेक्ट की हिस्सेदारी अल्फा अल्टरनेटिव्स फंड एडवाइजर्स एलएलपी या उसके सहयोगियों तथा फंड्स को बेची गई है। इस पूरे ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 2,171 करोड़ रुपये आंकी गई है।
प्रोजेक्ट की तकनीकी और भौगोलिक रूपरेखा
मेखली पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड एक 400-किलोवॉट सब-स्टेशन पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के विकास, डिजाइनिंग और इंजीनियरिंग कार्य से जुड़ी हुई है। यह प्रोजेक्ट कर्नाटक के बेलगावी जिले में लगभग 470 सर्किट किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने और बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाने की योजना पर काम चल रहा है, जिसे अब अल्फा अल्टरनेटिव्स के प्रबंधित फंड्स द्वारा आगे बढ़ाया जाएगा।
1,800 करोड़ रुपये का नया एलपीजी पाइपलाइन ठेका
इससे पहले, दिलीप बिल्डकॉन ने पारादीप, ओडिशा से रायपुर, छत्तीसगढ़ तक पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पाद यानी एलपीजी पाइपलाइन बिछाने, उसका निर्माण करने, संचालन करने और विस्तार करने से जुड़ा एक नया ठेका हासिल करने की घोषणा की थी। इस प्रोजेक्ट की प्राधिकारी संस्था पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड यानी PNGRB है। इस बड़ी परियोजना के जरिए पूर्वी और मध्य भारत के बीच ऊर्जा परिवहन बुनियादी ढांचे को नया विस्तार मिलेगा।
एलपीजी पाइपलाइन समझौते की प्रमुख शर्तें
फाइलिंग के अनुसार, इस परियोजना में पीएनजीआरबी द्वारा एक विशेष लाइसेंस का अनुदान शामिल है, जिसके तहत एलपीजी परिवहन के लिए पाइपलाइन बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अधिकृत इकाई के रूप में काम किया जाएगा। इसमें वित्तपोषण, निर्माण और संचालन सभी शामिल हैं। निर्माण अवधि के 3 साल पूरे होने के बाद, अगले 25 वर्षों की परिचालन अवधि के लिए निर्धारित डिलीवरी पॉइंट तक एलपीजी परिवहन के वास्ते टैरिफ वसूलने का अधिकार भी शामिल है।
सड़क परिवहन पर निर्भरता में कमी और ओएमसी को लाभ
इस नए सौदे के तहत, पाइपलाइन का उपयोग विभिन्न तेल विपणन कंपनियों यानी OMCs के बॉटलिंग प्लांट तक एलपीजी के परिवहन को आसान बनाने के लिए किया जाएगा। इससे वर्तमान में टैंकरों के जरिए होने वाले सड़क आधारित एलपीजी परिवहन में भारी कमी आएगी या वह पूरी तरह से बदल जाएगा। इससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित होगा।
फाइलिंग के अनुसार, लागू पीएनजीआरबी ढांचे के तहत इस पाइपलाइन को कॉमन कैरियर के रूप में भी संचालित करने का प्रस्ताव है, जिससे पात्र ओएमसी और अन्य उपयोगकर्ता पाइपलाइन क्षमता का उपयोग कर सकेंगे। यह परियोजना पाइपलाइन के जरिए एलपीजी ढुलाई के लिए लागू पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइन परिवहन टैरिफ के माध्यम से राजस्व अर्जित करेगी।
यह विकास दिलीप बिल्डकॉन और ओएमसी दोनों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन माना जा रहा है। एसपीवी के माध्यम से दिलीप बिल्डकॉन की भूमिका एलपीजी पाइपलाइन बुनियादी ढांचे को विकसित करने, संचालित करने और परिवहन सेवाएं प्रदान करने की होगी। कंपनी इस स्पेशल पर्पस व्हीकल में 100 प्रतिशत इक्विटी अपने पास रखेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 1,800 करोड़ रुपये है और इसे आगामी 36 महीनों के भीतर पूरा किए जाने की उम्मीद है।
विश्लेषकों की राय और शेयर का टारगेट प्राइस
ट्रेंडलाइन के आंकड़ों के मुताबिक, दिलीप बिल्डकॉन के लिए 5 विश्लेषकों की सर्वसम्मत सिफारिश 'खरीदें' यानी BUY की है। अगले 12 महीनों के लिए औसत लक्ष्य मूल्य 515.60 रुपये तय किया गया है, जो मौजूदा स्तरों से आगे चलकर लगभग 26.5 प्रतिशत की संभावित बढ़त का संकेत देता है।


















