शिलांग में अगले साल आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए नीति आयोग की सदस्य डॉ. जोरम अनिया ने गुरुवार को एनईएचयू परिसर स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण यानी SAI ट्रेनिंग सेंटर का दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मौजूदा खेल बुनियादी ढांचे की स्थिति का आकलन करना और उन क्षेत्रों की पहचान करना था जहां सुधार या अपग्रेडेशन की आवश्यकता है।
विभिन्न खेल सुविधाओं का किया निरीक्षण
दौरे के दौरान डॉ. जोरम अनिया ने करीब दो घंटे तक सेंटर पर समय बिताया। इस दौरान उन्होंने फुटबॉल, एथलेटिक्स और तीरंदाजी के लिए उपलब्ध खेल सुविधाओं के साथ-साथ जूडो, मुक्केबाजी, कराटे, सेपक टकरा और जिम्नास्टिक के प्रशिक्षण ढांचे की बारीकी से समीक्षा की। इसके अलावा उन्होंने सेंटर पर अभ्यास कर रहे युवा एथलीटों से मुलाकात की और व्यक्तिगत रूप से उनसे बातचीत भी की।
अधिकारी और कोच रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान डॉ. जोरम अनिया के साथ खेल एवं युवा मामलों के निदेशक एलर्टसन नोंग्रिब, उप निदेशक पी.बी. वार नोंग्रिब के अलावा खेल प्राधिकरण के अधिकारी, विभिन्न खेलों के कोच और एथलीट भी मौजूद रहे।
शिलांग में खेल विकास की अपार संभावनाएं
निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. जोरम अनिया ने कहा कि शिलांग खेल के क्षेत्र में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और यहां विकास की अभी और गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि उनका यहां आने का मुख्य मकसद शहर में खेल के विकास को नजदीक से देखना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिलांग खेलों में बहुत बेहतर कर रहा है और वह इसे और भी ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहती हैं।
राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों पर विशेष फोकस
डॉ. अनिया ने स्पष्ट किया कि उनके इस दौरे का सीधा संबंध शिलांग द्वारा अगले वर्ष आयोजित किए जाने वाले आगामी राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों से भी है। उन्होंने कहा कि वह यह देखने आई हैं कि सेंटर में कौन सी कमियां हैं और खेल आयोजनों से पहले किन बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत है।





















