एशियाई कारोबारी सत्र की शुरुआत में यूरो डॉलर मुद्रा जोड़ी 1.1655 के स्तर के आसपास मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रही है, जिसे लाइव बाजार आंकड़ों में 1.17 के स्तर पर मजबूती से टिकी देखा गया है। विदेशी मुद्रा बाजार में यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दरों में आगे और बढ़ोतरी किए जाने की संभावनाओं को बल मिल रहा है। मध्य पूर्व में जारी अनिश्चितता और यूरोपीय क्षेत्र की मजबूत आर्थिक गतिविधियों के कारण मुद्रास्फीति पर दबाव बना हुआ है, जिससे केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीति को कठोर बनाए रखने के लिए बाध्य हो रहा है। वहीं दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का ध्यान शुक्रवार को आयोजित होने जा रहे जैक्सन होल सम्मेलन पर केंद्रित है, जहां अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश अपना महत्वपूर्ण संबोधन देने वाले हैं।
मौद्रिक नीति का दृष्टिकोण और ईसीबी का सख्त रुख
यूरोपीय सेंट्रल बैंक की कार्यकारी बोर्ड सदस्य इसाबेल श्नाबेल ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उधार लेने की लागत में वृद्धि का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में लगातार लंबे समय से जारी संघर्ष और यूरोपीय अर्थव्यवस्था की उम्मीद से बेहतर मजबूती के कारण मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी के जोखिम बने हुए हैं। इस पृष्ठभूमि में बैंक को महंगाई पर नियंत्रण पाने के लिए सख्त मौद्रिक नीतियां जारी रखनी होंगी। वित्तीय बाजारों के विश्लेषकों का आकलन है कि 10 सितंबर को होने वाली ईसीबी की आगामी बैठक में 24 बेसिस पॉइंट्स की दर वृद्धि की पूरी संभावना है, जबकि वर्ष के अंत तक कुल 40 बेसिस पॉइंट्स की संचयी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। स्कॉटियाबैंक के रणनीतिकारों का मानना है कि ईसीबी की इस नीतिगत सख्ती के चलते ही यूरो को लगातार समर्थन मिल रहा है, भले ही हालिया तेजी के बाद मुद्रा में थोड़ा समेकन देखा जा रहा हो।
अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़े और फेडरल रिजर्व की स्थिति
अटलांटिक पार अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के नवीनतम आंकड़ों ने बाजार की उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन किया है। अमेरिकी ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई महीने में कोर पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) मूल्य सूचकांक वार्षिक आधार पर 3.3% पर स्थिर रहा, जो कि बाजार के अनुमानों से मेल खाता है। हालांकि, मुख्य PCE मूल्य सूचकांक जुलाई में 3.7% की वार्षिक दर पर दर्ज किया गया, जो कि 3.6% के सर्वसम्मति अनुमान से अधिक रहा। मासिक आधार पर देखा जाए तो PCE मूल्य सूचकांक और कोर PCE मूल्य सूचकांक दोनों में ही जुलाई के दौरान 0.2% की वृद्धि दर्ज की गई। यह स्थिति दर्शाती है कि अमेरिका में भी महंगाई का दबाव पूरी तरह कम नहीं हुआ है, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों के संबंध में कड़े कदम उठाए जाने की संभावना बनी हुई है।
तकनीकी विश्लेषण और चार्ट के मुख्य स्तर
दैनिक चार्ट पर EUR/USD का मूल्य ढांचा सकारात्मक रुझान का प्रदर्शन कर रहा है। मुद्रा जोड़ी 100 दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) और बोलिंगर बैंड्स के 20 अवधि के SMA दोनों के ऊपर बनी हुई है, जो इस जोड़ी के लिए एक मजबूत तेजी का आधार तैयार कर रहे हैं। वर्तमान में मूल्य बोलिंगर बैंड के ऊपरी हिस्से पर दबाव बना रहा है, जहां ऊपरी बैंड निकटतम ओवरहेड आपूर्ति क्षेत्र के रूप में कार्य कर रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI 14) 65.8 के स्तर पर बना हुआ है, जबकि लाइव तकनीकी डेटा 66 का स्तर दर्शा रहा है। यह स्तर मजबूत तेजी की गति को रेखांकित करता है, हालांकि यह अत्यधिक खरीदे गए (ओवरबॉट) क्षेत्र के करीब पहुंचने का संकेत भी देता है।
गिरावट की स्थिति में, शुरुआती सपोर्ट 20 अवधि के SMA पर 1.1585 के पास बना हुआ है, जिसे 1.1575 पर स्थित 100 दिवसीय SMA से अतिरिक्त मजबूती मिलती है। यदि बाजार में कोई बड़ा सुधार आता है तो बोलिंगर बैंड का निचला स्तर 1.1462 एक गहरे मांग क्षेत्र के रूप में उभर सकता है। ऊपरी स्तरों की बात करें तो 1.1715 के आसपास बोलिंगर का ऊपरी बैंड तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में सामने है। यदि यूरो इस बाधा को स्थायी रूप से पार कर लेता है, तो तेजी का अगला दौर शुरू हो सकता है, जबकि इसे पार करने में विफलता की स्थिति में मूल्य पुनः मूविंग एवरेज सपोर्ट की ओर समेकित हो सकता है। लाइव मूविंग एवरेज डेटा के अनुसार EMA20 1.16 पर, EMA50 1.15 पर और EMA200 1.16 पर स्थित है, जिसमें pivot स्तर 1.17 पर कायम है।
यूरो मुद्रा की वैश्विक भूमिका और बाजार महत्व
यूरो यूरोपीय संघ के उन 20 सदस्य देशों की आधिकारिक मुद्रा है जो यूरोजोन का हिस्सा हैं। अमेरिकी डॉलर के बाद यह दुनिया में दूसरी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। वर्ष 2022 के वैश्विक आंकड़ों के मुताबिक, सभी विदेशी मुद्रा लेन-देन में यूरो की हिस्सेदारी 31% रही थी, जिसका औसत दैनिक कारोबार 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक था। EUR/USD वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा ट्रेड की जाने वाली मुद्रा जोड़ी है, जो कुल विदेशी मुद्रा व्यापार के अनुमानित 30% हिस्से के लिए जिम्मेदार है। इसके बाद EUR/JPY का हिस्सा 4%, EUR/GBP का 3% और EUR/AUD का 2% आता है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक का ढांचा और नीतियां
जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक पूरे यूरोजोन के लिए केंद्रीय बैंक की भूमिका निभाता है। ईसीबी का मुख्य कार्य ब्याज दरें निर्धारित करना और मौद्रिक नीति का संचालन करना है। बैंक का प्राथमिक उद्देश्य मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसका अर्थ मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना या आर्थिक विकास को गति देना है। इसका मुख्य हथियार ब्याज दरों को बढ़ाना या घटाना है। उच्च ब्याज दरें या दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें आमतौर पर यूरो के मूल्य को बढ़ाती हैं। ईसीबी की गवर्निंग काउंसिल वर्ष में आठ बार मौद्रिक नीति संबंधी निर्णय लेने के लिए बैठक करती है। इन बैठकों में निर्णय यूरोजोन के राष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों और ईसीबी की अध्यक्ष क्रिस्टीन लगार्ड सहित छह स्थायी सदस्यों द्वारा लिए जाते हैं।
आर्थिक संकेतक और व्यापार संतुलन का प्रभाव
हरमोनाइज्ड इंडेक्स ऑफ कंज्यूमर प्राइसेस (HICP) द्वारा मापा जाने वाला यूरोजोन मुद्रास्फीति डेटा यूरो के मूल्य निर्धारण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि मुद्रास्फीति ईसीबी के 2% के लक्ष्य से अधिक बढ़ती है, तो बैंक को दरों में वृद्धि करनी पड़ती है। अन्य देशों की तुलना में अधिक ब्याज दरें वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करती हैं, जिससे यूरो को मजबूती मिलती है। इसके अलावा जीडीपी, मैनुफैक्चरिंग एवं सर्विसेज PMI, रोजगार आंकड़े और उपभोक्ता भावना सर्वेक्षण भी यूरो की दिशा तय करते हैं। जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन की अर्थव्यवस्थाएं पूरे यूरोजोन की 75% अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करती हैं, इसलिए इनके आंकड़े विशेष रूप से प्रभावशाली होते हैं। इसके साथ ही व्यापार संतुलन आंकड़े भी निर्यात और आयात के अंतर को दर्शाकर यूरो की मांग और मूल्य को सीधे प्रभावित करते हैं।
अन्य वैश्विक परिसंपत्तियों और मुद्राओं का हाल
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में जीबीपी डॉलर (GBP/USD) जोड़ी में फिर से गिरावट देखी गई है और यह 1.3600 के स्तर से नीचे फिसल गई है। अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच पाउंड पर दबाव देखा गया। वहीं, सोने के बाजार में एशियाई सत्र के दौरान निचले स्तरों पर खरीदारी लौटती दिखी। होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी खबरों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी से सोने को समर्थन मिला, हालांकि अमेरिकी PCE मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने डॉलर को आधार प्रदान किया जिससे सोने की बढ़त सीमित रही।



















