अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में गुरुवार के शुरुआती यूरोपीय कारोबार के दौरान यूरो बनाम जापानी येन मुद्रा जोड़ी में कमजोरी का रुख बना रहा और भाव 179.85 के करीब फिसल गया। तकनीकी चार्ट पर 100-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज के नीचे बने रहने की वजह से यह गिरावट जारी है, जबकि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स भी मंदी के दबाव का संकेत दे रहा है। इसके साथ ही लाइव मार्केट डेटा में इस मुद्रा जोड़ी की चाल 179.73 पर देखी गई, जो पिछले बंद स्तर 180.27 से 0.30 प्रतिशत कम है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी का दायरा 174.83 से 187.93 के बीच दर्ज किया गया है।
तकनीकी स्तर और चार्ट पर मंदी का दबाव
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो इस मुद्रा जोड़ी में अल्पावधि का रुख कमजोर बना हुआ है। भाव इस समय 20-पीरियड बोलिंगर मिडल बैंड और 100-दिन के एसएमए के नीचे कारोबार कर रहा है। ऊपर की तरफ यह बोलिंगर बैंड की ऊपरी सीमा से सीमित है, जबकि 14-पीरियड का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 40 के आसपास टिका हुआ है। यह संकेत देता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है, हालांकि अभी अत्यधिक बिकवाली जैसी स्थिति नहीं बनी है। इसके अतिरिक्त तकनीकी अध्ययनों में 14-पीरियड का एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स 31 पर है, जो मौजूदा ट्रेंड के मजबूत होने की पुष्टि करता है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस संकेतक -1.15 और सिग्नल लाइन -1.29 पर दर्ज है, जिसमें हिस्टोग्राम 0.14 के साथ हल्का सुधार दिखा रहा है। 50-दिवसीय ईएमए 182.43 और 200-दिवसीय ईएमए 182.82 के साथ डेथ क्रॉस की स्थिति दर्शा रहे हैं, जो लंबी अवधि के डाउनट्रेंड का प्रमाण है।
ऊपर की ओर पहला मनोवैज्ञानिक अवरोध 180.00 के स्तर पर उभर रहा है। यदि भाव इससे ऊपर निकलता है, तो 180.70 पर स्थित बोलिंगर मिडल बैंड और फिर 184.05 पर 100-दिवसीय एसएमए का सामना करना होगा। इस स्तर को पार करने के बाद 185.50 के आसपास स्थित ऊपरी बोलिंगर बैंड की राह खुल सकती है। लाइव डेटा के अनुसार दैनिक पिवट स्तर 179.83 पर है, जिसके ऊपर पहला रेजिस्टेंस 180.15 और दूसरा रेजिस्टेंस 180.57 के स्तर पर बना हुआ है।
नीचे की ओर शुरुआती सहारा 17 सितंबर के निचले स्तर 178.48 पर मौजूद है, जिसके बाद 14 सितंबर का निचला स्तर 177.45 एक अन्य सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है। इससे नीचे जाने पर बोलिंगर बैंड की निचली सीमा 175.91 पर मजबूत रुकावट प्रदान करती है। इस दायरे से नीचे लगातार बने रहने पर मुद्रा जोड़ी में और गहरी सुधारात्मक गिरावट देखने को मिल सकती है। मौजूदा ट्रेडिंग सत्र में तात्कालिक सपोर्ट स्तर 179.41 और उसके बाद 179.08 पर आंके गए हैं, जबकि 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज 1.35 पर है।
जापान में मुद्रा दखल की आशंका और बाजार का मिजाज
विदेशी मुद्रा व्यापारी जापानी अधिकारियों की ओर से मुद्रा बाजार में किसी भी संभावित सीधे हस्तक्षेप को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं, खासकर हालिया रेट चेक के बाद यह निगरानी और कड़ी हो गई है। एबरी पार्टनर्स में मार्केट स्ट्रैटेजी प्रमुख मैथ्यू रयान ने स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मुद्राओं को सहारा देने के लिए एफएक्स हस्तक्षेप एक भोथरा हथियार बना हुआ है, और एक मजबूत मौद्रिक नीति प्रतिक्रिया के बिना जापानी अधिकारियों के लिए येन में बिकवाली को रोकना मुश्किल होगा।
जापानी येन दुनिया की सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्राओं में से एक है। इसका मूल्य व्यापक रूप से जापानी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन, बैंक ऑफ जापान के नीतिगत कदमों, जापानी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के अंतर तथा निवेशकों के जोखिम उठाने की क्षमता जैसे कई अहम कारकों से तय होता है। बैंक ऑफ जापान के मुख्य दायित्वों में मुद्रा नियंत्रण भी शामिल है, इसलिए इसके फैसले येन के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होते हैं। अतीत में केंद्रीय बैंक ने येन के मूल्य को नियंत्रित करने के लिए सीधे बाजार में दखल दिया है, हालांकि प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक चिंताओं के कारण ऐसा बार-बार करने से बचा जाता है।
बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति में बदलाव
वर्ष 2013 से 2024 के बीच बैंक ऑफ जापान की अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति के चलते येन में प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले भारी गिरावट आई थी, क्योंकि अन्य केंद्रीय बैंक अपनी ब्याज दरें बढ़ा रहे थे। पिछले एक दशक में बैंक ऑफ जापान के इस रुख से अमेरिकी फेडरल रिजर्व और जापानी नीति के बीच बड़ा अंतर पैदा हुआ, जिसने 10-वर्षीय अमेरिकी और जापानी बॉन्ड यील्ड के अंतर को बढ़ाया और अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी। हालांकि 2024 में केंद्रीय बैंक ने अपनी इस अति-उदार नीति को धीरे-धीरे समाप्त करने का निर्णय लिया, जिससे येन को दोबारा सहारा मिलने लगा है।
हालिया मौद्रिक समीक्षा में बैंक ऑफ जापान ने अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह निर्णय 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम है। यह कदम बाजार की उन उम्मीदों के पूरी तरह अनुकूल रहा जो पिछले कई हफ्तों से लगाई जा रही थीं। जापानी बॉन्ड यील्ड में लगातार हो रही बढ़ोतरी से भी येन को मजबूती मिल रही है। संकट और उथल-पुथल के दौर में जापानी येन को एक सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है, जिससे जोखिम भरे समय में वैश्विक निवेशक इसमें पूंजी लगाना पसंद करते हैं।
वैश्विक बाजारों और अन्य मुद्राओं का हाल
विदेशी मुद्रा बाजार के अन्य हिस्सों में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर एशियाई सत्र में 0.7000 के स्तर की ओर गिरता दिखा। यह गिरावट ऑस्ट्रेलिया के अगस्त रोजगार आंकड़ों के आने के बाद आई, जिसमें बेरोजगारी दर अनुमानित 4.5 प्रतिशत के मुकाबले बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गई, हालांकि रोजगार सृजन के आंकड़े अनुमान से बेहतर रहे और 39.5 हजार दर्ज किए गए। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली अहम बैठक से पहले कारोबारी काफी सतर्क बने हुए हैं।
उधर अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन तीन हफ्ते के उच्च स्तर से पीछे हटते हुए एशियाई सत्र में 158.00 के करीब नुकसान के साथ कारोबार करता नजर आया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से दरों को लेकर आक्रामक रुख की उम्मीदों और ऊंची बॉन्ड यील्ड के दम पर डॉलर इंडेक्स दो महीने के उच्च स्तर के करीब बना रहा, लेकिन जापानी बॉन्ड प्रतिफल में तेजी और टोक्यो के संभावित दखल ने येन को मजबूती दी। जिंस बाजार में सोना गुरुवार के शुरुआती कारोबार में 4,300 डॉलर प्रति औंस के नीचे साप्ताहिक निचले स्तर पर स्थिर रहा, जहां व्यापारी ट्रंप और शी जिनपिंग की बातचीत के नतीजों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और बढ़ती यील्ड ने शेयर बाजारों की हालिया तेजी पर ब्रेक लगा दिया है, जिससे वैश्विक इक्विटी सूचकांकों पर दबाव बना हुआ है।



















